Lakhimpur Kheri News: DM अंजनी कुमार सिंह बने 'गुरुजी', अभ्युदय केंद्र और स्कूल में पढ़ाया पाठ

Lakhimpur Kheri News: लखीमपुर खीरी में डीएम अंजनी कुमार सिंह ने अभ्युदय केंद्र और प्राथमिक विद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों से सवाल पूछे, कठिन विषय सरल ढंग से समझाए और स्वाध्याय का महत्व बताया।

Sharad Awasthi
Published on: 7 Aug 2026 10:38 PM IST
DM Anjani Kumar Singh taught at Abhyudaya Kendra and School
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DM अंजनी कुमार सिंह बने 'गुरुजी', अभ्युदय केंद्र और स्कूल में पढ़ाया पाठ (Photo- Newstrack)

Lakhimpur Kheri News: लखीमपुर खीरी जिले के डीएम अंजनी कुमार सिंह शुक्रवार को अफसर की औपचारिक भूमिका छोड़ सीधे 'गुरुजी' बन गए। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की कक्षा में पहुंचते ही उन्होंने हाथ में मार्कर थामा, व्हाइट बोर्ड संभाला और सवालों की ऐसी झड़ी लगा दी कि विद्यार्थियों की तैयारी की असली तस्वीर सामने आ गई। जवाबों के बीच उन्होंने खुद कठिन विषयों को बेहद सहज अंदाज में समझाया और सफलता का मंत्र देते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में मंजिल शॉर्टकट से नहीं, बल्कि मजबूत अवधारणाओं, नियमित स्वाध्याय और अनुशासित तैयारी से मिलती है।


मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित नीट कोचिंग में पहुंचे डीएम ने लाइमैन सीरीज, बामर सीरीज, वेव, वेव लेंथ, श्वसन, प्रकाश संश्लेषण से जुड़े प्रश्न पूछे। जवाब सुनने के बाद वे खुद व्हाइट बोर्ड के सामने खड़े हुए और कठिन कॉन्सेप्ट को बेहद सरल भाषा में समझाया। कुछ देर के लिए ऐसा लगा मानो किसी अनुभवी प्रोफेसर की क्लास चल रही हो।


डीएम ने विद्यार्थियों से पिछली नीट परीक्षा में मिले अंक भी पूछे और कहा कि असफलता अंत नहीं, अगली सफलता की तैयारी का सबसे मजबूत आधार होती है। उन्होंने छात्रों को हर दिन अपनी कमजोरियों पर काम करने की सीख दी।

इसके बाद यूपीएससी की कक्षा में पहुंचकर उन्होंने अभ्यर्थियों से अब तक पढ़ाए गए विषयों पर प्रश्न किए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सिविल सेवा की तैयारी केवल नोट्स से नहीं, बल्कि किताबों से दोस्ती, नियमित स्वाध्याय और हर विषय की गहरी समझ से होती है। उन्होंने उत्तर लेखन, समय प्रबंधन और समसामयिक घटनाओं के अध्ययन को सफलता का मूल मंत्र बताया।


निरीक्षण के दौरान डीएम ने शिक्षकों को भी निर्देश दिए कि कक्षाओं में केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित न रहें, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी की अवधारणाएं मजबूत करें और उसे प्रतियोगी परीक्षा के अनुरूप तैयार करें। इस दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी वंदना सिंह, डाइट प्राचार्य सीमा शुक्ला मौजूद रही।

'गुरुजी' बने डीएम, बच्चों से पूछे सवाल

जनता दर्शन खत्म होते ही डीएम अंजनी कुमार सिंह का काफिला सीधे राजापुर के इंग्लिश मीडियम प्राथमिक विद्यालय पहुंच गया। औचक निरीक्षण की भनक लगने से पहले ही डीएम पांचवीं की कक्षा में बच्चों के बीच थे। किताबों से आगे बढ़कर उन्होंने बच्चों के ज्ञान की परख की और पर्यावरण से जुड़े सवालों की झड़ी लगा दी।


छात्र आरुष और छात्रा लक्ष्मी देवी ने बेझिझक सटीक जवाब दिए तो डीएम ने मुस्कुराते हुए पूरी कक्षा से उनके लिए तालियां बजवाईं। इसके बाद उन्होंने श्यामपट्ट पर अंग्रेजी विषय का भी अधिगम स्तर परखा और बच्चों का उत्साह बढ़ाया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने प्रधानाध्यापिका ऋतु अवस्थी से नामांकन और उपस्थिति का ब्योरा लिया। विद्यालय में पठन-पाठन की व्यवस्था संतोषजनक मिलने पर उन्होंने शिक्षकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बच्चों में रटने की नहीं, समझने और सोचने की क्षमता विकसित करना ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की असली पहचान है।

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वरिष्ठ संवाददाता, लखीमपुर खीरीLakhimpurSharadAwasthi@newstracksite.vocalwire.com
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