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Kaushambi News: अवैध खनन का खेल बेखौफ जारी! NGT के नियमों को ठेंगा, सिंडिकेट पर संरक्षण के आरोप
Kaushambi News: कौशांबी में अवैध खनन का मामला एक बार फिर चर्चा में है। आरोप है कि NGT के नियमों की अनदेखी करते हुए खनन गतिविधियां बेखौफ जारी हैं, जबकि खनन सिंडिकेट को संरक्षण मिलने के दावों ने प्रशासनिक कार्रवाई और जांच की मांग को तेज कर दिया है।
Kaushambi News(Photo-Social Media)
Kaushambi News: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में यमुना नदी के किनारे अवैध बालू खनन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मंझनपुर तहसील के दलेलागंज में प्रतिबंधित पोकलैंड और जेसीबी मशीनों से बड़े पैमाने पर खनन किए जाने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं। वीडियो में नदी की जलधारा के भीतर बांध बनाकर खनन होता दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। विपक्ष और स्थानीय लोग इस पूरे मामले में खनन सिंडिकेट, जिम्मेदार अधिकारियों और राजनीतिक संरक्षण के आरोप लगा रहे हैं।
यमुना नदी के घाटों पर खनन नियमों को ताक पर रखकर मशीनों से बालू निकाले जाने के वीडियो लगातार सामने आ रहे हैं। वायरल वीडियो में जीपीएस लोकेशन और अलग-अलग तारीखों का जिक्र भी दिखाई देता है। आरोप है कि नदी की मुख्य जलधारा को प्रभावित कर अस्थायी बांध बनाकर खनन किया जा रहा है, जो NGT की गाइडलाइन के विपरीत है। ग्रामीणों का कहना है कि दलेलागंज क्षेत्र में दर्जनों पोकलैंड मशीनें और जेसीबी से दिन-रात संचालित हो रही हैं। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, खनन विभाग और शासन स्तर तक शिकायतें भेजी हैं, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इससे प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
क्षेत्र में चर्चा है कि खनन का यह कारोबार एक मजबूत सिंडिकेट के जरिए संचालित किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना संरक्षण के नदी के भीतर इतने बड़े पैमाने पर मशीनों से खनन संभव नहीं है। खनन विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। विपक्षी दल और सामाजिक संगठन प्रदेश सरकार से मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। खनन कारोबार से जुड़े नामों में पूर्व में चर्चित रहे कई नाम भी स्थानीय चर्चाओं में लिया जा रहा है उनपर CBI जाँच और FIR भी पूर्व में दर्ज है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि नदी की जलधारा से छेड़छाड़ और भारी मशीनों के प्रयोग से पर्यावरण और जलीय जीव जंतु को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। यदि वायरल वीडियो और लगाए जा रहे आरोप सही पाए जाते हैं तो यह NGT के आदेशों और खनन नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा, कौशांबी में अवैध खनन को लेकर उठ रहे सवाल अब प्रशासन और सरकार दोनों के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं। वायरल वीडियो, ग्रामीणों की शिकायतें और कार्रवाई के अभाव ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करते हैं या ठंडे बस्ते में डाल देंगे।


