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Kaushambi News: पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट के बाद बड़ा एक्शन, मुख्य आरोपी नौशाद अली मुठभेड़ में गिरफ्तार
Kaushambi News: कौशाम्बी के मनौरी में पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट के बाद पुलिस का बड़ा एक्शन। मुख्य आरोपी नौशाद अली मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में लगी गोली; तमंचा और कारतूस बरामद।
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Kaushambi News: पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी बाजार में आतिशबाजी और बारूद की फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके के बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस की मुख्य आरोपी नौशाद अली से मुठभेड़ हुई, जिसमें उसके पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। नौशाद अली को पटाखा फैक्ट्री संचालक मोहम्मद आदिल का पिता बताया जा रहा है। आरोपी के कब्जे से तमंचा और कारतूस बरामद किए गए हैं।
मनौरी बाजार में आतिशबाजी और बारूद की फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में अब तक 11 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 15 से अधिक लोग झुलस गए हैं। मलबे में अभी भी लोगों के दबे होने की आशंका है, जिसके चलते मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ सकती है।विस्फोट इतना तेज था कि फैक्ट्री के मलबे और उसके टुकड़े करीब आधा किलोमीटर दूर तक जा गिरे। पूरा वातावरण धुएं के गुबार से भर गया। धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी।विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के सात घर गिर गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। घायलों को ग्रामीण चारपाई पर लेकर घटनास्थल से बाहर निकले और अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
मौके पर पहुंचा पुलिस-प्रशासन का अमला
विस्फोट की सूचना मिलते ही कई गांवों के सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। इसके अलावा कमिश्नर, आईजी, डीएम, एसपी समेत भारी पुलिस बल, फायर ब्रिगेड और अन्य राहत एवं बचाव दल घटनास्थल पर पहुंचे।टीमों ने मलबा हटाकर हादसे में फंसे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को एंबुलेंस के जरिए इलाज के लिए प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल भेजा गया। जिलाधिकारी ने 11 लोगों की मौत की पुष्टि की है। हालांकि, मलबे में दबे लोगों की तलाश और राहत-बचाव कार्य जारी होने के कारण मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
अवैध पटाखा फैक्ट्रियों के संचालन पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद कौशाम्बी में कथित रूप से संचालित हो रही अवैध पटाखा फैक्ट्रियों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिले में लंबे समय से पटाखा फैक्ट्रियों का संचालन होता रहा है। पहले भी पटाखा फैक्ट्रियों में विस्फोट की घटनाओं में कई लोगों की जान जा चुकी है।आरोप है कि पूर्व में जिले में पटाखा फैक्ट्रियों के संचालन के लिए जिलाधिकारी स्तर से लाइसेंस जारी किए गए थे, लेकिन बाद में उनकी अवधि समाप्त हो गई। वहीं, पटाखा निर्माण और विस्फोटक सामग्री के कारोबार के लिए केंद्र सरकार की संबंधित अनुमति और लाइसेंस व्यवस्था लागू है।इसके बावजूद जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कथित तौर पर एक दर्जन से अधिक पटाखा फैक्ट्रियों के संचालन को लेकर सवाल उठते रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसों के बाद कुछ समय के लिए कार्रवाई होती है, लेकिन बाद में स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है।
भरवारी में हुए हादसों का भी जिक्र
स्थानीय लोगों के अनुसार, भरवारी क्षेत्र में भी पहले पटाखा फैक्ट्री में कई बड़े हादसे हो चुके हैं, जिनमें लोगों की जान गई थी। इसके बावजूद ऐसे मामलों में जिम्मेदारी तय करने और दोषियों को सजा दिलाने को लेकर सवाल उठते रहे हैं।कुछ स्थानीय लोगों ने पुलिस की कथित मिलीभगत और वसूली के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे गंभीर आरोपों की जांच के बाद ही इनकी वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल—जिम्मेदार कौन?
मनौरी बाजार की घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक निगरानी, पटाखा फैक्ट्रियों के लाइसेंस और सुरक्षा मानकों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।जनता सवाल पूछ रही है कि यदि बिना वैध अनुमति के पटाखा फैक्ट्री संचालित हो रही थी तो इसकी जानकारी जिम्मेदार विभागों को क्यों नहीं हुई? इतने बड़े हादसे के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी? दोषियों को कब चिन्हित किया जाएगा और उनके खिलाफ कब कार्रवाई होगी?अब देखना होगा कि पुलिस और प्रशासन की जांच सिर्फ हादसे के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित रहती है या फैक्ट्री के संचालन से जुड़े सभी जिम्मेदार लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आती है।


