309 कॉल, नया सिम और करोड़ों…बहू के बाद अब रडार पर आया बेटा, कानपुर हत्याकांड में खुलने लगा बड़ा राज

Kanpur Vineet Manocha Murder: कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मनोचा हत्याकांड में नया मोड़ आया है। नए सिम से बेटे को 6 कॉल और 309 कॉल रिकॉर्ड सामने आने के बाद पुलिस जांच का दायरा बढ़ गया है। संपत्ति, कर्ज और कॉल डिटेल्स के जरिए पुलिस हत्या की पूरी साजिश की कड़ियां जोड़ रही है।

Harsh Srivastava
Published on: 16 Sept 2026 12:15 PM IST
309 कॉल, नया सिम और करोड़ों…बहू के बाद अब रडार पर आया बेटा, कानपुर हत्याकांड में खुलने लगा बड़ा राज
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Kanpur Vineet Manocha Murder: कानपुर के चर्चित दवा कारोबारी विनीत मनोचा हत्याकांड की परतें जैसे-जैसे उघड़ रही हैं, यह मामला बेहद उलझता जा रहा है। शुरुआत में जो वारदात पारिवारिक रंजिश और बहु की साजिश दिख रही थी, अब उसकी सुई मृतक के इकलौते बेटे सुब्रत मनोचा की तरफ भी घूमती नजर आ रही है। पुलिस की तफ्तीश में अब संपत्ति के बंटवारे, भारी-भरकम कर्ज और संदिग्ध कॉल रिकॉर्ड्स का एक ऐसा ताना-बाना सामने आया है, जिसने पूरे शहर को हैरत में डाल दिया है। इस सनसनीखेज हत्याकांड में पुलिस अब हर उस राज से पर्दा उठाने में जुटी है, जो इस कत्ल की असली वजह बना।

बेटे को की गई 6 संदिग्ध कॉल्स

पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के मुताबिक, मामले में मुख्य शूटर विशाल गौतम ने वारदात से ठीक दो दिन पहले यानी 3 सितंबर को एक नया सिम कार्ड खरीदा था। 5 सितंबर की तड़के विनीत मनोचा की बेदर्दी से चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि इसी नए और गुप्त नंबर से शूटर विशाल ने आरोपी बहू शालू से तो बात की ही, साथ ही विनीत के बेटे सुब्रत को भी लगातार 6 कॉल्स की थीं। पुलिस अब इस गंभीर सवाल का जवाब तलाश रही है कि अगर कत्ल की साजिश सिर्फ बहू शालू ने रची थी, तो फिर हत्या के लिए विशेष रूप से खरीदे गए नए नंबर से सुब्रत को फोन क्यों किए गए थे? क्या सुब्रत को भी इस पूरी साजिश की भनक थी या वह भी इसमें शामिल था?

1,000 पन्नों की कॉल डिटेल

जांच को अंजाम तक पहुंचाने के लिए पुलिस ने सुब्रत, शालू और विशाल समेत सात मोबाइल नंबरों के 1 मई से 6 सितंबर तक के कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) निकलवाए हैं। लगभग 1,000 पन्नों की इस भारी-भरकम रिपोर्ट में एक और बड़ा सच सामने आया है। पुलिस उपायुक्त पश्चिम एसएम कासिम अबिदी ने बताया कि 1 मई से 5 सितंबर के बीच सुब्रत और विशाल के बीच करीब 309 बार फोन पर बातचीत हुई थी। विशाल पहले विनीत मनोचा की दवा कंपनी में ही काम करता था, लेकिन चोरी के आरोप में उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। इसके बावजूद सुब्रत का उससे लगातार संपर्क में रहना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।

जेल में 30 से ज्यादा तीखे सवाल

मंगलवार को कल्याणपुर थाना प्रभारी ने अदालत की अनुमति से जेल में बंद आरोपी बहू शालू और शूटर विशाल से 30 से ज्यादा कड़े सवाल पूछे। पूछताछ में शालू ने साजिश में शामिल होने से साफ इनकार किया, लेकिन विशाल ने चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि उसने शालू के कहने पर ही विनीत मनोचा का कत्ल किया था। विशाल के मुताबिक, शालू ने उसे इस काम के बदले 6 लाख रुपये नकद और एक पक्की नौकरी देने का वादा किया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों की कस्टडी रिमांड मांगी है, जिसके मिलते ही सुब्रत, शालू और विशाल तीनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी और बयानों का मिलान सीसीटीवी फुटेज से कराया जाएगा।

हत्या के बाद UBER कैब से भागा शूटर

वारदात को अंजाम देने के बाद विशाल ने अपने साथी राज किशोर को पांच बार फोन किया और फिर एक उबर कैब बुक करके अपने ठिकाने पर भाग निकला। पुलिस अब कैब के रूट, ड्राइवर के बयान और डिजिटल पेमेंट रिकॉर्ड्स को खंगाल रही है। उधर, शालू के वकील ने पुलिस द्वारा जब्त फोन पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि कत्ल की रात सुब्रत के बैंक जाने की रिपोर्ट्स की भी गहन जांच होनी चाहिए।

संपत्ति की वसीयत और कर्ज का खूनी एंगल

इस हत्याकांड में सबसे बड़ा और नया एंगल संपत्ति और कर्ज को लेकर सामने आया है। जांच में पता चला है कि विनीत मनोचा ने साल 2022 में एक पंजीकृत वसीयत बनवाई थी, जिसमें उन्होंने अपनी गाजियाबाद और कानपुर स्थित कीमती संपत्तियां, जिनमें बिरहाना रोड और कैनाल रोड के महंगे फ्लैट्स शामिल हैं, अपनी पत्नी पुनीता, बेटे सुब्रत और बेटी शुभानी के नाम समान रूप से की थीं। बेटी के नाम वसीयत का एक हिस्सा होना और दूसरी तरफ सुब्रत पर ऑनलाइन क्रेडिट व अन्य देनदारियों का भारी कर्ज होना—पुलिस अब इन दोनों पहलुओं को जोड़कर देख रही है। 60 वर्षीय विनीत मनोचा की हत्या केवल बहू की खुन्नस थी या फिर जायदाद और कर्ज से जुड़ा कोई गहरा षड्यंत्र, पुलिस जल्द ही इसका पूरा खुलासा करने का दावा कर रही है।

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Harsh Srivastava

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Harsh Srivastava is a journalist currently working as Desk In-Charge at NewsTrack, Lucknow. He began his journalism career in 2023 and has previously worked with Hindustan, Times Internet and India News. He holds a Master’s degree in Journalism and Mass Communication (MJMC). His key areas of interest include politics, elections and crime, with a wider focus on governance, public policy and current affairs. He writes research-driven and SEO-focused digital stories, combining journalistic depth with an understanding of digital audiences. Harsh has covered the 2026 West Bengal Assembly Election, several state elections and bypolls, and extensively followed the Delhi CJP protest and its developments. His work includes news reports, explainers, features and analytical stories. Originally from Varanasi, Harsh has worked across Varanasi, Delhi and Lucknow, with experience spanning reporting, digital journalism, content writing and editorial operations.

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