ऐशबाग की ऐतिहासिक रामलीला में दिखा AI का कमाल, उड़ते हनुमान को देख रोमांचित हुए दर्शक

Lucknow Ramlila 2026: लखनऊ की ऐशबाग रामलीला में AI तकनीक से उड़ते हनुमान का दृश्य दिखाया गया। रामोत्सव 2026 में परंपरा और आधुनिक तकनीक के संगम ने दर्शकों को रोमांचित किया।

Ashutosh Tripathi
Published on: 17 Oct 2026 10:41 PM IST
ऐशबाग की ऐतिहासिक रामलीला में दिखा AI का कमाल, उड़ते हनुमान को देख रोमांचित हुए  दर्शक
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रामलीला मंचन का मनमोहक दृश्य  (इमेज क्रेडिट-आशुतोष त्रिपाठी)

Lucknow Ramlila 2026: राजधानी के ऐतिहासिक ऐशबाग रामलीला मैदान में चल रहे 'रामोत्सव 2026' में शनिवार की रात परंपरा और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिला। ऐतिहासिक मंचन में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग किया गया, जिसे देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। विशेष रूप से जब मंच पर पवनपुत्र हनुमान जी को हवा में उड़ते हुए दिखाया गया, तो समूचा पंडाल 'जय श्री राम' के उद्घोष से गूंज उठा।


(इमेज क्रेडिट-आशुतोष त्रिपाठी)

भक्ति और मर्यादा के प्रसंगों ने मोहा मन

​शनिवार की लीला का शुभारंभ माता सीता के हरण के उपरांत प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण द्वारा उनकी खोज के दृश्य से हुआ। वन-वन भटकते हुए दोनों भाई माता शबरी के आश्रम पहुंचे, जहां शबरी अपने गुरु मतंग ऋषि की आज्ञा अनुसार वर्षों से प्रभु की प्रतीक्षा कर रही थीं। भगवान राम ने शबरी की निश्छल भक्ति से अभिभूत होकर उनके प्रेमपूर्वक खिलाए गए जूठे बेरों को बड़े चाव से स्वीकार किया और उन्हें परम गति (मोक्ष) प्रदान की।


(इमेज क्रेडिट-आशुतोष त्रिपाठी)

शबरी के सुझाव पर प्रभु ऋष्यमूक पर्वत पहुंचे, जहां उनकी भेंट परम भक्त हनुमान जी से हुई। हनुमान जी ने सुग्रीव और श्रीराम की मित्रता कराई। अपने अनुज सुग्रीव को राज्य व पत्नी से बेदखल करने वाले बालि का प्रभु ने वध किया। मृत्यु शैया पर पड़े बालि ने अपने पुत्र अंगद को प्रभु राम के चरणों में समर्पित कर मोक्ष प्राप्त किया।

​सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और आगे का कार्यक्रम

​लीला मंचन से पूर्व स्थानीय कलाकारों द्वारा मनमोहक नृत्यों की प्रस्तुतियां दी गईं, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा।

​ऐशबाग श्री रामलीला समिति के अध्यक्ष हरिश्चंद्र अग्रवाल ने बताया कि आधुनिक पीढ़ी को पौराणिक इतिहास से जोड़ने के लिए इस वर्ष से लगातार एआई-जनरेटेड दृश्यों का समावेश किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रविवार को अशोक वाटिका में सीता-रावण संवाद और डिजिटल दृश्यों से सुसज्जित लंका दहन की लीला का भव्य मंचन किया जाएगा।

Ashutosh Tripathi
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Ashutosh Tripathi

Chief Photojournalist Mail ID - tripathiashutosh88@gmail.comtripathiashutosh88@gmail.com

आशुतोष त्रिपाठी जन्म 17 अप्रैल 1988 एक भारतीय फोटोग्राफर और फोटो जर्नलिस्ट हैं। पत्रकारिता जीवन की शुरुआत बतौर रिपोर्टर वॉइस ऑफ़ मूवमेंट में हुई, इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। आशुतोष त्रिपाठी ने 2007 में एमिटी विश्वविद्यालय से मास्टर इन जर्नलिस्म एंड मास कम्युनिकेशन का कोर्स किया। 2010 में वौइस् ऑफ मूवमेंट अखबार में बतौर रिपोर्टर तीन साल काम किया। इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। 2014 में एक फोटोग्राफर बने और एक साल बाद दैनिक भास्कर उत्तर प्रदेश में सीनियर फोटोजर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत रहे। 2016 से लगातार newstrack.com में चीफ फोटोजर्नलिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। 2015 में एक इनके द्वारा की गयी एक बुजुर्ग टाइपिस्ट की स्टोरी ने पूरी दुनिया ख्याति प्राप्त की। 2016 में इन्हें पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए नारद पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था । 2017 में फोटोग्राफी क्लब ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फोटोग्राफी कम्पटीशन में इन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया । 2019 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित कुंभ फोटोग्राफी प्रतियोगिता में इन्होंने तृतीय पुरुस्कार मिला था ।।

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