Kanpur News: जवान की मां का हाथ कटने पर भड़का गुस्सा, ITBP कमांडेंट बोले-घेराव नहीं, जांच पर भरोसा

Kanpur News: कृष्णा हॉस्पिटल पर जवान की मां का हाथ काटने की नौबत लाने का आरोप, ITBP जवान पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे, निष्पक्ष जांच की मांग की।

Avanish Kumar
Published on: 23 May 2026 10:35 PM IST (Updated on: 23 May 2026 10:36 PM IST)
Kanpur Medical College Negligence Case
X

जवान की मां का हाथ कटने पर भड़का गुस्सा, ITBP कमांडेंट बोले-घेराव नहीं, जांच पर भरोसा (Photo- Newstrack)

Kanpur News: कानपुर में एक निजी अस्पताल में कथित मेडिकल लापरवाही का मामला शनिवार को बड़ा विवाद बन गया। आईटीबीपी जवान विकास सिंह ने अपनी मां निर्मला देवी का हाथ काटने के मामले में कृष्णा हॉस्पिटल के डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए। इस मामले को लेकर करीब 100 आईटीबीपी जवान पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। जवानों ने सीएमओ की जांच रिपोर्ट पर भी सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे आईटीबीपी जवान

शनिवार सुबह करीब 11:15 बजे आईटीबीपी के जवान बड़ी संख्या में पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। परिसर में आईटीबीपी की 15 से अधिक गाड़ियां और ट्रक मौजूद रहे। जवानों ने पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल और अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था डॉ. विपिन कुमार ताडा से मुलाकात कर पूरे मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। वार्ता के बाद कुछ गाड़ियां सीएमओ कार्यालय के लिए भी रवाना हुईं।


डॉक्टरों पर लापरवाही से हाथ काटने का आरोप

आईटीबीपी जवान विकास सिंह के अनुसार, उनकी मां निर्मला देवी को 13 मई की शाम सांस की समस्या होने पर कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि 12 घंटे बाद 14 मई को उनके दाहिने हाथ में सूजन आ गई। डॉक्टरों ने इसे सामान्य बताते हुए इलाज जारी रखा, लेकिन बाद में स्थिति बिगड़ गई। पारस हॉस्पिटल में जांच के दौरान हाथ में गंभीर संक्रमण पाया गया और 17 मई को हाथ काटना पड़ा।

पुलिस व प्रशासन में शिकायत, नहीं हुई कार्रवाई

विकास सिंह ने आरोप लगाया कि उन्होंने लगातार दो दिन तक रेलबाजार पुलिस और एसीपी कार्यालय के चक्कर लगाए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वह अपनी मां का कटा हाथ लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने सीएमओ को जांच कर स्पष्ट रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे।


सीएमओ रिपोर्ट पर विवाद

शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय की जांच रिपोर्ट सामने आई, जिसमें “संभावनाओं” के आधार पर निष्कर्ष दिए गए थे। इस पर आईटीबीपी जवानों ने नाराजगी जताई और आरोप लगाया कि रिपोर्ट में स्पष्ट दोष तय नहीं किया गया है। जवानों का कहना है कि डॉक्टरों को बचाने की कोशिश की जा रही है।

पुलिस प्रशासन का बयान

अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि यह मामला मेडिकल नेग्लिजेंस से संबंधित है। इसे सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत सीएमओ को जांच के लिए भेजा गया था। सीएमओ द्वारा गठित चिकित्सकीय समिति ने जांच की है। रिपोर्ट में कुछ बिंदुओं पर आपत्ति सामने आई है, जिसे दोबारा परीक्षण के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि अंतिम रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।


ITBP कमांडेंट का बयान

आईटीबीपी के कानपुर कमांडेंट गौरव प्रसाद ने कहा कि जवान समय लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय गए थे और यह पूरा मामला मेडिकल लापरवाही की जांच से जुड़ा है। उन्होंने जांच पर भरोसा जताया और कहा कि सीपी ऑफिस घेराव जैसी कोई स्थिति नहीं थी। मीडिया में इसे गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया हो सकता है।

Shashi kant gautam

Shashi kant gautam

Mail ID - skgautam1208@gmail.com

Experienced Hindi Journalist with 6 Years of Experience

Next Story