भाई की अस्थियां गले में टांगकर इंसाफ मांगने पहुंचा युवक, बोला- “समझौता करो वरना फंसा देंगे”

Jhansi News: झांसी में एक युवक अपने भाई की अस्थियां गले में टांगकर कलेक्ट्रेट पहुंचा और पुलिस पर समझौते का दबाव बनाने का आरोप लगाया। सरकारी हैंडपंप में करंट लगने से हुई मौत के मामले में पीड़ित परिवार ने निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग की है

Gaurav kushwaha
Published on: 27 May 2026 9:22 PM IST (Updated on: 27 May 2026 9:53 PM IST)
भाई की अस्थियां गले में टांगकर इंसाफ मांगने पहुंचा युवक, बोला- “समझौता करो वरना फंसा देंगे”
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Jhansi News: झांसी में गुरुवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। टोड़ीफतेहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम विक्रमपुरा निवासी सियाराम अपने मृत भाई की अस्थियां गले में टांगकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। आंखों में आंसू और चेहरे पर बेबसी लिए उसने अधिकारियों से कहा कि वह अपने भाई का अस्थि विसर्जन तक नहीं कर पा रहा है, क्योंकि पुलिस उस पर समझौते का दबाव बना रही है। सियाराम ने प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा कि उसे और उसके परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं। उसने अधिकारियों को शिकायती पत्र देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग की।

सरकारी हैंडपंप पर पानी पीने गया था युवक

पीड़ित के मुताबिक, गांव के ही कुछ दबंग और प्रभावशाली लोगों ने सरकारी हैंडपंप में समरसेबल पंप डाल रखा था। आरोप है कि उस समरसेबल में बिजली का कनेक्शन सीधे उनके घर से जोड़ा गया था। सियाराम ने बताया कि 23 मई 2026 की शाम करीब सात बजे उसका भाई चतुर्भुज पानी पीने के लिए उसी सरकारी हैंडपंप पर गया था। तभी मोटर चालू कर दी गई और हैंडपंप में करंट दौड़ने लगा। पानी पीते समय चतुर्भुज करंट की चपेट में आ गया। परिजन उसे गंभीर हालत में अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार का कहना है कि यह हादसा लापरवाही नहीं बल्कि सीधे तौर पर जानलेवा लापरवाही का मामला है।

रिपोर्ट दर्ज कराने में भी करनी पड़ी मशक्कत

परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद जब वे थाने पहुंचे तो पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज करने में टालमटोल की। कई बार गुहार लगाने और रिश्तेदारों के दबाव के बाद 24 मई 2026 को थाना टोड़ीफतेहपुर में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने अनिल पटेल और पृथ्वी सिंह पटेल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 289, 352 और 106(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया। हालांकि परिवार का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई।

“पुलिस कह रही है समझौता कर लो”

सियाराम ने अपने शिकायती पत्र में गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि आरोपी गांव में खुलेआम घूम रहे हैं और लोगों से कह रहे हैं कि पुलिस उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिसकर्मी भी उन पर लगातार समझौते का दबाव बना रहे हैं। सियाराम के अनुसार, पुलिस ने कहा कि यदि समझौता नहीं किया गया तो परिवार के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कर दिए जाएंगे। यही नहीं, परिवार का आरोप है कि पुलिस बार-बार गांव में पहुंचकर उन्हें डराने का काम कर रही है। डर और तनाव का आलम यह है कि परिवार अब तक मृतक की अस्थियों का विसर्जन भी नहीं कर पाया है।

गांव छोड़ने की नौबत

परिवार का कहना है कि आरोपी प्रभावशाली हैं और पुलिस उनके साथ खड़ी दिखाई दे रही है। इसी कारण पूरा परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। सियाराम ने कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं कि अब गांव छोड़ने तक की नौबत आ गई है। उसने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की जांच किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई हो।

सुरक्षा की मांग के साथ इंसाफ की उम्मीद

सियाराम ने अधिकारियों से यह भी मांग की है कि परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए ताकि वे अपने भाई का अंतिम संस्कार और अस्थि विसर्जन हिंदू रीति-रिवाज से कर सकें। कलेक्ट्रेट में युवक को भाई की अस्थियां गले में लटकाए देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो उठे। अब सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है कि पीड़ित परिवार को न्याय और सुरक्षा कब तक मिल पाती है।

Harsh Sharma

Harsh Sharma

Content Writer Mail ID - harsha4avan@gmail.com

Harsh Sharma is a Content Writer at Newstrack.com.

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