TRENDING TAGS :
Lakhimpur Kheri News: DM के पैगाम ने जीता दिल, बोले- 'किसी रोते हुए बच्चे को हंसाया जाए'
Lakhimpur Kheri News: मोहर्रम को शांतिपूर्ण और गरिमामय ढंग से मनाने की अपील करते हुए डीएम अंजनी कुमार सिंह ने इंसानियत, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया।
DM के पैगाम ने जीता दिल, बोले- 'किसी रोते हुए बच्चे को हंसाया जाए' (Photo- Newstrack)
Lakhimpur Kheri News: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जनपद में मोहर्रम (Moharram) के पर्व को शांतिपूर्ण, गरिमामय और परंपरागत तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने अमीरनगर (Ameernagar) से सौहार्द और भाईचारे का बड़ा संदेश दिया। गोला तहसील (Gola Tehsil) और मोहम्मदी सर्किल (Mohammadi Circle) की अमीरनगर पुलिस चौकी में आयोजित शांति समिति (Peace Committee) की बैठक में जिलाधिकारी (DM) अंजनी कुमार सिंह (Anjani Kumar Singh) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. ख्याति गर्ग (Dr. Khyati Garg) ने धर्मगुरुओं, ताजियादारों और क्षेत्र के संभ्रांत लोगों के साथ संवाद कर शांति और कानून व्यवस्था को लेकर स्पष्ट संदेश दिया।
मोहर्रम परंपरागत और शांतिपूर्ण तरीके से मनाने की अपील
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि मोहर्रम गमी और मातम का पर्व है, इसलिए इसे पूरी परंपरा, गरिमा और शांति के साथ मनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि पर्व बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो और सभी लोग आपसी सौहार्द बनाए रखें।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मोहर्रम के दौरान अस्त्र-शस्त्र (Weapons) का प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही ताजियों (Tazia) की ऊंचाई 12 फीट से अधिक नहीं होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की शरारत या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लोगों की जागरूकता की डीएम ने की सराहना
डीएम ने कहा कि यह खुशी की बात है कि क्षेत्र के लोगों ने स्वयं आगे बढ़कर शासन की गाइडलाइन (Guidelines) के अनुरूप त्योहार मनाने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी पर्व की सफलता सामाजिक जागरूकता और नागरिकों की जिम्मेदारी पर निर्भर करती है। जब समाज स्वयं नियमों का पालन करने के लिए आगे आता है, तब त्योहार शांति और सौहार्द के साथ संपन्न होते हैं।
निदा फ़ाज़ली का शेर सुनाकर दिया इंसानियत का संदेश
बैठक के दौरान जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने मशहूर शायर निदा फ़ाज़ली (Nida Fazli) का एक प्रसिद्ध शेर सुनाकर मौजूद लोगों को इंसानियत, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।
उन्होंने कहा, "अपना ग़म ले के कहीं और न जाया जाए, घर में बिखरी हुई चीज़ों को सजाया जाए। घर से मस्जिद है बहुत दूर, चलो यूं कर लें, किसी रोते हुए बच्चे को हंसाया जाए।"
डीएम के इस संदेश को बैठक में मौजूद लोगों ने सराहा और आपसी भाईचारे तथा सौहार्द बनाए रखने का भरोसा दिलाया।
गंगा-जमुनी तहजीब को बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी: एसएसपी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग ने कहा कि त्योहारों को सकुशल और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में आमजन की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने लोगों से धैर्य, संयम और आपसी भाईचारे के साथ गंगा-जमुनी तहजीब (Ganga-Jamuni Tehzeeb) को बनाए रखने की अपील की। एसएसपी ने कहा कि समाज की एकता और सद्भाव ही प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है।
सोशल मीडिया अफवाहों को लेकर किया आगाह
एसएसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने सोशल मीडिया (Social Media) पर फैल रही अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं को लेकर भी लोगों को सतर्क किया। उन्होंने कहा कि एक गलत संदेश या अपुष्ट जानकारी पूरे माहौल को प्रभावित कर सकती है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अपुष्ट सूचना को साझा न करें और यदि कहीं कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों पर प्रशासन की कड़ी नजर है और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
धर्मगुरुओं और ताजियादारों ने दिया सहयोग का भरोसा
शांति समिति की बैठक में एसडीएम (SDM) प्रतीक्षा त्रिपाठी (Pratiksha Tripathi) और सीओ (CO) अरुण कुमार सिंह (Arun Kumar Singh) ने भी अपने विचार रखे। बैठक में मौजूद धर्मगुरुओं और ताजियादारों ने प्रशासन को भरोसा दिलाया कि मोहर्रम का पर्व पूरी शांति, परंपरा और शासन की गाइडलाइन के अनुरूप मनाया जाएगा।
बैठक का मुख्य संदेश यही रहा कि सभी समुदाय मिलकर भाईचारे, सौहार्द और आपसी सम्मान के साथ पर्व मनाएं, ताकि क्षेत्र की गंगा-जमुनी संस्कृति और सामाजिक एकता की मिसाल कायम रहे।


