Lakhimpur Kheri News: बाढ़ से निपटने को अलर्ट मोड में खीरी, पांच तहसीलों में एक साथ हुई मॉक ड्रिल

Lakhimpur Kheri News: लखीमपुर खीरी में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। पांच तहसीलों में एक साथ मॉक ड्रिल आयोजित कर राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों का परीक्षण किया गया।

Sharad Awasthi
Published on: 11 Jun 2026 5:55 PM IST
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Lakhimpur Kheri News(Photo-Social Media)

Lakhimpur Kheri News: मानसून और संभावित बाढ़ आपदा से निपटने के लिए गुरुवार को जिले में व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। डीएम अंजनी कुमार सिंह के निर्देशन में आयोजित संयुक्त आपदा प्रबंधन अभ्यास के दौरान पांचों तहसीलों में अलग-अलग आपदा परिदृश्यों का सफल प्रदर्शन किया गया। डीएम अंजनी कुमार सिंह के सीधे निर्देशन में शुरू हुए इस अभियान ने तब हड़कंप मचा दिया, जब तहसील सदर में अचानक नदी में नाव पलटने और सामूहिक डूबने का आपातकालीन वायरलेस संदेश गूंजा। कुछ ही मिनटों में पूरा प्रशासनिक अमला, सायरन बजाती एंबुलेंस और पीएसी के जांबाज जवान मौके पर पहुंच गए और एक अभूतपूर्व लाइव रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया।

डीएम अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि आपदा के समय त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई ही जनहानि को रोकने का सबसे प्रभावी माध्यम है। मॉक ड्रिल का उद्देश्य सभी विभागों की तैयारियों को परखना तथा आपसी समन्वय को और मजबूत बनाना है।

पलक झपकते ही एक्टिव हुए जांबाज, लहरों से खींच लाए जिंदगियां

डीएम अंजनी कुमार सिंह की मौजूदगी में जैसे ही तहसील सदर (लखीमपुर) में नाव पलटने और लोगों के डूबने की कृत्रिम घटना (सेनेरियो) की घोषणा की गई, एसडीएम सदर/ इंसीडेंट कमांडर, तहसीलदार लखीमपुर (सहायक नोडल अधिकारी) अपनी पूरी टीम के साथ मोर्चे पर डट गए। ​रणनीति के तहत राजस्व विभाग, प्रशिक्षित होमगार्ड, पुलिस बल और पीएसी फ्लड टीम के गोताखोरों ने उफनती लहरों के बीच छलांग लगा दी। आपदा मित्रों के अदम्य साहस की बदौलत पानी में डूबे नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालकर तुरंत मेडिकल पोस्ट पर शिफ्ट किया गया। मौके पर मुस्तैद डॉक्टरों की टीम ने कृत्रिम सांस और प्राथमिक उपचार देकर सभी को त्वरित जीवनदान दिया। इसके बाद प्रभावितों को सुरक्षित राहत शिविरों में भेजा गया।

पांच तहसीलों में अलग-अलग आपदाओं पर परखी गई तैयारियां

सदर तहसील के अलावा जिले की अन्य चार संवेदनशील तहसीलों में भी विभिन्न आपदा परिदृश्यों पर मॉक ड्रिल कर बचाव एवं राहत कार्यों की तैयारियों को परखा गया। प्रत्येक स्थल पर स्टेजिंग एरिया, सेनारियो स्थल, मेडिकल पोस्ट और राहत शिविर स्थापित कर आपदा की स्थिति में त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई का अभ्यास किया गया। ​निघासन में बांध कटने का संकट : अचानक मुख्य नदी का बांध कट जाने/फट जाने की सूचना पर राजस्व, पुलिस और सिंचाई विभाग के साथ SSB 70वीं वाहिनी के जवानों ने मोर्चा संभाला और फ्लड रेस्क्यू व तटबंध मरम्मत का सफल अभ्यास किया। ​

धौरहरा में अग्निकांड मॉक ड्रिल के दौरान फील्ड हॉस्पिटल बना जीवन रक्षक केंद्र

धौरहरा में आयोजित मॉक ड्रिल के दौरान भीषण अग्निकांड की स्थिति का अभ्यास किया गया। घटना स्थल पर राहत-बचाव कार्य के बाद झुलसे लोगों को तत्काल फील्ड हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया, जहां चिकित्सकीय टीम ने त्वरित प्राथमिक उपचार, ऑक्सीजन सपोर्ट एवं आवश्यक मेडिकल सहायता प्रदान की। समय पर उपचार मिलने से सभी प्रभावितों की स्थिति नियंत्रण में रही। गोला गोकर्णनाथ में मार्ग ठप : बाढ़ के कारण मुख्य मार्ग के कट जाने पर एसएसबी तृतीय वाहिनी और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर वैकल्पिक मार्ग और फंसे यात्रियों को निकालने का रूट मैप तैयार किया। ​

पलिया में नदी कटान संकट पर संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन

पलिया में नदी कटान से गांवों में जलभराव की स्थिति बनने पर एसएसबी 39वीं वाहिनी, बाढ़ एवं जल संसाधन विभाग तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से कम्युनिटी रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। टीमों ने तत्परता दिखाते हुए प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया तथा राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर संचालित किए।

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