Kanpur News : कानपुर में महंगाई की मार, एलपीजी महंगा होने से चाय-थाली के दाम बढ़े

Kanpur News : एलपीजी सिलेंडर महंगा होने से कानपुर में रसोई का बजट बिगड़ा, चाय से लेकर थाली तक के दाम बढ़े, आम जनता पर महंगाई का असर।

Avanish Kumar
Published on: 2 Jun 2026 10:36 AM IST
Kanpur News : कानपुर में महंगाई की मार, एलपीजी महंगा होने से चाय-थाली के दाम बढ़े
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Kanpur LPG Price Hike

Kanpur News : कानपुर,एलपीजी सिलेंडर में एक जून से कॉमर्शियल सिलेंडर 42 रुपये महंगा होकर अब 3236 रुपये का हो गया है। वहीं 5 किलो वाले एफटीएल (फ्री ट्रेड एलपीजी) सिलेंडर की कीमत में भी 11 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। एलपीजी सिलेंडर में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम जनता की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से होटल, ढाबा और छोटे कारोबारियों की लागत में भारी इजाफा हुआ है, जिसका सीधा असर चाय, नाश्ता और रोजमर्रा के खाने-पीने की चीजों पर देखने को मिल रहा है।

बाजार में महंगाई का दबाव बढ़ने से आम उपभोक्ता की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।हालांकि घरेलू 14.2 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर फिलहाल स्थिर है, लेकिन कॉमर्शियल गैस की बढ़ती कीमतों ने पूरे बाजार की स्थिति बदल दी है।कानपुर में छोटे रेस्टोरेंट, चाय की दुकानों और ढाबों पर अब हर वस्तु की कीमत धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है। पहले जहां एक साधारण थाली 80 से 100 रुपये में मिल जाती थी, अब कई जगह इसकी कीमत 120 से 150 रुपये तक पहुंचने लगी है।

चाय से लेकर थाली तक बढ़ा खर्च

कानपुर में चाय, समोसा, पकौड़ी, पराठा और थाली जैसे रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि गैस सिलेंडर, तेल, सब्जी और अन्य कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण लागत निकालना मुश्किल हो गया है। इसी वजह से उन्हें मजबूरी में दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं।छोटे कारोबारियों का कहना है कि ग्राहक तो कम नहीं हो रहे हैं, लेकिन हर चीज का खर्च बढ़ने से मुनाफा लगातार घटता जा रहा है।

कानपुर के लोग क्या कहते हैं

कानपुर के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने बढ़ती महंगाई पर अपनी राय और नाराजगी जताई है।कल्याणपुर निवासी राजेश कुमार का कहना है कि “पहले रोज बाहर चाय और नाश्ता कर लेते थे, अब हर खर्च सोचना पड़ता है, सब कुछ महंगा हो गया है।”नौबस्ता की सीमा गुप्ता बताती हैं कि “घर का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है, पहले जो खर्च आराम से चलता था अब वही मुश्किल हो गया है।”फजलगंज के ढाबा संचालक सुनील यादव कहते हैं कि “गैस सिलेंडर और सामान की कीमतें बढ़ने से हमें भी दाम बढ़ाने पड़े हैं, नहीं तो नुकसान होता।”पनकी के चाय विक्रेता विकास तिवारी का कहना है कि “ग्राहक पहले से कम हो गए हैं, लेकिन लागत बढ़ने से कोई विकल्प नहीं बचा।”बिठूर निवासी अमित सिंह बताते हैं कि “अब बाजार जाना भी महंगा लगने लगा है, हर चीज पर असर दिख रहा है।”

छोटे कारोबारियों पर सबसे ज्यादा असर

कानपुर के चाय विक्रेता, ठेले, ढाबा और छोटे होटल सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। कॉमर्शियल सिलेंडर की बढ़ी कीमतों ने उनके रोज के खर्च और कमाई के बीच संतुलन बिगाड़ दिया है। कई दुकानदारों का कहना है कि अगर कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो उन्हें आगे भी दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं।

लगातार बढ़ती महंगाई से चिंता

विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर घरेलू बाजार पर पड़ रहा है। वहीं सप्लाई और उत्पादन लागत में बढ़ोतरी भी महंगाई का कारण बन रही है। इसका सबसे ज्यादा असर आम जनता पर पड़ रहा है, जिसकी आय स्थिर है लेकिन खर्च लगातार बढ़ रहा है।

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