Kanpur News: बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारी: बैजामऊ में NDRF और SDRF के साथ की गई विशेष मॉक ड्रिल

Kanpur News: सिकंदरा प्रशासन ने बेजामऊ गांव में NDRF और SDRF के साथ बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए एक विशेष मॉक ड्रिल का आयोजन किया।

Manoj Singh
Published on: 11 Jun 2026 5:11 PM IST
Kanpur News: बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारी: बैजामऊ में NDRF और SDRF के साथ की गई विशेष मॉक ड्रिल
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Kanpur Dehat News

Kanpur Dehat News: संभावित बाढ़ की विभीषिका और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए तहसील प्रशासन सिकंदरा पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। बाढ़ की भयावह स्थिति को देखते हुए प्रशासन द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों की सुरक्षा के मद्देनजर एक वृहद मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह विशेष युद्धाभ्यास तहसील क्षेत्र के बैजामऊ गांव में संपन्न हुआ।

प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ अभ्यास

इस विशेष मॉक ड्रिल का नेतृत्व उपजिलाधिकारी (SDM) प्रद्युम्न कुमार, तहसीलदार राकेश चंद्र और नायब तहसीलदार सुप्रिया याज्ञिक ने संयुक्त रूप से किया। आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए आयोजित इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग (Fire Brigade), एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और विशेष आपदा बचाव राहत दल ने हिस्सा लिया और आपातकाल से निपटने की अपनी तैयारियों का प्रदर्शन किया।

क्षेत्र के ये गांव हैं बाढ़ से संवेदनशील

प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, तहसील सिकंदरा क्षेत्र के कई गांव यमुना और अन्य जलस्रोतों के चलते बाढ़ से प्रभावित होते हैं। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं: गौहानी बांगर, बेजामऊ, अमरोहट, बेहमई, खोज रामपुर,जैसलपुर महादेव इन गांवों में बाढ़ की संवेदनशीलता को देखते हुए हर साल मानसून और जलस्तर बढ़ने से पहले इस तरह की मॉक ड्रिल आयोजित की जाती है, ताकि समय रहते जान-माल की रक्षा की जा सके।

राहत शिविर, स्वास्थ्य स्टॉल और आपदा मित्रों की तैनाती

बेजामऊ में आयोजित इस मॉक ड्रिल के दौरान प्रशासन द्वारा पीड़ितों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं, जिनमें शामिल हैं:

स्वास्थ्य विभाग का स्टॉल: ग्रामीणों और संभावित पीड़ितों को बीमारियों से बचाने, उनका इलाज करने और ठहरने के लिए सुरक्षित स्थान (राहत शिविर) सुनिश्चित किए गए।

अग्निशमन व बचाव दल: फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीमों द्वारा बाढ़ आपदा किट के साथ लाइफ जैकेट, नाव और अन्य अत्याधुनिक उपकरणों के जरिए पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का सजीव प्रदर्शन (मॉक ड्रिल) किया गया।

बाढ़ आपदा मित्रों की नियुक्ति: आपात स्थिति में सबसे पहले स्थानीय स्तर पर मदद पहुंचाने के लिए गांव में 'बाढ़ आपदा मित्रों' की भी नियुक्ति की गई है, जो प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सेतु का काम करेंगे।

इस दौरान एसडीएम प्रद्युम्न कुमार ने कहा कि किसी भी आपदा से निपटने के लिए पूर्व तैयारी बेहद जरूरी है। इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना और यह सुनिश्चित करना है कि संकट के समय बिना समय गंवाए राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

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