Jhansi News: ऑनलाइन सट्टा रैकेट का भंडाफोड़, बसपा नेता प्रेम खटीक गैंग के 4 सदस्य गिरफ्तार

Jhansi News: झांसी में ऑनलाइन सट्टा रैकेट का भंडाफोड़। बसपा नेता प्रेम खटीक से जुड़े नेटवर्क समेत 4 आरोपी गिरफ्तार, लाखों का डेटा और उपकरण बरामद।

Gaurav Kushwaha
Published on: 18 May 2026 6:27 PM IST (Updated on: 18 May 2026 8:26 PM IST)
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Jhansi News(Photo-Social Media)

Jhansi News: झांसी पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गैंग का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में बसपा नेता प्रेम खटीक से जुड़े नेटवर्क का भी खुलासा हुआ है। पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार यह गैंग मुंबई, दिल्ली, ग्वालियर, इंदौर और झांसी सहित कई शहरों में ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क संचालित कर रहा था। कार्रवाई बबीना थाना क्षेत्र में की गई, जहां सूचना के आधार पर एक मकान पर छापा मारकर चार लोगों को पकड़ा गया।

गिरफ्तार आरोपियों में संतोष श्रीवास, उमेश गुप्ता, आशीष अग्रवाल और सचिन कुमार यादव शामिल हैं। पुलिस ने मौके से तीन लैपटॉप, एक टैबलेट, 17 मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, 10 रजिस्टर, लगभग 1.5 करोड़ रुपये के लेनदेन का हिसाब और 3,96,208 चिप्स/क्वॉइन बरामद किए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी से जुड़ा हुआ था। आरोपियों ने बताया कि वे प्रेम खटीक और निहाल से सट्टे की आईडी लेकर 30 प्रतिशत कमीशन पर काम कर रहे थे, जबकि लाभ का बड़ा हिस्सा एडमिन के पास जाता था।

पुलिस के अनुसार, प्रेम खटीक और निहाल इस नेटवर्क के मुख्य संचालक हैं, जो वर्तमान में मुंबई, दिल्ली, ग्वालियर, इंदौर और झांसी में सक्रिय रहकर सट्टे का संचालन कर रहे हैं। गिरोह के सदस्य ग्रामीण क्षेत्रों में किराए के मकानों में सेटअप बनाकर अवैध गतिविधियां चला रहे थे। यूपीआई और विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये का लेनदेन किया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

एसपी सिटी प्रीति सिंह ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर सट्टा और अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने साफ किया है कि इस प्रकार के अवैध नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

Anjali Soni

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