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Jhansi News: झांसी के ओपन जिम सूने, 10 रुपये शुल्क देने से कतरा रहे युवा
Jhansi News: स्मार्ट सिटी ने 6 करोड़ रुपये खर्च कर 42 ओपन जिम बनवाए, लेकिन 10 रुपये प्रवेश शुल्क के विरोध से अधिकांश जिमों में युवाओं की संख्या घट गई।
झांसी के ओपन जिम सूने, 10 रुपये शुल्क देने से कतरा रहे युवा (Photo- Newstrack)
Jhansi News: करीब पांच वर्ष पूर्व स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने 6 करोड़ रुपए का भारी भरकम बजट खर्च करके महानगर के पार्कों में 42 ओपन जिम बनाए थे। इनमें से 11 जिमों विभिन्न विभागों के हैंडओवर कर दिए, ताकि वह इनका भली भांति संचालन कर सकें। बाकी के 31 जिमों का संचालन स्मार्ट सिटी लिमिटेड को करना था लेकिन उसने इनसे पीछा छुड़ाते हुए इन जिमों के रख रखाव, संचालन और सुरक्षा की जिम्मेदारी ठेकेदार को सौंप दी। वहीं जब इन जिमों में प्रवेश शुल्क 10 रुपए किया जोकि ज्यादातर लोगों को रास नहीं आया। ऐसे में यहां एक्सरसाइज करने वाले ज्यादातर युवाओं ने शुल्क अदा करने से मना कर दिया। अब अधिकांश ओपन जिमों के बाड़े में चंद युवा ही एक्सरसाइज करते नजर आते हैं। इन हालातों में जिम संचालित कर रहे ठेकेदार कृष्णा डिस्ट्रीब्यूटर को मुनाफा तो दूर की बात अपनी गांठ के पैसे लगाने पड़ रहे हैं।
42 छोटे-बड़े पार्कों में बने थे ओपन जिम
मालूम हो कि झांसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा 5 वर्ष पूर्व महानगर के 42 छोटे-बड़े पार्कों में ओपन जिम बनाए गए थे। इन ओपन अत्याधुनिक उपकरण भी रखे गए थे। मकसद था महानगर के युवा नौजवान पीढ़ी यहां कसरत करके अपने को सेहतमंद बना सके। यहां प्रशिक्षित ट्रेनर भी रखने की योजना थी। इन 42 जिम में से 11 जिम तो निजी संस्थाओं या संबंधित विभागों के हैंडओवर कर दिए गए। बाकी चचे 31 जिम जहां कसरत करने का न्यूनतम शुल्क दस रुपये निर्धारित किया गया है।
शुरूआत में तो सब ठीकठाक रहा। लेकिन बाद में कुछ पार्षदों ने यहां लगने वाले रोजाना 10 रुपए (मासिक सदस्यता 200 रुपए तथा वार्षिक 700 रुपए) का विरोध करना शुरू कर दिया। तर्क दिए जाने लगे कि उनका मोहल्ला मलिन बस्ती में है इसलिए वे शुल्क अदा नहीं कर सकते। इन हालातों में इन जिमों का संचालन करना भारी पड़ने लगा। यहां प्रशिक्षित ट्रेनर रखना मुश्किल हो गया। अब मुहल्ले के युवा यहां आते तो हैं, थोड़ी बहुत एक्सरजाइज करके या टहलकर चले जाते हैं।
स्मार्ट सिटी दे रहा 1.80 लाख रुपए
स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा 31 जिमों के रखरखाव व ट्रेनर/सुरक्षा गार्ड के वेतन देने का काम कांट्रेक्टर को सौंप दिया है। मजे की बात तो यह है कि स्मार्ट सिटी द्वारा 31 ओपन जिमों के रख रखाव और जिम ट्रेनर/सुरक्षा गार्ड के वेतन के नाम पर कांट्रेक्टर को महज प्रतिमाह 1लाख 80 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। यानि एक जिम के लिए सिर्फ 6 हजार रुपए की धनराशि प्रतिमाह दी जा रही है। साथ ही शर्त यह है कि ओपन जिम से शुल्क के नाम पर जो पैसा आएगा उसमें से पचास प्रतिशत स्मार्ट सिटी को सौंपी जाएगी। आश्चर्य की बात तो यह है कि 6 हजार रुपए में जिम के उपकरणों में होने वाली टूट फूट की मरम्मत और ट्रेनर के साथ सुरक्षा गार्ड का वेतन शामिल है। इतनी कम राशि अदा करने पर पार्षद भड़क रहे हैं।
मजे की बात तो यह है कि पार्षद कल तक जो पार्षद जिम में प्रवेश शुल्क लगाने का विरोध कर रहे थे वही पार्षद अब प्रति जिम दी जाने वाली 6 हजार रुपए की राशि का विरोध करने लगे हैं। एक पार्षद का कहना है कि एक प्रशिक्षित जिम ट्रेनर को कम से कम प्रतिमाह 20 हजार रुपए प्रतिमाह मिलने चाहिए। जिम में आने वाले युवाओं को निर्धारित शुल्क भी अदा करना चाहिए। युवा अपने शौक पर हजारों रुपए तो खर्च कर देते हैं परंतु अपना स्वास्थ्य बनाने के लिए रोज मात्र दस रुपए खर्च नहीं कर सकते।


