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कानपुर देहात: दबंगों ने कब्जाई दिव्यांग की जमीन, न्याय के लिए दर-दर भटक रहा पीड़ित परिवार
Kanpur Dehat News: कानपुर देहात में दिव्यांग की पुश्तैनी जमीन पर दबंगों के कब्जे का आरोप, पीड़ित परिवार न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहा है।
Kanpur Dehat News
Kanpur Dehat News: उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में भू-माफियाओं और दबंगों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि वे अब समाज के सबसे असहाय और दिव्यांग लोगों को भी निशाना बनाने से नहीं चूक रहे हैं। ताजा मामला रुरा थाना क्षेत्र के भंवरपुर चैनपुर गांव का है, जहां एक दिव्यांग व्यक्ति अपनी पुश्तैनी जमीन, कुएं और आम रास्ते को दबंगों के चंगुल से छुड़ाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है। पीड़ित ने न्याय की गुहार लगाते हुए जिलाधिकारी (DM) से शिकायत दर्ज कराई है।
ग्राम प्रधान पर दबंगों को शह देने का आरोप
पीड़ित दिव्यांग विश्वनाथ कुशवाहा ने जिलाधिकारी को सौंपे शिकायती पत्र में गांव के ही कुछ रसूखदार और दबंग किस्म के लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विश्वनाथ का कहना है कि गांव के शिवकुमार और उनके साथियों ने मिलकर उसके खेत, कुएं और गांव के आम रास्ते पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है।पीड़ित का आरोप है कि इस पूरे मामले में भंवरपुर चैनपुर गांव के वर्तमान ग्राम प्रधान रामनरेश कुशवाहा की पूरी मिलीभगत है। ग्राम प्रधान के संरक्षण में ही ये दबंग लगातार उसकी जमीन पर कब्जा जमाए हुए हैं और विरोध करने पर उसे डराते-धमकाते हैं।
अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर पीड़ित परिवार
पीड़ित विश्वनाथ कुशवाहा ने बताया कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब वह अपनी फरियाद लेकर अधिकारियों के पास पहुंचा है। इससे पहले भी वह जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस से कई बार लिखित शिकायत कर चुका है।हम कई बार बड़े अधिकारियों के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन आज तक हमें सिर्फ आश्वासन मिला, न्याय नहीं। दबंगों के खौफ और प्रशासन की ढील के कारण मेरा पूरा परिवार मानसिक रूप से परेशान और हैरान है।"
— विश्वनाथ कुशवाहा, पीड़ित
तहसीलदार ने दिए निष्पक्ष जांच और टीम गठित करने के आदेश
इस पूरे संवेदनशील मामले को लेकर जब अकबरपुर के तहसीलदार से बात की गई, तो उन्होंने मामले की गंभीरता को स्वीकार किया। तहसीलदार ने बताया:
पीड़ित दिव्यांग का प्रार्थना पत्र प्राप्त हो चुका है।
मामले की जमीनी हकीकत जानने के लिए एक राजस्व टीम गठित करने का आदेश दे दिया गया है।
टीम जल्द ही मौके पर जाकर पैमाइश और जांच करेगी।
जांच रिपोर्ट के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार दोषियों के खिलाफ सख्त और निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन की इस टीम गठित करने के बाद पीड़ित दिव्यांग परिवार को उसका हक और न्याय मिल पाता है या फिर दबंगों के रसूख के आगे यह मामला भी ठंडे बस्ते में चला जाएगा।


