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Kushinagar News: इलाकों में खतरा, ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर निकले, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
Kushinagar News: कुशीनगर के खड्डाक्षेत्र के निचले इलाकों में खतरा बढ़ा, ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे। प्रशासन ने अलर्ट जारी किया।
Kushinagar News(Photo-Social Media)
Kushinagar News: नेपाल और सीमावर्ती क्षेत्रों में हुई लगातार बारिश के बाद नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ने से कुशीनगर के तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। शनिवार की मध्य रात्रि में हुई भारी बारिश से खड्डा क्षेत्र के निचले इलाकों में पानी का स्तर बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए कुछ परिवार निचले स्थानों से निकलकर सुरक्षित जगहों की ओर जाने लगे हैं। जिला प्रशासन ने तटीय और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। हालांकि रविवार सुबह जनपद में मौसम साफ होने के बाद धूप निकल आई, लेकिन बीती रात हुई तेज बारिश का असर निचले इलाकों में दिखाई दे रहा है।
खेतों और रिहायशी क्षेत्रों के आसपास पानी जमा होने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीण नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। बताया जाता है कि नारायणी नदी नेपाल से निकलकर उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले से होते हुए कुशीनगर के उत्तरी छोर से जनपद में प्रवेश करती है। इसके बाद यह नदी कुशीनगर के तटीय क्षेत्र से होकर बिहार की सीमा की ओर बढ़ती है। नदी के किनारे बसे कई गांव और कृषि क्षेत्र हर वर्ष बरसात के मौसम में जलस्तर बढ़ने से प्रभावित होते हैं।
उपजाऊ मिट्टी के कारण कटान का खतरा
नारायणी के आसपास का क्षेत्र बेहद उपजाऊ माना जाता है। नदी के किनारे की मिट्टी अपेक्षाकृत नरम और उपजाऊ होने के कारण जलस्तर बढ़ने पर कटान का खतरा भी बढ़ जाता है। नदी का बहाव तेज होने की स्थिति में खेतों के किनारे की जमीन कटने के साथ ही फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। पिछले दिनों हुई लगातार बारिश के बाद नदी के जलस्तर में वृद्धि ने तटीय क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहाड़ी और नेपाल क्षेत्र में फिर से तेज बारिश हुई तथा नदी में पानी का बहाव बढ़ा तो निचले इलाकों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता
बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों और स्थानीय अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। तटीय इलाकों में जलस्तर और संभावित कटान वाले स्थानों पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे नदी के किनारे जाने से बचें और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करते हुए सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। फिलहाल रविवार सुबह मौसम साफ होने से लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन नारायणी के जलस्तर और नेपाल क्षेत्र में होने वाली बारिश पर तटीय इलाकों के लोगों की नजर बनी हुई है।


