Kaushambi में अस्पतालों की फायर एनओसी पर सवाल, जांच के घेरे में दो सेंटर

Kaushambi News: कान्हा मेडीकेयर सेंटर और बाला हॉस्पिटल की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर शिकायतें, मानक विहीन उपकरणों से एनओसी जारी करने और कथित वसूली के आरोपों की जांच होगी।

Ansh Mishra
Published on: 2 Nov 2026 4:34 PM IST
Question on fire NOC of hospitals in Kaushambi
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Kaushambi में अस्पतालों की फायर एनओसी पर सवाल, जांच के घेरे में दो सेंटर (Photo- Newstrack)

Kaushambi News: कौशाम्बी जिले में अस्पतालों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मरीजों की सुरक्षा के लिए जारी होने वाली फायर एनओसी कहीं सिर्फ कागजी औपचारिकता बनकर तो नहीं रह गई है। कान्हा मेडीकेयर सेंटर और बाला हॉस्पिटल एंड इंस्टीट्यूट की फायर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सामने आई शिकायतों ने अग्निशमन विभाग की कार्यप्रणाली को सवालों के घेरे में ला दिया है। आरोप है कि मानकों के अनुरूप अग्निशमन उपकरण और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं होने के बावजूद अस्पतालों को फायर एनओसी जारी कर दी गई।

मानकों के बिना एनओसी जारी करने का आरोप

शिकायतों के मुताबिक, दोनों अस्पतालों में फायर सुरक्षा के नाम पर केवल औपचारिकता पूरी की गई है। आरोप है कि फोटो खिंचवाने के लिए महज एक पाइप लगाकर फायर एनओसी जारी कर दी गई। इतना ही नहीं, एनओसी जारी कराने के नाम पर अस्पताल संचालकों से 40 से 50 हजार रुपये तक वसूले जाने की चर्चा भी सामने आई है। हालांकि, कथित वसूली के इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी।

मरीजों की जिंदगी से जुड़ा है सुरक्षा का मामला

अस्पतालों में आग लगने की स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है, क्योंकि कई मरीज ऐसे होते हैं जो खुद चलकर बाहर निकलने में भी सक्षम नहीं होते। गंभीर हालत में भर्ती मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालना बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे में फायर अलार्म, अग्निशमन यंत्र, हाइड्रेंट सिस्टम और आपातकालीन निकास जैसी व्यवस्थाओं का मानकों के अनुरूप होना जरूरी है। उपकरणों का सिर्फ लगा होना काफी नहीं है, बल्कि उनका चालू हालत में होना भी जरूरी है।

एफएसओ की भूमिका पर भी उठे सवाल

कान्हा मेडीकेयर सेंटर और बाला हॉस्पिटल एंड इंस्टीट्यूट को एनओसी जारी करने से पहले किस अधिकारी ने निरीक्षण किया और किन मानकों के आधार पर प्रमाणपत्र दिया गया, इसकी जांच जरूरी है। सवाल यह भी है कि क्या निरीक्षण के दौरान उपकरणों को चलाकर देखा गया था या केवल कागजी रिपोर्ट के आधार पर एनओसी जारी कर दी गई। एफएसओ और उनकी टीम की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।

दोबारा जांच कराने की बात कह रहे अधिकारी

मामले को लेकर जिला प्रशासन और अग्निशमन विभाग के उच्चाधिकारियों से दोनों अस्पतालों की फायर एनओसी और निरीक्षण रिपोर्ट की जांच कराने की मांग उठ रही है। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की टीम से दोबारा भौतिक सत्यापन कराया जाना चाहिए, ताकि सुरक्षा इंतजामों की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। अनियमितता या कथित वसूली की पुष्टि होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

बोले अधिकारी

कौशाम्बी के एफएसओ ने कहा कि यह मामला उनके कार्यकाल का नहीं है, इसलिए उन्हें जानकारी नहीं है कि एनओसी किस आधार पर जारी की गई थी। मामले की दोबारा जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

Ansh Mishra
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Ansh Mishra

वरिष्ठ संवाददाता, कौशांबीKaushambiAnshMishra@newstracksite.vocalwire.com

अंश कुमार मिश्रा उत्तर प्रदेश के प्रयागराज एवं कौशाम्बी में कार्यरत हैं. वह 2018 से न्यूज ट्रैक अपना भारत के साथ जुड़े हुए हैं. उन्हें पत्रकारिता में कुल 10 साल का अनुभव है. उन्हें पॉलिटिकल और क्राइम बीट पर रिपोर्टिंग का विशेष अनुभव है। न्यूज ट्रैक से पहले वह न्यूज इंडिया ,आज की खबर,IBC न्यूज 24 हरबात हिंदी दैनिक जैसे संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं. उनकी शैक्षिक योग्यता बीएससी, एमएससी है उन्हें कौशाम्बी कई संस्थानों एवं सरकारी कार्यालय की ओर से प्रशस्ति पत्र भी मिल चुका है।

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