Kanpur Dehat News: सपा कार्यकर्ताओं पर मुकदमे के विरोध में अरुण यादव ने आंदोलन की चेतावनी दी

Kanpur Dehat News: कानपुर देहात में सपा कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमे को लेकर जिलाध्यक्ष अरुण यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मामले को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताते हुए चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई वापस नहीं ली गई तो पार्टी कार्यकर्ता व्यापक आंदोलन करेंगे।

Sharad Awasthi
Published on: 15 Jun 2026 6:45 PM IST
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Kanpur Dehat News(Photo-Social Media)

Kanpur Dehat News: जनपद में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज किए जाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस पूरे घटनाक्रम पर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष अरुण यादव (बबलूराज) ने प्रशासन और सत्ता पक्ष के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एक बेहद तीखा और बड़ा बयान जारी किया है।

भाजपा के दबाव में की गई 'फर्जी' कार्रवाई: सपा

​सपा जिलाध्यक्ष अरुण यादव ने सीधे तौर पर जिला प्रशासन और पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह पूरी कार्रवाई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं के इशारे और दबाव में की गई है। उन्होंने दर्ज हुए मुकदमे को पूरी तरह 'फर्जी' करार दिया है। अरुण यादव का कहना है कि समाजवादी पार्टी की लगातार बढ़ती लोकप्रियता और PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज के कार्यकर्ताओं के बुलंद हौसलों को दबाने के लिए पुलिस को हथियार बनाकर इस तरह की दमनकारी कार्रवाई की जा रही है।

​जब पुलिस खुद साथ थी, तो मुकदमा किस आधार पर?

​सपा नेतृत्व ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जिलाध्यक्ष और अन्य सपा नेताओं का दावा है कि: ​ज्ञापन सौंपने के इस कार्यक्रम की लिखित और पूर्व सूचना जिला प्रशासन को नियमानुसार दी गई थी। ​पूरे कार्यक्रम के दौरान, पार्टी कार्यालय से लेकर कलेक्ट्रेट परिसर तक भारी मात्रा में पुलिस बल सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहा। ​सपा नेताओं ने तीखा सवाल पूछते हुए कहा, "जब पूरा कार्यक्रम पुलिस की मौजूदगी और सुरक्षा के साए में संपन्न हुआ, तो फिर बाद में किस आधार पर और

किन धाराओं में कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया?"

सपा जिलाध्यक्ष अरुण यादव ने प्रशासन से मांग की है कि पार्टी कार्यकर्ताओं पर दर्ज किए गए इस फर्जी मुकदमे को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यह दमनकारी कार्रवाई वापस नहीं ली गई, तो समाजवादी पार्टी चुप नहीं बैठेगी। कार्यकर्ताओं के सम्मान के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में पूरे जनपद में एक बड़ा और उग्र आंदोलन खड़ा किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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