Lakhimpur Kheri News: धौरहरा ब्लॉक में भ्रष्टाचार के आरोप से मचा हड़कंप, भुगतान के बदले मांगा कमीशन

Lakhimpur Kheri News: लखीमपुर खीरी के धौरहरा ब्लॉक में ग्राम प्रधान ने पंचायत सचिव पर विकास कार्यों के भुगतान के बदले 30 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप लगाया।

Sharad Awasthi
Published on: 22 May 2026 6:40 PM IST
Child beaten up on corruption charges in Dhaurahara block, demand commission in exchange for payment
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धौरहरा ब्लॉक में भ्रष्टाचार के आरोप से मचा हड़कंप, भुगतान के बदले मांगा कमीशन (Photo- Newstrack)

Lakhimpur Kheri News: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के विकासखंड धौरहरा अंतर्गत ग्राम पंचायत देवीपुर में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम प्रधान ने पंचायत सचिव भास्कर राय पर विकास कार्यों के भुगतान के बदले 30 प्रतिशत कमीशन मांगने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। इस मामले के सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है और ग्रामीणों में भी नाराजगी देखी जा रही है।

विकास कार्यों का भुगतान रोकने का आरोप

ग्राम प्रधान का कहना है कि पंचायत क्षेत्र में जनता की सुविधा और विद्यालयों के विकास को ध्यान में रखते हुए कई जरूरी कार्य कराए गए थे। इन सभी कार्यों को नियमानुसार पूरा कराया गया, लेकिन अब तक उनका भुगतान लंबित पड़ा हुआ है। प्रधान के मुताबिक जब उन्होंने संबंधित फाइलों को आगे बढ़ाकर भुगतान कराने की बात कही तो पंचायत सचिव भास्कर राय ने कथित तौर पर कुल भुगतान राशि का 30 प्रतिशत कमीशन मांगा।

प्रधान ने आरोप लगाते हुए कहा कि सचिव की तरफ से उन पर दबाव भी बनाया गया। उनका कहना है कि सचिव ने साफ तौर पर कहा कि उनका कार्यकाल समाप्त होने वाला है और यदि एडवांस कमीशन नहीं दिया गया तो फाइल दबाकर रखी जाएगी और किसी भी हालत में भुगतान नहीं होने दिया जाएगा।

इन विकास कार्यों का भुगतान रुका होने का दावा

ग्राम प्रधान के अनुसार पंचायत में चार महत्वपूर्ण विकास कार्यों का भुगतान रोका गया है। इनमें प्राथमिक विद्यालय कटेला के किचन में टाइल निर्माण कार्य शामिल है। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय कटेला के बाहर बाउंड्री वॉल से सटी इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण का भुगतान भी लंबित बताया गया है।

प्रधान ने यह भी आरोप लगाया कि अली अहमद के घर से घनश्याम के घर तक कराए गए इंटरलॉकिंग मरम्मत कार्य का भुगतान नहीं किया गया है। वहीं झब्बू के घर से गोपाली के घर तक हुए इंटरलॉकिंग मरम्मत कार्य की राशि भी अब तक अटकी हुई है।

प्रधान का कहना है कि सभी कार्य पूरी प्रक्रिया और नियमों के अनुसार कराए गए हैं, लेकिन कमीशन न देने की वजह से भुगतान रोककर रखा गया है।

मामले की जांच पर टिकी निगाहें

मामला सामने आने के बाद अब सभी की निगाहें खंड विकास अधिकारी पर टिकी हुई हैं। क्षेत्र के लोग यह देखना चाहते हैं कि इन आरोपों की जांच किस तरह की जाती है और मामले में क्या कार्रवाई होती है।

यदि जांच में ग्राम प्रधान के लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला पंचायत व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार पर बड़ा सवाल खड़ा कर सकता है। साथ ही ग्रामीण विकास कार्यों में पारदर्शिता और भुगतान प्रक्रिया को लेकर भी कई गंभीर सवाल उठ सकते हैं।

Shashi kant gautam

Shashi kant gautam

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Experienced Hindi Journalist with 6 Years of Experience

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