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Lakhimpur Kheri News: आंधी से लगी आग में 50 घर प्रभावित, एसपी ने राहत कार्य तेज करने के दिए निर्देश
Lakhimpur Kheri News: लखीमपुर खीरी में तेज आंधी के दौरान लगी आग से 50 घर प्रभावित हो गए। डीएम और एसपी ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य तेज करने और पीड़ितों को सहायता देने के निर्देश दिए।
Lakhimpur Kheri News(Photo-Social Media)
Lakhimpur Kheri News: लखीमपुर खीरी जिले के तहसील मितौली क्षेत्र के ग्राम कारी बडेरी मजरा मुल्तानपुर ग्रंट परगना कस्ता में सोमवार देर रात तेज आंधी के दौरान एक भीषण आग लगने की घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। अज्ञात कारणों से लगी इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि लोग अपने घरों से सामान निकालने का भी समय नहीं पा सके और सब कुछ जलकर राख हो गया।
इस हादसे में करीब 50 मकान बुरी तरह प्रभावित हुए, जबकि 74 परिवारों का घर का सामान पूरी तरह जल गया। ग्रामीणों के अनुसार, रात के समय अचानक तेज हवाओं के साथ आग भड़क उठी और कुछ ही मिनटों में कई घर इसकी चपेट में आ गए। इस घटना ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस भीषण अग्निकांड में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन पांच मवेशियों की मौत ने ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ा दी।
रातभर चला राहत और बचाव अभियान
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। एसडीएम मधुसूदन गुप्ता, सीओ यादवेंद्र यादव और तहसीलदार दिनेश कुमार सहित प्रशासनिक व पुलिस टीम रातभर मौके पर डटी रही। राहत और बचाव कार्य को तेजी से शुरू किया गया ताकि आग को और फैलने से रोका जा सके। जिला अग्निशमन अधिकारी अक्षय रंजन शर्मा तीन फायर टेंडरों के साथ मौके पर पहुंचे और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। तेज हवाओं के कारण आग बुझाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन फायर ब्रिगेड और प्रशासन की संयुक्त कोशिशों से स्थिति को नियंत्रित किया गया। इस दौरान ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और प्राथमिक राहत सामग्री वितरित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई। प्रशासन ने सुनिश्चित किया कि किसी भी प्रभावित परिवार को भोजन और जरूरी सामान की कमी न हो।
डीएम-एसपी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
मंगलवार को जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग ने घटनास्थल का दौरा किया और हालात का जायजा लिया। दोनों अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और हर संभव सहायता का भरोसा दिया। डीएम ने राजस्व विभाग की टीम को निर्देश दिए कि नुकसान का शीघ्र आंकलन कर प्रभावित परिवारों को शासकीय सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार को राहत से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। वहीं एसपी ने सुरक्षा व्यवस्था और राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि राहत कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो और हर प्रभावित परिवार तक मदद समय पर पहुंचे। प्रशासन की इस सक्रियता से ग्रामीणों को कुछ राहत मिली है, लेकिन नुकसान की भरपाई एक लंबी प्रक्रिया होगी।
राहत सामग्री और भोजन वितरण की व्यवस्था
घटनास्थल पर प्रशासन और ग्राम पंचायत की ओर से तत्काल राहत व्यवस्था शुरू की गई। पंचायत भवन में भोजन पैकेट तैयार कर प्रभावित परिवारों को वितरित किए गए। कई परिवारों को अस्थायी आश्रय भी उपलब्ध कराया गया ताकि वे सुरक्षित रह सकें। प्रशासन की टीमें लगातार गांव में मौजूद रहीं और यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी परिवार को भूखा न रहना पड़े। राहत कार्यों में स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन का सहयोग किया और मिलकर स्थिति को संभालने की कोशिश की। यह पूरा अभियान रात से लेकर अगले दिन तक लगातार चलता रहा, जिसमें प्रशासन, पुलिस और फायर ब्रिगेड की संयुक्त भूमिका अहम रही।
डीएम की अपील और सुरक्षा निर्देश
जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने इस घटना के बाद आम जनता से अपील की कि भीषण गर्मी के मौसम में विशेष सावधानी बरती जाए। उन्होंने कहा कि छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए आग और बिजली से जुड़े सभी जोखिमों के प्रति सतर्क रहना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन प्रभावित परिवारों के साथ पूरी तरह खड़ा है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही उन्होंने भविष्य में ऐसे हादसों से बचाव के लिए जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया।


