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कांवड़ यात्रा में करोड़ों के डीजे बने आकर्षण, 23 टायर के ट्रक पर सजा हाईटेक ‘कसाना डीजे’
Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा में करोड़ों रुपये की लागत वाले हाईटेक डीजे वाहन आकर्षण का केंद्र बने हैं। मेरठ-गाजियाबाद मार्ग पर कसाना डीजे समेत बड़े साउंड सिस्टम शिवभक्तों को लुभा रहे हैं।
Kanwar Yatra
Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा इस बार केवल आस्था और श्रद्धा का आयोजन नहीं रह गई है, बल्कि इसमें तकनीक, संगीत और भव्यता का ऐसा संगम देखने को मिल रहा है जो हर किसी का ध्यान खींच रहा है। दिल्ली-मेरठ हाईवे और कांवड़ मार्ग पर करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हाईटेक डीजे वाहनों ने यात्रा को किसी विशाल धार्मिक उत्सव जैसा रूप दे दिया है। इनमें सबसे अधिक चर्चा करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से तैयार बताए जा रहे ‘कसाना डीजे’ की हो रही है, जबकि कई अन्य डीजे भी पांच से दस करोड़ रुपये के वाहनों और आधुनिक साउंड सिस्टम के साथ यात्रा में शामिल हैं।
शुक्रवार को कसाना डीजे मेरठ से गाजियाबाद की ओर बढ़ा। इससे पहले गुरुवार देर रात इसे देखने और इसके साथ शिव भजनों पर झूमने के लिए बड़ी संख्या में कांवड़िये और स्थानीय लोग जुट गए। ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों के बीच तेज रोशनी, लेजर इफेक्ट और संगीत ने पूरे मार्ग को उत्सव के रंग में रंग दिया।
23 टायर के विशाल वाहन पर सजा डीजे
कसाना डीजे को 23 टायर वाले विशाल ट्रक पर तैयार किया गया है। इसमें करीब 33 हाई-पावर बेस, विशेष कॉलम, आधुनिक एलईडी लाइटिंग और लेजर सिस्टम लगाए गए हैं। रात के समय इसकी रोशनी और ध्वनि प्रभाव इतना व्यापक दिखाई देता है कि दूर से ही इसकी मौजूदगी महसूस होने लगती है।
आयोजकों के अनुसार इस तरह के डीजे केवल संगीत बजाने के लिए नहीं, बल्कि पूरी प्रस्तुति को दृश्य और श्रव्य अनुभव में बदलने के लिए तैयार किए जाते हैं। लाइटिंग, साउंड और डिजाइन का संयोजन इन्हें सामान्य डीजे वाहनों से बिल्कुल अलग बना देता है।
अमर डीजे भी बना बड़ा आकर्षण
कांवड़ यात्रा में अमर डीजे भी प्रमुख आकर्षण बना हुआ है। मोदीपुरम के अंसल टाउन के पास इसे विशाल दीवार की तरह खड़ा किया गया है। यह स्टैंडिंग डीजे है, जिसमें 32 बेस, 12 कॉलम और 12 लाइनर लगाए गए हैं।
इसकी संरचना इस तरह तैयार की गई है कि सामने से देखने पर पूरा साउंड सिस्टम एक ऊंची दीवार जैसा नजर आता है। श्रद्धालु यहां रुककर शिव भजनों और आधुनिक संगीत के मिश्रण पर नृत्य करते दिखाई दे रहे हैं।
देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे हाईटेक डीजे
इस बार कांवड़ यात्रा में केवल मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के डीजे ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों के बड़े साउंड सिस्टम भी शामिल हुए हैं। मेरठ डीजे ऑपरेटर एसोसिएशन के अध्यक्ष हेमंत शाक्य के अनुसार झारखंड का सारजन डीजे, डीजे पंकज, डीजे शशि और पश्चिम बंगाल का पावर म्यूजिक डीजे भी श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित कर रहा है।
इसके अलावा महालक्ष्मी डीजे समेत कई बड़े डीजे वाहन कांवड़ मार्ग पर अपनी प्रस्तुतियां दे रहे हैं। नई धुनों के साथ पारंपरिक शिव भजनों का मिश्रण इस बार खास तौर पर लोकप्रिय दिखाई दे रहा है।
पांच से 12 करोड़ रुपये तक के डीजे बेड़े का दावा
डीजे संचालकों का दावा है कि कुछ बड़े डीजे वाहनों, साउंड सिस्टम, जनरेटर, लाइटिंग, लेजर, ट्रक मॉडिफिकेशन और अन्य तकनीकी उपकरणों को जोड़कर उनकी कुल लागत कई करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है। कसाना डीजे की लागत लगभग 12 करोड़ रुपये और कुछ अन्य बड़े सिस्टम की कीमत 10 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
हालांकि इन कीमतों की स्वतंत्र वित्तीय पुष्टि उपलब्ध नहीं है, लेकिन इतना स्पष्ट है कि बड़े कांवड़ डीजे अब एक व्यापक तकनीकी और व्यावसायिक संरचना में बदल चुके हैं, जिनमें भारी वाहन, सैकड़ों स्पीकर, बिजली आपूर्ति और विशेष लाइटिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है।
भक्ति के साथ बढ़ रही प्रदर्शन की होड़
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कांवड़ यात्रा में पिछले कुछ वर्षों से बड़े डीजे, सजावटी झांकियों और विशेष कांवड़ वाहनों का चलन तेजी से बढ़ा है। विभिन्न कांवड़ समूह अपने वाहनों और साउंड सिस्टम को अलग पहचान देने के लिए नए-नए प्रयोग कर रहे हैं।
यही कारण है कि इस बार कांवड़ मार्ग पर कहीं विशाल स्पीकर सिस्टम दिखाई दे रहा है, कहीं रंगीन लेजर से सजी झांकी तो कहीं बेहद महंगी कारों और वाहनों से तैयार विशेष कांवड़ लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
इस भव्यता के बीच कांवड़ यात्रा का मूल स्वर शिवभक्ति ही बना हुआ है। हाईटेक साउंड और आधुनिक तकनीक ने बस इस पारंपरिक धार्मिक यात्रा को एक नए दृश्य और सांगीतिक रूप में प्रस्तुत कर दिया है।


