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Kaushambi News: अपराध नियंत्रण में मंझनपुर पुलिस फेल, दो दर्जन से अधिक मुकदमों ने खोली पोल
Kaushambi News: कौशाम्बी की मंझनपुर कोतवाली में चोरी, मारपीट, छेड़खानी और जमीन विवाद समेत कई मामले दर्ज हुए, घटनाओं से गश्त और अपराध नियंत्रण की व्यवस्था पर सवाल उठे। पर नजर है।
अपराध नियंत्रण में मंझनपुर पुलिस फेल, दो दर्जन से अधिक मुकदमों ने खोली पोल (Photo- Social Media)
Kaushambi News: कौशाम्बी जिला मुख्यालय की नगर कोतवाली मंझनपुर क्षेत्र में अपराध की घटनाओं को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। अक्टूबर महीने में दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। चोरी, हत्या के प्रयास, छेड़खानी, मारपीट, आगजनी और जमीन पर कब्जे जैसी घटनाओं ने क्षेत्र की कानून व्यवस्था को लेकर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। गांव से लेकर कस्बे तक लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच पुलिस की पेट्रोलिंग और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
चोरी से लेकर हत्या के प्रयास तक की घटनाएं
अक्टूबर महीने में मंझनपुर क्षेत्र में कई तरह की आपराधिक घटनाएं सामने आईं। एक अक्टूबर को मंझनपुर चौराहे से जिला अस्पताल मार्ग पर एक महिला को झांसा देकर सोने के जेवर ठगने का मामला दर्ज हुआ। तीन अक्टूबर को टेन शाह आलमाबाद में पिता-पुत्र पर हमला करने, मोबाइल छीनने और सामान तोड़ने के पुराने मामले में अदालत के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई। पांच अक्टूबर को अंबावां पश्चिम में जमीन पर कब्जे की कोशिश, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ।
छह अक्टूबर को मंझनपुर चौराहे पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त का पुतला फूंकने और सड़क जाम करने के मामले में सपा जिलाध्यक्ष समेत नौ नामजद और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। नौ अक्टूबर को एसबीआई से करारी लौटते समय ई-रिक्शा में सवार एक बुजुर्ग की जेब से 50 हजार रुपये गायब हो गए। इस मामले में अज्ञात के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज हुआ।
महिलाओं और युवतियों से जुड़े मामले भी आए सामने
12 अक्टूबर को हटवा रामपुर मडूकी में जमीन विवाद के दौरान चार कमरों का मकान ढहाने और धमकी देने का मामला सामने आया। 14 अक्टूबर को फैजीपुर गांव में गुमटी में पेट्रोल डालकर आग लगाने से नकदी और सामान जलने की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया। इसी दिन 13 वर्षीय किशोरी के कथित अपहरण के मामले में फतेहपुर निवासी युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई।
22 अक्टूबर को एक युवती से छेड़खानी, दुपट्टा खींचने और उसके पिता को धमकी देने का मामला दर्ज हुआ। 25 अक्टूबर को थांभा गांव में बीच-बचाव करने पहुंचे युवक पर डंडे से हमला किया गया, जिसमें हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ। 26 अक्टूबर को ऊनो गांव में पुरानी रंजिश को लेकर युवक की पिटाई का मामला सामने आया। वहीं, 27 अक्टूबर को समदा स्थित निजी अस्पताल में वार्ड आया के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत पर भी एफआईआर दर्ज की गई।
पुलिस की गश्त और कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच पुलिस की पेट्रोलिंग और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि कुछ फरियादियों को अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने के चक्कर लगाने पड़ते हैं और कई शिकायतों पर एफआईआर दर्ज होने से पहले ही टालमटोल की जाती है। ऐसे में दर्ज मुकदमों के साथ उन शिकायतों की भी समीक्षा जरूरी है, जिन पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई है।
अपराध नियंत्रण का मतलब केवल एफआईआर दर्ज करना नहीं, बल्कि घटनाओं पर रोक लगाना, आरोपियों की गिरफ्तारी, चोरी गए सामान की बरामदगी और पीड़ितों को न्याय दिलाना भी है। अक्टूबर में दर्ज मुकदमों में कितने आरोपियों की गिरफ्तारी हुई, कितने मामलों का खुलासा हुआ और कितनी बरामदगी की गई, इसका ब्योरा भी सामने आना चाहिए।
अधिकारियों ने कही सख्त कार्रवाई की बात
जिला मुख्यालय की कोतवाली क्षेत्र में एक महीने के भीतर दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज होने के बाद पुलिस की अपराध नियंत्रण व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत महसूस की जा रही है। इस संबंध में सीओ मंझनपुर सौरभ सामंत ने बताया कि सभी मामलों में अपेक्षित कार्रवाई की जा रही है। पुराने अपराधियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। चोरी के मामले का खुलासा करने के लिए टीम गठित की गई है। अब देखना होगा कि पुलिस की कार्रवाई से क्षेत्र में आपराधिक घटनाओं पर कितना अंकुश लग पाता है।


