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Kaushambi News : कौशांबी में दुकान विवाद, फर्जी मुकदमे की साजिश का आरोप
Kaushambi News : कौशांबी में दुकान खाली कराने के बाद बौखलाए व्यक्ति पर फर्जी मुकदमे में फंसाने की साजिश रचने का आरोप
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Kaushambi News : पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र के जितेंद्र कौशल पुत्र संजय कौशल बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात हैं इनकी चाचा के मकान में बनी दुकान को पुनवार निवासी फूलचंद्र सोनकर पुत्र दुःखी सोनकर ने किराए पर लेकर बर्तन की दुकान खोल रखी थी लेकिन दुकान लेने के बाद ना तो किराया देता था और ना दुकान खाली करने का प्रयास करता था जब मकान मालिक जितेंद्र कौशल के चाचा ने अपने मकान के दुकान को खाली करने का दबाव बनाया तो फूलचंद सोनकर बौखला गया दुकान खाली करवाने के लिए व्यापारियों ने भी जितेंद्र कौशल का समर्थन किया और कब्जा करने वाले फूलचंद सोनकर पर तमाम दबाव बनाने के बाद फूल चंद्र सोनकर से दुकान तो खाली हो गई लेकिन दुकान खाली होने से बौखलाए फूलचंद सोनकर रोज नए-नए ड्रामा करने लगा है मकान मालिक और उसके भतीजे जितेंद्र कौशल सहायक अध्यापक को फसाने के लिए आए दिन शिकायती प्रार्थना पत्र दे रहा है
कहानी बनकर पहले दो महिलाओं को भेजा और सहायक अध्यापक को फसाने की कोशिश की गई लेकिन पुलिस की जांच में फूलचंद सोनकर की करतूत उजागर हो गई और महिलाओं ने अपनी शिकायत वापस ले लिया जिससे सहायक अध्यापक बेकसूर साबित हो गया लेकिन इतने में भी फूलचंद सोनकर का मनोबल नहीं टूटा यदि फर्जी ड्रामा रचने वाले फूलचंद सोनकर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया होता और गिरफ्तार करके जेल भेज देती तो फर्जी ड्रामा करने वाले फूलचंद सोनकर का मनोबल टूट जाता दुकान खाली होने के बाद बौखलाए फूलचंद सोनकर ने फिर मकान मालिक और उनके भतीजे सहायक अध्यापक जितेंद्र कौशल के विरुद्ध साजिश रचना शुरू कर दिया है सोने के जेवर गायब करने का आरोप लगाकर पुलिस को फिर शिकायती पत्र देना शुरू कर दिया है इसी बहाने फूलचंद सोनकर आए दिन सहायक अध्यापक जितेंद्र कौशल को और उनके चाचा को गाली गलौज कर रहा है धमकी दे रहा है धन वसूली की बात कर रहा है अब सवाल उठता है
कि अपने मकान की दुकान को खाली करवाना कौन सा अपराध है दुकान पर कब्जा करने की नियत रखने वाले फूलचंद सोनकर से दुकान खाली करवाने में पश्चिम शरीरा के व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने भी जितेंद्र कौशल का समर्थन किया था उसके बाद फूलचंद सोनकर के कब्जे से दुकान खाली हुई थी झूठी शिकायती प्रार्थना पत्र देकर सहायक अध्यापक पर आरोप लगाकर एक तरफ उनकी छवि धूमिल की जा रही है दूसरी तरफ कानून व्यवस्था से भी खिलवाड़ किया जा रहा है आखिर दूसरे का मकान कब्जा करने का क्या फूलचंद सोनकर को छूट देना कानून संगत
होगा या फिर अपना मकान खाली करवाना कानून संगत होगा मकान खाली करवाने के बाद साजिश रचने वाले फूलचंद के शिकायती पत्र की जांच कर उसे बेनकाब कर फूल चंद्र सोनकर पर कठोर कार्रवाई किए जाने की जरूरत है वरना इसी तरह झूठा शिकायती पत्र देकर एक तरफ सहायक अध्यापक के परिवार को परेशान करता रहेगा दूसरी तरफ शिकायती पत्र की जांच के दौरान पुलिस भी परेशान होती रहेगी सहायक अध्यापक ने मामले में पश्चिम शरीरा थाना पुलिस को शिकायती पत्र देकर साजिश रचने वाले फूलचंद सोनकर के कारनामे की जांच कर उस पर कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।


