Kaushambi News : बारकोड और पउए के नंबर से खुले दो ब्लाइंड मर्डर, एसपी की जांच चर्चा में*

Kaushambi News : कौशांबी में बीयर बारकोड और मुजफ्फरनगर में पउए के नंबर से खुले ब्लाइंड मर्डर केस, एसपी सत्य नारायण की जांच शैली बनी मिसाल

Ansh Mishra
Published on: 2 May 2026 9:42 AM IST
Kaushambi News : बारकोड और पउए के नंबर से खुले दो ब्लाइंड मर्डर, एसपी की जांच चर्चा में*
X

Kaushambi murder case

Kaushambi News: हत्या के बाद अपराधी अक्सर यह मान लेते हैं कि शव को छिपा देने या सबूत मिटा देने से वे बच जाएंगे, लेकिन जब जांच की कमान तेज नजर वाले अफसर के हाथ में हो तो मामूली सुराग भी बड़ा खुलासा कर देता है। कुछ ऐसा ही हुआ जब एसपी सत्य नारायण की निगरानी में कौशांबी और मुजफ्फरनगर में दो बड़े ब्लाइंड मर्डर केस ऐसे सुरागों से खुल गए, जिन्हें आम लोग नजरअंदाज कर देते हैं। कौशांबी में बीयर के बारकोड ने हत्या का राज खोला, जबकि मुजफ्फरनगर में शराब के पउए पर लिखा ठेके का नंबर कातिल तक पहुंचने की वजह बना।

कौशांबी में बक्से में बंद मिली महिला की लाश, दुपट्टे में चिपका बारकोड बना अहम सुराग कोखराज थाना क्षेत्र में 15 अप्रैल को हाईवे किनारे एक बक्से में बंद अज्ञात महिला का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की पहचान नहीं हो पा रही थी और मामला पूरी तरह ब्लाइंड मर्डर बन गया था। लेकिन घटनास्थल पर शव के ऊपर लिपटे दुपट्टे में बीयर का बारकोड चिपका मिला। एसपी सत्य नारायण ने इसे गंभीर सुराग मानते हुए तकनीकी जांच कराई और इसी कड़ी से मृतका की पहचान मोनी वर्मा के रूप में हुई।

जांच आगे बढ़ी तो शक मृतका के पति हर्ष खियानी पर गया। पूछताछ में पति ने जुर्म कबूलते हुए बताया कि मोनी उसकी दूसरी पत्नी थी और वह उसे घर ले जाने का दबाव बना रही थी। बदनामी और पारिवारिक विवाद के डर से उसने मोनी की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने दोस्त की मदद से शव को बक्से में बंद कर चार पहिया वाहन से कानपुर से कौशांबी लाकर हाईवे किनारे फेंक दिया, लेकिन बारकोड की छोटी सी कड़ी ने पूरा खेल बिगाड़ दिया।

मुजफ्फरनगर में कुलदीप की हत्या, शव जलाने की कोशिश,पउए ने कर दिया पर्दाफाश मुजफ्फरनगर के चर्चित कुलदीप हत्याकांड में भी आरोपियों ने शव को जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की थी। लेकिन घटनास्थल से पुलिस को एक शराब का खाली पउआ मिला, जिस पर ठेके का नंबर दर्ज था। एसपी सत्य नारायण ने उस नंबर के आधार पर संबंधित ठेके की पहचान कराई और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकलवाई। फुटेज की जांच से पुलिस सीधे आरोपियों तक पहुंच गई और कुलदीप हत्याकांड का खुलासा हो गया।

छोटे सुराग बने बड़े हथियार, एसपी की जांच शैली बनी चर्चा कौशांबी में बारकोड और मुजफ्फरनगर में पउए का नंबर—दोनों मामलों में यही साबित हुआ कि अपराध चाहे जितना चालाकी से किया जाए, बारीकी से जांच और तकनीकी साक्ष्यों के सामने अपराधी बच नहीं सकते। एसपी सत्य नारायण की कार्यशैली अब जनता के लिए भरोसे और अपराधियों के लिए डर का संदेश बन चुकी है।

संदेश साफ—अब हत्या करके बचना नामुमकिन इन दोनों मामलों के खुलासे के बाद यह स्पष्ट है कि अब अपराधियों की चालें ज्यादा देर तक नहीं चलेंगी, क्योंकि जांच अब कागजों में नहीं, सुरागों की गहराई में चलती है।

Shalini Rai

Shalini Rai

Mail ID - raishalini910@gmail.com

Next Story