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Kushinagar Newsगन्ने के साथ आलू की सहफसली खेती से किसान कमाएं दोहरा मुनाफा, बीज पर अनुदान
Kushinagar News: गन्ने के साथ आलू की सहफसली खेती से किसान कमाएं दोहरा मुनाफा, कुशीनगर में अनुदान पर उपलब्ध है 125 क्विंटल आलू का बीज।
Kushinagar News: शरदकालीन गन्ने के साथ आलू की सहफसली खेती कर किसान कम समय में अतिरिक्त आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। इस विधि से 90 से 100 दिनों में एक एकड़ खेत से लगभग 80 से 90 क्विंटल आलू की पैदावार प्राप्त की जा सकती है। साथ ही गन्ने की औसत उपज में भी प्रति एकड़ 50 से 60 क्विंटल तक वृद्धि हो सकती है।
यह जानकारी गन्ना किसान प्रशिक्षण केंद्र गोरखपुर के पूर्व सहायक निदेशक (गन्ना विकास सहकार) एवं विशेष सम्मान से सम्मानित ओम प्रकाश गुप्ता ने दी। उन्होंने बताया कि शरदकाल में कम तापमान के कारण गन्ने की बढ़वार धीमी रहती है। ऐसे में गन्ने की दो पंक्तियों के बीच आलू की सहफसली खेती करने से खाली पड़ी जमीन का बेहतर उपयोग होता है। आलू की फसल गन्ने के साथ ही तैयार हो जाती है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय मिलती है और खेती की लागत का बेहतर प्रबंधन होता है।
उन्होंने बताया कि गन्ने की दो पंक्तियों के बीच सामान्य विधि में आलू की एक तथा ट्रेंच विधि में दो पंक्तियों की बुवाई की जा सकती है। बुवाई से पहले खेत की अच्छी तैयारी कर अंतिम जुताई के समय प्रति एकड़ 70 से 80 क्विंटल सड़ी गोबर की खाद डालनी चाहिए। बुवाई के समय प्रति एकड़ 75 किलोग्राम डीएपी, 50 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश तथा अन्य आवश्यक पोषक तत्वों का प्रयोग मिट्टी की जरूरत के अनुसार करना चाहिए। मिट्टी चढ़ाते समय 50 किलोग्राम यूरिया देने की सलाह दी गई है।
आलू की बुवाई के लिए अक्टूबर-नवंबर का समय उपयुक्त है। कंद बनने के दौरान 18 से 20 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान अनुकूल माना जाता है। कुफरी सिंदूरी, कुफरी संगम, कुफरी चंद्रमुखी, कुफरी बादशाह, कुफरी बहार और कुफरी लालिमा इसकी प्रमुख प्रजातियां हैं।कृषि विशेषज्ञ ए.के. सिंह ने बताया कि आलू की फसल को झुलसा रोग से बचाने के लिए समय रहते उचित फफूंदनाशक का निर्धारित मात्रा में छिड़काव करना चाहिए। इससे फसल को रोग से बचाने में मदद मिलती है।
अनुदान पर उपलब्ध है आलू का बीज
जिला उद्यान अधिकारी केके चौधरी ने बताया कि कुशीनगर जिले के वरवा फार्म में 125 क्विंटल आलू का बीज उपलब्ध है। किसानों को बीज खरीदने पर एक हजार रुपये प्रति क्विंटल का अनुदान दिया जा रहा है। यहां कुफरी सिंदूरी और कुफरी संगम प्रजातियों का बीज उपलब्ध है। इन प्रजातियों की सामान्य उपज लगभग 100 से 125 क्विंटल प्रति एकड़ बताई गई है। उन्होंने किसानों से अनुदान का लाभ उठाकर आलू की बुवाई करने की अपील की।


