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Kanpur Dehat News: शिक्षा सुधार और पेपर लीक पर कड़ा कानून बनाने को लेकर SDM सिकंदरा को ज्ञापन
Kanpur Dehat News: कानपुर देहात में छात्रों और अभिभावकों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार व पेपर लीक रोकने के लिए 9 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन SDM सिकंदरा के माध्यम से राज्यपाल को भेजा। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
Kanpur Dehat News(Photo-Social Media)
Kanpur Dehat News: प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार और लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग को लेकर बुधवार को सैकड़ों छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने अपनी आवाज बुलंद की। सिकंदरा तहसील में छात्रों और अभिभावकों ने उप जिलाधिकारी (SDM) सिकंदरा के माध्यम से राज्यपाल महोदया को संबोधित 9 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
यह ज्ञापन विश्व मानवाधिकार परिषद के पूर्व जिलाध्यक्ष और सिकंदरा व्यापार समिति के युवा नगर अध्यक्ष शिवम सोनी एडवोकेट के नेतृत्व में सौंपा गया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिवम सोनी ने कहा कि प्रदेश में बार-बार हो रही पेपर लीक की घटनाओं से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। मेहनत करने वाले योग्य अभ्यर्थियों का मनोबल टूटता है और शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक करने वाले दोषियों के खिलाफ जल्द से जल्द कठोर कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कानून बनाया जाए।
जौहर विश्वविद्यालय के छात्रों के भविष्य की भी उठी मांग
ज्ञापन में मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के भविष्य का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। छात्रों की मांग है कि किसी भी प्रशासनिक या कानूनी विवाद का असर अध्ययनरत विद्यार्थियों की परीक्षा, डिग्री और शैक्षणिक भविष्य पर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए उचित कदम उठाने की मांग की।
ज्ञापन में रखी गईं 9 प्रमुख मांगें
पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून बनाया जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
जौहर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की परीक्षा और डिग्री सुरक्षित रखी जाए।
गरीब और पिछड़े वर्ग के छात्रों को समय पर छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जाए।
रिक्त पदों पर पारदर्शी प्रक्रिया के तहत जल्द भर्ती की जाए।
परीक्षा, परिणाम और डिग्री वितरण की प्रक्रिया समयबद्ध की जाए।
डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली में आने वाली समस्याओं को दूर किया जाए।
निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर रोक लगाई जाए।
पाठ्यक्रम को कौशल विकास और उद्योगों की जरूरतों के अनुसार अपडेट किया जाए।
डिग्री कॉलेजों में कैंपस प्लेसमेंट की सुविधा अनिवार्य की जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान चंद्रगुप्त कुशवाहा, रिशू सविता, अमित वर्मा, ऋषभ सिंह चौहान, रियाज, अमित निषाद, ठाकुर प्रसाद कश्यप, अरविंद कटियार, राकेश दोहरे, बालेंद्र कटियार, विपिन प्रियदर्शी, सौरभ वर्मा, चिराग पोरवाल, जितेंद्र सिंह एडवोकेट, दीपांशु शर्मा, सुशील पोरवाल, अरविंद पाल सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे। छात्रों और अभिभावकों ने उम्मीद जताई कि सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाएगी और विद्यार्थियों के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी।


