Jhansi:सोमनाथ प्राण प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूर्ण, ललित कला संस्थान में शिव चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित

Jhansi News: सोमनाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूर्ण होने पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के ललित कला संस्थान में भगवान शिव पर आधारित चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई।

Gaurav kushwaha
Published on: 12 May 2026 4:21 PM IST
Jhansi:सोमनाथ प्राण प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूर्ण, ललित कला संस्थान में शिव चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित
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Jhansi News: वर्ष 1951 में सम्पन्न हुई पवित्र सोमनाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” बड़े उत्साह एवं श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। इसी श्रृंखला में उत्तर प्रदेश में “सोमनाथ संकल्प महोत्सव” का आयोजन किया गया, जिसने भारतीय सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक परंपरा तथा राष्ट्रीय आत्मगौरव के पुनर्जागरण का संदेश जन-जन तक पहुँचाया। इसी कड़ी में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी स्थित ललित कला संस्थान में भगवान शिव की उपासना एवं भक्ति को समर्पित चित्रकला प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया।

इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा एवं आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति आस्था जागृत करना था। प्रतियोगिता में लगभग 75 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी कला पारखी दृष्टि, रचनात्मकता एवं भगवान शिव के प्रति अपनी निष्ठा को रंगों के माध्यम से साकार किया। विद्यार्थियों ने भगवान शिव के विविध स्वरूपों को कैनवास पर उकेरते हुए उनकी महिमा, तप, करुणा एवं विराट स्वरूप को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। किसी ने नटराज के रूप में शिव की दिव्यता को दर्शाया तो किसी ने कैलाशपति भोलेनाथ के ध्यानमग्न स्वरूप को चित्रित किया। कई विद्यार्थियों ने शिव और प्रकृति के संबंध को अपनी कलाकृतियों में विशेष रूप से अभिव्यक्त किया।

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों की कलाकृतियों का अवलोकन कर प्रसन्नता व्यक्त की तथा उनके सृजनात्मक प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि “सत्यम् शिवम् सुन्दरम्” की अवधारणा भगवान शिव में ही समाहित है। भगवान शिव त्रिकालदर्शी हैं, जिनकी आराधना से समस्त दुखों का निवारण होता है तथा मानव जीवन में शांति, शक्ति एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति सदैव अध्यात्म और कला का संगम रही है तथा इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं।

कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वयन कर रहीं समन्वयक डॉ. श्वेता पाण्डेय ने कहा कि ललित कला संस्थान के विद्यार्थी प्रत्येक आयोजन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि सीमित समय में इतनी सुंदर एवं भावपूर्ण कलाकृतियों का निर्माण करना उनकी प्रतिभा, साधना और समर्पण को दर्शाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में देशप्रेम, सांस्कृतिक चेतना एवं भक्ति भावना के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस अवसर पर डॉ. अजय कुमार गुप्ता ने कहा कि कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और संस्कृति को जोड़ने वाला सशक्त सेतु है। कला अध्यापक गजेंद्र सिंह ने बताया किभगवान शिव पर आधारित यह चित्रकला प्रतियोगिता विद्यार्थियों को भारतीय परंपरा की गहराई एवं आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का एक सार्थक प्रयास है।इस अवसर पर संस्थान की डॉ. सुनीता, डॉ. अजय कुमार गुप्ता, डॉ. दिलीप कुमार, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. रानी शर्मा, डॉ. अंकिता शर्मा तथा गजेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में प्रतिभागी पंकज, आदर्श, फैशल उस्मानी, दीपिका राजपूत, प्रिया यादव, निशा, आदेश, अनुज, सलोनी, दिव्या, चंचल साहू, शुभ, महाश्वेता, आर्यन एवं अन्य विद्यार्थियों ने अपनी उत्कृष्ट कला प्रतिभा का प्रदर्शन कर सभी दर्शकों का मन मोह लिया।

Shalini singh

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