Lakhimpur: सियासत के तंज से अलग, जनता के बीच दिखता है काम—राजा राजराजेश्वर सिंह के प्रयासों की चर्चा

Lakhimpur kheri News: निघासन में भाजपा टिकट को लेकर सियासी चर्चाओं के बीच राजा राजराजेश्वर सिंह के क्षेत्र में किए गए सामाजिक कार्यों और स्थानीय समस्याओं को लेकर उनके प्रयास चर्चा में हैं।

Sharad Awasthi
Published on: 19 Aug 2026 10:55 AM IST
Lakhimpur: सियासत के तंज से अलग, जनता के बीच दिखता है काम—राजा राजराजेश्वर सिंह के प्रयासों की चर्चा
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Lakhimpur Kheri News

Lakhimpur Kheri News: निघासन की सियासत में टिकट को लेकर चर्चाओं के बीच सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। लेकिन राजनीति में किसी व्यक्ति के मूल्यांकन का आधार केवल इस तरह की चर्चाएं नहीं, बल्कि उसके वर्षों के सार्वजनिक कार्य और क्षेत्र की समस्याओं को लेकर किए गए प्रयास भी होने चाहिए।

झंडी स्टेट के राजा राजराजेश्वर सिंह लंबे समय से निघासन क्षेत्र की समस्याओं को लेकर सक्रिय रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि क्षेत्र में बाढ़ हो या जलभराव, गरीब परिवार की मदद हो या गांव की कोई स्थानीय समस्या—जरूरतमंद लोग अपनी बात लेकर उनके पास पहुंचते रहे हैं। उन्होंने अपने स्तर से मदद करने के साथ-साथ सूबे के मुख्यमंत्री से लेकर संबंधित अधिकारियों तक समस्याएं पहुंचाने का प्रयास किया है।निघासन क्षेत्र में हर वर्ष बाढ़ और जलभराव बड़ी समस्या बनकर सामने आता है। ऐसे समय में राजा राजराजेश्वर सिंह की ओर से प्रभावित गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों की मदद करने, भोजन और आवश्यक सामग्री की व्यवस्था कराने के प्रयास किए जाते रहे हैं। समर्थकों के अनुसार, जरूरत के समय लोगों के घरों तक मदद पहुंचाना उनके सामाजिक कार्यों का हिस्सा रहा है।

शारदा नदी और जलनिकासी की समस्या पर लगातार पैरवी

क्षेत्र में शारदा नदी के पानी और जलनिकासी की समस्या लंबे समय से ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण रही है। इसे लेकर भी राजा राजराजेश्वर सिंह पिछले करीब दस वर्षों से लगातार अधिकारियों के समक्ष समस्या उठाते और समाधान की मांग करते रहे हैं। बाढ़ और जलभराव से स्थायी राहत के लिए नालों, पुल-पुलियों और जलनिकासी व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत पर भी उन्होंने समय-समय पर आवाज उठाई है।

ढखेरवा खालसा के रपटा पुल पर सुरक्षा का मुद्दा

ढखेरवा खालसा गांव में बने रपटा पुल पर हादसों की घटनाओं के बाद सुरक्षा रेलिंग की मांग भी उठी। बताया जाता है कि इस संबंध में राजा राजराजेश्वर सिंह ने जिलाधिकारी से लेकर खंड विकास अधिकारी तक अधिकारियों से मुलाकात कर सुरक्षा रेलिंग की व्यवस्था कराने के लिए प्रयास किया। जब तक रेलिंग का निर्माण नहीं हुआ, तब तक इसके लिए प्रयास जारी रखे गए।नतीजा यह है कि आज रपटा पुल पर सुरक्षा रेलिंग बनकर तैयार है। ग्रामीणों का कहना है कि रेलिंग बनने के बाद से कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। ग्रामीणों ने इसके लिए प्रयासों की सराहना भी की है।ग्रामीणों के लिए छोटी दिखने वाली समस्या का समाधान भी महत्वपूर्ण होता है। यही जनप्रतिनिधित्व की बुनियादी सोच होनी चाहिए।

गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में भी मदद

राजा राजराजेश्वर सिंह के सामाजिक कार्यों में गरीब परिवारों की मदद भी शामिल रही है। जरूरतमंद परिवारों में शादी-विवाह के अवसर पर आर्थिक एवं अन्य सहयोग किए जाने की बातें क्षेत्र में अक्सर सामने आती रही हैं। समर्थकों का कहना है कि यह मदद राजनीतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रही, बल्कि लंबे समय से सामाजिक सरोकार के रूप में होती रही है।

राजनीति में सवाल उठाना लोकतंत्र का हिस्सा है और हर दावेदार को सवालों का सामना करना चाहिए। लेकिन किसी व्यक्ति की राजनीतिक स्वीकार्यता का आकलन केवल सोशल मीडिया की पोस्ट, तंज या उपहारों की चर्चा से करना भी उचित नहीं होगा। असली कसौटी यह है कि मुश्किल समय में कौन जनता के बीच खड़ा रहा, किसने क्षेत्र की समस्याओं को अधिकारियों तक पहुंचाया और किसने समाधान के लिए लगातार प्रयास किए।टिकट का फैसला भारतीय जनता पार्टी को करना है। चुनाव में जनता अपना फैसला सुनाएगी। लेकिन टिकट की दौड़ से पहले ही अगर बहस ‘किसे क्या मिला’ से आगे बढ़कर ‘किसने क्या किया’ पर हो, तो शायद निघासन की राजनीति के लिए ज्यादा सार्थक होगा।जनता के बीच किए गए काम की याद लंबे समय तक रहती है। निघासन की जनता भी अब शायद यही देखना चाहती है—कौन चर्चा में है और कौन वास्तव में उसके बीच खड़ा है।

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वरिष्ठ संवाददाता, लखीमपुर खीरीLakhimpurSharadAwasthi@newstracksite.vocalwire.com
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