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कौशांबी पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट: आदिल के घर पर चला बुलडोजर, थाना प्रभारी समेत 6 पुलिसकर्मी नपे
कौशांबी पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में 11 लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने मुख्य आरोपी आदिल उर्फ डीजे के मकान पर बुलडोजर चलाया। थाना प्रभारी समेत 6 पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हुई है।
Kaushambi Firecracker Factory Blast: उत्तर प्रदेश के कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद प्रशासन और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। महमूदपुर मनौरी गांव में अवैध पटाखा फैक्ट्री चलाने के आरोपी आदिल उर्फ डीजे के मकान को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा।
हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 8 बच्चे भी शामिल हैं। वहीं, 5 लोग गंभीर रूप से झुलसे बताए जा रहे हैं। विस्फोट के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी आदिल समेत उसके परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है।
आरोपी के घर से बरामद हुआ विस्फोटक
पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने आरोपी के मकान पर कार्रवाई से पहले वहां से बड़ी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ बरामद कर जब्त किया। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था के बीच मकान को जमींदोज कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि जिस पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ, उसका लाइसेंस वर्ष 2024 में ही रद्द हो चुका था। इसके बावजूद वहां अवैध तरीके से पटाखों का भंडारण और संचालन किए जाने की बात सामने आई है।
आदिल समेत 6 लोगों के खिलाफ FIR
पुलिस ने मामले में छह नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इनमें मुख्य आरोपी आदिल उर्फ डीजे के अलावा उसके पिता नौशेब, शकील, शबाना, कहकशा और शाइना के नाम शामिल हैं।
पुलिस ने मामले में दो महिलाओं शबाना और शाइना को हिरासत में लिया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। वहीं, अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।
थाना प्रभारी समेत पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
हादसे के बाद पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। आरोप है कि अवैध पटाखा भंडारण की शिकायतों के बावजूद समय रहते कार्रवाई नहीं की गई।
पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत ने कर्तव्य में लापरवाही पाए जाने पर पिपरी थाना प्रभारी विकास सिंह, चायल चौकी प्रभारी अमित द्विवेदी और पूर्व चौकी प्रभारी मनीष पाल को लाइन हाजिर कर दिया है।
इसके अलावा अवैध पटाखा फैक्ट्री के संचालन की सूचना दर्ज नहीं करने के आरोप में बीट आरक्षी जितेंद्र कुमार और आरक्षी कृष्ण कुमार को निलंबित कर दिया गया है।
इस तरह मामले में थाना प्रभारी समेत कुल छह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई है।
विस्फोट से दहला था पूरा इलाका
सोमवार को प्रयागराज-कौशांबी सीमा के पास महमूदपुर मनौरी में पटाखा फैक्ट्री में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना शक्तिशाली था कि पूरी फैक्ट्री तबाह हो गई।
विस्फोट के कारण आसपास के करीब 100 मीटर के दायरे में बने कई मकान भी प्रभावित हुए। इनमें तीन मकान पूरी तरह ढह गए, जबकि अन्य मकानों को भी नुकसान पहुंचा।
हादसे में 8 बच्चों समेत 11 लोगों की जान चली गई और पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब फैक्ट्री का लाइसेंस पहले ही रद्द हो चुका था और कथित तौर पर अवैध भंडारण की शिकायतें भी सामने आई थीं, तो प्रशासन और पुलिस ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की?
पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई इसी लापरवाही की जांच का हिस्सा मानी जा रही है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।


