TRENDING TAGS :
Jhansi News: झांसी सट्टा कांड में पुलिस लीक, IPL नेटवर्क से बढ़ा बवाल
Jhansi News: रॉयल सिटी सट्टा कनेक्शन में पुलिस-खबरनवीस गठजोड़, करोड़ों के क्वाइन्स, IPL बेटिंग और भाजपा नेता के नाम से झांसी में मचा हड़कंप।
झांसी सट्टा कांड में पुलिस लीक, IPL नेटवर्क से बढ़ा बवाल (Photo- Newstrack)
Jhansi News: झांसी में चर्चित रॉयल सिटी सट्टा कारोबार मामले में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी से जुड़े बताए जा रहे आशीष उपाध्याय के सट्टा नेटवर्क का संचालन करने वाले बर्खास्त सिपाही रजत कुमार को पुलिस कार्रवाई की भनक पहले ही लग गई थी। आरोप है कि पुलिस विभाग के ही कुछ लोगों ने छापेमारी से पहले सूचना लीक कर दी, जिसके चलते रजत कई बैग में सामान भरकर मौके से फरार हो गया।
बताया जा रहा है कि फ्लैट में मौजूद दो युवतियां सबूत मिटाने में जुटी थीं और उन्हें भी कुछ सामान लेकर निकलना था, लेकिन पुलिस की घेराबंदी के कारण वे भाग नहीं सकीं। सूत्रों के अनुसार पुलिस पहुंचने से करीब एक घंटे पहले कई गाड़ियों में बैग भरकर संदिग्ध सामान बाहर भेजा गया। अब कॉलोनी और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाने की मांग उठ रही है।
खाकी-खादी संरक्षण में चल रहा था सट्टे का काला कारोबार
सूत्रों का दावा है कि महानगर की पॉश कॉलोनियों में लंबे समय से सट्टे का नेटवर्क सक्रिय था, जिसे कथित तौर पर खाकी और खादी का संरक्षण प्राप्त था। आरोप है कि सट्टा कारोबारियों से महंगे उपहार, ज्वैलरी और “हफ्ता” लिया जाता था। मामले में कई तथाकथित सफेदपोशों और प्रभावशाली लोगों की भूमिका की भी चर्चा है।
भाजपा नेता आशीष उपाध्याय पर उठे सवाल
सट्टा कारोबार में नाम आने के बावजूद भाजपा नेता आशीष उपाध्याय के खिलाफ पार्टी स्तर पर अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि वह अभी भी जिला सहकारी बैंक में डायरेक्टर पद पर बने हुए हैं। राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है।
पत्नी का दर्जा नहीं मिला, जेल जरूर पहुंच गई
सट्टा गिरोह में गिरफ्तार युवती यशस्वी द्विवेदी की कहानी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस के अनुसार एमए और बीएड कर चुकी यशस्वी कभी शिक्षिका बनना चाहती थी। बाद में उसकी दोस्ती बर्खास्त सिपाही रजत सिंह से हुई और दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे।
पुलिस जांच में सामने आया कि रजत ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क संचालित करता था और यशस्वी को इसकी पूरी जानकारी थी। धीरे-धीरे वह भी इस कारोबार का हिस्सा बन गई। गिरफ्तारी के बाद यशस्वी ने कथित तौर पर कहा कि “रजत पत्नी का दर्जा नहीं दिला सका, मगर जेल जरूर पहुंचा दिया।”
आशीष को नैनी जेल भेजे जाने की चर्चा
सूत्रों के अनुसार प्रशासन को आशंका है कि यदि आशीष उपाध्याय को झांसी जेल में रखा गया तो वह वहीं से अपना नेटवर्क संचालित कर सकता है। इसी वजह से उसे नैनी जेल शिफ्ट किए जाने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
खबरनवीसों के नाम आने से मचा हड़कंप
जांच के दौरान बरामद डायरी और चैट में कुछ तथाकथित खबरनवीसों के नाम भी सामने आने की चर्चा है। सूत्रों के अनुसार कुछ लोगों ने क्षेत्रवार “वसूली नेटवर्क” बना रखा था और सट्टेबाजों से कथित चौथ वसूलते थे। पुलिस अब इस एंगल पर भी जांच कर रही है।
छोटी शुरुआत से करोड़ों के नेटवर्क तक पहुंचा आशीष
जानकारी के मुताबिक आशीष उपाध्याय के पिता कृषि विभाग में बाबू थे। वर्ष 2007 में आशीष को कथित रूप से सट्टा खिलाने के आरोप में पकड़ा भी गया था। बाद में उसने जमीन कारोबार और राजनीतिक संपर्कों के जरिए बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया। सूत्र बताते हैं कि उसने कई प्रभावशाली लोगों के साथ काम करते हुए अपना रसूख बढ़ाया।
IPL सट्टा खिलाते युवक को प्रेमनगर पुलिस ने दबोचा
इसी बीच प्रेमनगर थाना पुलिस ने आईपीएल सट्टेबाजी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके तीन साथी फरार हो गए। पुलिस ने आरोपी के पास से मोबाइल फोन, मोटरसाइकिल और ऑनलाइन सट्टे से जुड़े क्वाइन्स बरामद किए हैं।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सोहन यादव उर्फ सोनू निवासी हंसारी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार उसके मोबाइल में चार वेबसाइट्स मिलीं, जिनके जरिए आईपीएल सट्टा खेला जा रहा था। पुलिस ने बताया कि अब तक सट्टा नेटवर्क से जुड़े सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
करोड़ों के क्वाइन्स और लाखों की रकम फ्रीज
पुलिस के मुताबिक अब तक की कार्रवाई में 24 लाख रुपये से अधिक की बैंक राशि फ्रीज की गई है। साथ ही 2.80 लाख रुपये नकद, 10 मोबाइल फोन और करीब 17 करोड़ क्वाइन्स सीज किए गए हैं। पुलिस को आरोपियों की चैट से कई अहम सुराग मिले हैं और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।


