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Lucknow Charbagh शेड हादसे में ताबड़तोड़ एक्शन, तीन इंजीनियर सस्पेंड, ठेकेदार पर जुर्माना
Lucknow Charbagh Station Shed Collapse: लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर यात्री शेड गिरने की घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बड़ी कार्रवाई की है।
Lucknow Charbagh Station Shed Collapse
Lucknow Charbagh Station Shed Collapse: लखनऊः राजधानी लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर यात्री शेड गिरने की घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। रेलवे प्रशासन ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रारंभिक जांच में लापरवाही के संकेत मिलने पर संबंधित ठेकेदार पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही निर्माण और निगरानी कार्य में कथित लापरवाही बरतने वाले तीन इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले अन्य अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद रेलवे ने जिम्मेदारी तय करते हुए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (पीएमसी) टीम को तुरंत प्रभाव से कार्य से हटा दिया है। वहीं रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) के प्रोजेक्ट इंजीनियर को भी निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा लखनऊ मंडल के इंचार्ज वर्क्स सुपरवाइजर और सहायक अभियंता के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए रेलवे मुख्यालय ने तीन वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति हादसे के वास्तविक कारणों, निर्माण कार्य की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों के अनुपालन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच करेगी। रेलवे प्रशासन का कहना है कि समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की जवाबदेही तय की जाएगी।
हादसे के बाद सुरक्षा के मद्देनजर चारबाग स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 और 5 को दोनों ओर से अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। इन प्लेटफॉर्मों से प्रतिदिन लगभग 40 से 42 ट्रेनों का संचालन होता है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आम आवाजाही पर रोक लगाई गई और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की अतिरिक्त तैनाती की गई। प्रभावित ट्रेनों को अन्य प्लेटफॉर्मों से संचालित किया गया। रेलवे की तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत और बहाली कार्य शुरू किया। क्रेनों की मदद से क्षतिग्रस्त ढांचे और मलबे को हटाया गया ताकि रेल सेवाएं जल्द सामान्य हो सकें।
इस दौरान डीआरएम सुनील कुमार वर्मा आरएलडीए के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर पावस यादव तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और कार्यों की निगरानी की। घटना की जानकारी मिलने पर उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजेश पांडेय भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और जांच को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में किसी भी दोषी व्यक्ति या एजेंसी को बख्शा नहीं जाएगा।


