कन्नौज DM अग्निहोत्री की बढ़ी मुश्किलें! मंत्री ने अनुशासनहीनता पर थमाया सख्त पत्र, लापरवाही पर मांगी सफाई

Asim Arun Letter to Kannauj DM: कन्नौज DM आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की बढ़ी मुश्किलें! मंत्री असीम अरुण ने अफसरों की लेट-लतीफी पर जताया कड़ा विरोध। जानें क्यों 45 मिनट इंतजार के बाद बीच में ही कार्यक्रम छोड़ लौटे मंत्री और क्या है वायरल पत्र की पूरी सच्चाई।

Harsh Sharma
Published on: 27 March 2026 12:22 PM IST (Updated on: 27 March 2026 12:23 PM IST)
कन्नौज DM अग्निहोत्री की बढ़ी मुश्किलें! मंत्री ने अनुशासनहीनता पर थमाया सख्त पत्र, लापरवाही पर मांगी सफाई
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Asim Arun Letter to Kannauj DM: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में जीरो टॉलरेंस और अनुशासन का डंडा अब अपनी ही अफसरशाही पर चलने लगा है। कन्नौज से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने जिले के जिलाधिकारी (DM) आशुतोष मोहन अग्निहोत्री को एक बेहद सख्त पत्र लिखकर अपनी गहरी नाराजगी जाहिर की है। मामला अनुशासनहीनता और समय की पाबंदी से जुड़ा है, जहाँ मंत्री जी को अफसरों के इंतजार में 45 मिनट तक बैठना पड़ा। अंत में, आत्मसम्मान और अनुशासन को सर्वोपरि रखते हुए मंत्री असीम अरुण बिना कार्यक्रम शुरू किए ही वहां से वापस लौट गए।

मुख्य अतिथि समय पर, आयोजक नदारद

घटना 26 मार्च 2026 की है, जब कन्नौज में एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में असीम अरुण को मुख्य अतिथि के रूप में शाम 5:30 बजे आमंत्रित किया गया था। पूर्व आईपीएस अधिकारी रहे असीम अरुण अपनी समयबद्धता के लिए जाने जाते हैं, और वे ठीक समय पर कार्यक्रम स्थल पहुँच गए। लेकिन वहां पहुँचते ही उन्हें जो नजारा दिखा, उसने शासन की छवि पर सवाल खड़े कर दिए। मुख्य आयोजक, एसडीएम सुश्री वैशाली, मंत्री के पहुँचने के 15 मिनट बाद तक गायब थीं। उनके बाद एडीएम साहब का आगमन हुआ। मंत्री जी ने पत्र में विस्तार से लिखा कि वे लगभग 45 मिनट तक अकेले मंच के पास इंतजार करते रहे, जबकि लाउडस्पीकर से बार-बार घोषणा हो रही थी कि "कार्यक्रम आपके आगमन पर शुरू होगा।"



"अनुशासन ही शासन की नींव है"

असीम अरुण ने अपने पत्र में केवल नाराजगी ही नहीं जताई, बल्कि अफसरों को अनुशासन का पाठ भी पढ़ाया। उन्होंने स्पष्ट रूप से लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली से लोक सेवकों को प्रेरणा लेनी चाहिए। मंत्री ने कहा, "समय की पाबंदी शासन की नींव है। अगर जिम्मेदार अधिकारी ही समय पर नहीं पहुँचेंगे, तो जनता के बीच क्या संदेश जाएगा?" उन्होंने डीएम को हिदायत दी कि भविष्य में उनके या उनकी टीम द्वारा आयोजित किसी भी कार्यक्रम में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो। मंत्री का यह कड़ा रुख सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे योगी सरकार के 'अनुशासन मॉडल' के तौर पर देखा जा रहा है।

प्रशासनिक अमले में मची खलबली

मंत्री के इस कड़े पत्र के बाद कन्नौज के प्रशासनिक अमले में सन्नाटा पसरा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्यक्रम रोमा समुदाय से संबंधित था, जिसमें कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होनी थीं। मंत्री के वापस लौट जाने से कार्यक्रम की रौनक फीकी पड़ गई। वहीं, विपक्षी दलों ने इस घटना को हाथो-हाथ लिया है। विपक्ष का कहना है कि जब सरकार के मंत्रियों की ही अफसर नहीं सुन रहे, तो आम जनता का क्या हाल होगा? हालांकि, सत्ताधारी दल के नेताओं का कहना है कि यह असीम अरुण जी का व्यक्तिगत अनुशासन है और वे गलत परंपराओं को बढ़ावा नहीं देना चाहते। जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन बताया जा रहा है कि संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

Harsh Sharma

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Content Writer Mail ID - harsha4avan@gmail.com

Harsh Sharma is a Content Writer at Newstrack.com.

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