UP News: केशव मौर्य का अलीगढ़ दौरा रद्द, दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात; बढ़ी सियासी हलचल

UP News: केशव प्रसाद मौर्य का अलीगढ़ दौरा ‘अपरिहार्य कारणों’ से रद्द हुआ। इसके बाद दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात हुई। 2027 की तैयारियों और संगठनात्मक विषयों पर चर्चा की जानकारी सामने आई।

Rajan Kashyap
Published on: 25 Sept 2026 12:18 PM IST
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UP News (Image Credit-Social Media)

लखनऊ/नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की राजनीति में शुक्रवार को उस समय हलचल बढ़ गई, जब डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य दिल्ली पहुंचे और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। मुलाकात के बाद केशव मौर्य ने इसे शिष्टाचार भेंट बताते हुए कहा कि उन्हें अमित शाह से मार्गदर्शन प्राप्त हुआ और 2027 में उत्तर प्रदेश में तीसरी बार भाजपा सरकार बनाने के संकल्प को लेकर चर्चा हुई। साथ ही संगठनात्मक विषयों पर भी विस्तृत बातचीत की जानकारी दी गई। लेकिन इस मुलाकात के साथ एक और घटनाक्रम ने राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है।

अलीगढ़ दौरा अचानक रद्द, फिर दिल्ली का रुख

केशव प्रसाद मौर्य का अलीगढ़ दौरा अचानक रद्द कर दिया गया। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक दौरा “अपरिहार्य कारणों” से निरस्त किया गया है।

इसके बाद केशव मौर्य के दिल्ली पहुंचने और अमित शाह से मुलाकात की खबर सामने आई। यही घटनाक्रम अब यूपी के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का विषय बना हुआ है।

क्या दिल्ली बुलावे के पीछे कोई बड़ा राजनीतिक संदेश है?

फिलहाल सार्वजनिक तौर पर सामने आई जानकारी में मुलाकात का कारण संगठनात्मक विषय और 2027 में भाजपा की सरकार बनाने की रणनीति बताया गया है। केशव मौर्य ने स्वयं भी मुलाकात को लेकर इसी तरह की जानकारी साझा की है।

लेकिन सवाल यह है कि अलीगढ़ का कार्यक्रम रद्द होने के बाद अचानक दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात क्यों हुई?

क्या यह सिर्फ संगठनात्मक चर्चा थी?

क्या यूपी भाजपा के आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों को लेकर कोई महत्वपूर्ण बातचीत हुई?

या फिर उत्तर प्रदेश की सत्ता और संगठन से जुड़े किसी बड़े विषय पर दिल्ली में मंथन हुआ?

इन सवालों के जवाब फिलहाल आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आए हैं।

'राजनीतिक संकट' की चर्चाएं, लेकिन पुष्टि नहीं

केशव मौर्य और अमित शाह की मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग तरह की अटकलें जरूर तेज हो गई हैं। कुछ चर्चाओं में इसे उत्तर प्रदेश भाजपा के भीतर चल रही राजनीतिक हलचल से जोड़कर देखा जा रहा है।

हालांकि अभी इसे किसी राजनीतिक संकट, सत्ता में बदलाव या संगठनात्मक फेरबदल का संकेत मानना जल्दबाजी होगी। उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी ऐसी किसी बात की पुष्टि नहीं करती।

इतना जरूर है कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले यूपी भाजपा में संगठन, सरकार और चुनावी रणनीति से जुड़े फैसलों का दौर चल रहा है, और ऐसे समय में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री की केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जरूर मानी जा सकती है।

केशव मौर्य की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उनके हालिया दिल्ली दौरों और केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकातों का उल्लेख मिलता है, इसलिए केवल दिल्ली में मुलाकात होना अपने आप में किसी असाधारण घटनाक्रम की पुष्टि करता।

मुलाकात में संगठन और 2027 की तैयारियों पर चर्चा

अमित शाह से मुलाकात के बाद केशव प्रसाद मौर्य की ओर से 2027 के विधानसभा चुनाव, संगठनात्मक तैयारियों और भाजपा की सरकार बनाने के संकल्प से जुड़ी चर्चा की जानकारी दी गई है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार बैठक में केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर भी बातचीत हुई।

यूपी की सियासत में सवाल बड़ा है—केशव मौर्य का दिल्ली बुलावा सिर्फ संगठन की बैठक थी या 2027 से पहले कोई बड़ा राजनीतिक संदेश? जवाब आने वाले दिनों में सामने आ सकता है।

Rajan Kashyap
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Rajan Kashyap

Reporter - LucknowRajan.kashyap47@gmail.com
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