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Kaushambi News: चायल बीईओ की कार्यशैली पर सवाल, शिक्षकों की बैठक का वीडियो वायरल, गंभीर आरोप
Kaushambi News: कौशांबी के चायल में बीईओ की कार्यशैली पर सवाल उठे हैं। स्कूल समय में बीआरसी कार्यालय में शिक्षकों की बैठक का वीडियो वायरल होने के बाद गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
Kaushambi News(Photo-Social Media)
Kaushambi News: परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों के कंधों पर है, उन्हीं की कार्यशैली पर अब सवाल उठने लगे हैं। चायल ब्लॉक में खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) की कार्यप्रणाली को लेकर शिक्षकों के बीच नाराजगी की चर्चा है। आरोप है कि बीईओ के करीबी बताए जाने वाले कुछ शिक्षक विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने के बजाय स्कूल समय में बीआरसी कार्यालय में बैठकर बैठकबाजी करते हैं। इस बीच बीईओ कार्यालय में एक शिक्षक के बैठने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से मामला और गरमा गया है। सूत्रों की माने तो अगर बीआरसी में लगे कैमरों की सीसीटीवी फोटेज निकाला गया तो कई मामले उजागर हो सकते है।
स्कूल में पढ़ाई हो या बीआरसी में बैठकबाजी?
शिक्षा विभाग के नियमों के मुताबिक शिक्षकों की प्राथमिक जिम्मेदारी विद्यालय में उपस्थित रहकर बच्चों को पढ़ाना है। लेकिन चायल क्षेत्र में सामने आए इस मामले ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि एक विद्यालय में तैनात शिक्षक को स्कूल समय के दौरान बीईओ कार्यालय में बैठाया जाता है। यदि ऐसा नियमित रूप से हो रहा है, तो सवाल उठना लाजिमी है कि संबंधित विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी कौन निभा रहा है और शिक्षक को कार्यालय में बैठने की अनुमति किस आधार पर दी जा रही है?
वसूली के लिए टीम बनाने का आरोप, कार्रवाई के नाम पर दबाव की चर्चा
बीईओ पर शिक्षकों से कथित वसूली के लिए एक टीम तैयार करने के गंभीर आरोप भी लगाए जा रहे हैं। आरोप है कि बीआरसी में बैठकर कुछ शिक्षक रणनीति बनाते हैं और बाद में कार्रवाई का भय दिखाकर दूसरे शिक्षकों पर दबाव बनाया जाता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और कथित वसूली से जुड़े साक्ष्यों की जांच होना अभी बाकी है। यदि शिकायतों में सच्चाई है, तो यह मामला केवल विभागीय अनुशासन का नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही का भी है।
शिकायतों के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं?
मामले को लेकर यह भी आरोप है कि संबंधित शिक्षक के स्कूल समय में बीईओ कार्यालय में बैठने की शिकायतें पहले भी की गईं, लेकिन हर बार किसी विभागीय कार्य से बुलाए जाने का हवाला देकर मामला टाल दिया गया। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई गई? यदि शिक्षक को वास्तव में विभागीय कार्य के लिए बुलाया जाता है, तो उसका रिकॉर्ड और विद्यालय में उसकी अनुपस्थिति का विवरण भी सामने आना चाहिए।
जीरो टॉलरेंस नीति के बीच जांच की मांग
प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती की बात करती है। ऐसे में चायल ब्लॉक से सामने आए आरोपों को नजरअंदाज करना उचित नहीं होगा। वायरल वीडियो की सत्यता, शिक्षक की उपस्थिति, बीआरसी में बैठने के कारण और कथित वसूली संबंधी शिकायतों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। संबंधित अधिकारियों को भी अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए। अब बड़ा सवाल यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में जांच कराकर सच्चाई सामने लाएंगे या फिर शिकायतों और वायरल वीडियो के बावजूद मामला यूं ही ठंडे बस्ते में पड़ा रहेगा? फिलहाल, चायल की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े इस प्रकरण में निष्पक्ष जांच और विभागीय जवाबदेही पर सबकी निगाहें टिकी हैं। बोले अफसर स्कूल टाइम बीआरसी में शिक्षकों बैठना गलत है, मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। अमित पाल शर्मा डीएम


