कल का मौसम 22 अगस्त: दिल्ली-UP से MP तक भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ा

Kal Ka Mausam 22 August 2026: दिल्ली-NCR, यूपी, MP, बिहार, हिमाचल और उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट है। यूपी के कई जिलों में नदियां उफान पर हैं।

Alakha Singh
Published on: 21 Aug 2026 7:45 PM IST (Updated on: 21 Aug 2026 7:49 PM IST)
कल का मौसम 22 अगस्त: दिल्ली-UP से MP तक भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ा
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Kal Ka Mausam 22 August 2026: देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर सक्रिय है। दिल्ली-NCR से लेकर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड तक बारिश का दौर तेज होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, 22 अगस्त को दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में व्यापक बारिश, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 22 से 24 अगस्त तक बारिश जारी रह सकती है।

21 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा पूर्वी यूपी, पंजाब, उत्तराखंड और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी भारी बारिश हुई। लगातार बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण उत्तर प्रदेश की कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है।

दिल्ली-NCR में 22 अगस्त को बढ़ेगी बारिश

दिल्ली-NCR में शनिवार यानी 22 अगस्त को बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। IMD ने दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में व्यापक बारिश का अनुमान जताया है। बादल छाए रहने और बारिश के कारण तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है।

बारिश के कारण दिल्ली के कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक की समस्या पैदा हो सकती है। लोगों को मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

यूपी में फिर तेज होगी बारिश, पूर्वी हिस्से में ज्यादा असर

उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर फिलहाल थमता नहीं दिख रहा है। पूर्वी यूपी में 22 से 24 अगस्त तक व्यापक बारिश का अनुमान है, जबकि कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है।

पश्चिमी यूपी में पहले ही भारी बारिश हो चुकी है। 21 अगस्त को कुछ हिस्सों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण यूपी की कई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है।

ऐसे में नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

यूपी के कई जिलों में उफान पर गंगा-यमुना और घाघरा

लगातार बारिश और नदियों में बढ़ते जलप्रवाह ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में चिंता बढ़ा दी है। गंगा, यमुना, घाघरा, सरयू और गोमती समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। राज्य में 13 से अधिक जिले और सैकड़ों गांव बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं और 84 हजार से ज्यादा आबादी पर इसका असर पड़ा है।



प्रयागराज और वाराणसी में बढ़ी चिंता

प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। निचले इलाकों में बाढ़ का पानी रिहायशी क्षेत्रों तक पहुंच गया है। वाराणसी में भी गंगा के बढ़े जलस्तर का असर घाटों पर दिखाई दे रहा है।



मणिकर्णिका, हरिश्चंद्र और नमो घाट के डूबने से सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।


फर्रुखाबाद और बिजनौर में भी हालात गंभीर

फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों के संपर्क प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है। वहीं बिजनौर में खो नदी का तेज बहाव किनारे के इलाकों के लिए खतरा बना हुआ है।

गोंडा और बाराबंकी में घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बदायूं, बहराइच, बलिया, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मुजफ्फरनगर, सीतापुर, मिर्जापुर, बांदा और उन्नाव समेत कई जिलों में भी नदियों का जलस्तर चिंता बढ़ा रहा है।

प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ा

प्रयागराज में गंगा और यमुना में भारी मात्रा में पानी आने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। करीब नौ लाख क्यूसेक पानी आने के बीच बारिश जारी रहने पर दोनों नदियों का जलस्तर और तेजी से बढ़ सकता है।

प्रशासन ने तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क किया है। गंगा और यमुना का जलस्तर 81 मीटर के पार जाने पर शहर के कई निचले मोहल्लों में पानी घुसने की आशंका रहती है। इसी को देखते हुए बाढ़ शरणालयों की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

जिला------प्रयागराज

खतरे का स्तर-84.734 मीटर

दिनांक------21.08.2026

समय------ सायं 4:00 बजे

यमुना नदी

नैनी-------80.51 मी (+09)

फाफामऊ--80.81 मी (+04)

छतनाग----80.11मी (+08)

एस.टी.पी बक्सी बंध-80.66 (+06)

1,589 बाढ़ चौकियां, 1,263 राहत शिविर तैयार

बाढ़ की आशंका को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन ने तैयारियां बढ़ा दी हैं। राज्य में निगरानी के लिए 1,589 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं, जबकि प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखने के लिए 1,263 राहत शिविर तैयार किए गए हैं।

रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए 428 से अधिक नावों और मोटर बोट्स की व्यवस्था की गई है। NDRF और स्थानीय गोताखोरों को भी जरूरत के मुताबिक तैनात किया गया है। प्रभावित इलाकों में भोजन के पैकेट और जरूरी दवाइयां पहुंचाई जा रही हैं। आपात स्थिति के लिए 1070 हेल्पलाइन भी सक्रिय है।

MP में 22 अगस्त से फिर तेज बारिश

मध्य प्रदेश में भी बारिश से फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद कम है। IMD के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश में 22 से 26 अगस्त और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 22 से 25 अगस्त तक भारी बारिश हो सकती है।

21 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। ऐसे में अगले कुछ दिनों में निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय नदियों-नालों के जलस्तर बढ़ने की स्थिति बन सकती है।

बिहार में 22 से 24 अगस्त तक बारिश का दौर

बिहार में भी मानसून सक्रिय रहने वाला है। राज्य में 22 से 24 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश का अनुमान है। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

कुछ स्थानों पर तेज हवाओं और आकाशीय बिजली का खतरा भी बना रहेगा। ऐसे में बारिश और बिजली चमकने के दौरान लोगों को खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।

हिमाचल और उत्तराखंड में भी मौसम खराब

हिमाचल प्रदेश में 21 और 22 अगस्त को व्यापक बारिश की संभावना है। इसके बाद भी 23 से 27 अगस्त के बीच कई हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क बाधित होने और स्थानीय नालों के उफान पर आने का खतरा बना हुआ है।

उत्तराखंड में भी 21 से 27 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश और गरज-चमक हो सकती है। पहाड़ी इलाकों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन का जोखिम देखते हुए यात्रियों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।

इन राज्यों में भी बारिश का असर

22 अगस्त को पूर्वी और मध्य भारत के साथ देश के कई अन्य हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है।

भारी बारिश: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वी मध्य प्रदेश।

व्यापक बारिश: झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्से।

द्वीपीय क्षेत्र: अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी बारिश जारी रहने की संभावना।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, केरल और लक्षद्वीप में व्यापक बारिश, जबकि कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है।

22 अगस्त को कहां रखें सबसे ज्यादा सावधानी?

22 अगस्त को भारी बारिश के कारण दिल्ली-NCR और यूपी में जलभराव, मध्य प्रदेश और बिहार में भारी बारिश व आकाशीय बिजली तथा हिमाचल-उत्तराखंड में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बना रह सकता है।

नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। पहाड़ी क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों को मौसम की स्थिति और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी देखकर ही यात्रा करनी चाहिए। भारी बारिश के दौरान नदी, नाले और जलभराव वाले रास्तों को पार करने से बचना सबसे जरूरी है।

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Alakha Singh is a journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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