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Akhilesh-Aparna Yadav Meeting: बंद कमरे में 20 मिनट अखिलेश-अपर्णा की मुलाकात! बाहर खड़ा रहा पूरा परिवार, जानिए क्या हुई बात
Akhilesh-Aparna Yadav Meeting: प्रतीक यादव के निधन के बीच अखिलेश यादव और अपर्णा यादव की बंद कमरे में 20 मिनट तक हुई मुलाकात ने बढ़ाया सस्पेंस। बाहर पूरा परिवार इंतजार करता रहा। जानिए उस भावुक शाम में क्या-क्या हुआ और कैसे सैफई परिवार एकजुट नजर आया।
Akhilesh-Aparna Yadav Meeting: उत्तर प्रदेश की राजनीति के सबसे रसूखदार 'सैफई परिवार' के लिए 14 मई की सुबह किसी काले साये से कम नहीं थी। समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव की अंतिम विदाई की घड़ी नजदीक आ गई है। गुरुवार सुबह 11 बजे लखनऊ के बैकुंठ धाम (भैंसाकुंड) में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। लेकिन इससे पहले बुधवार की शाम लखनऊ के कालिदास मार्ग स्थित आवास पर जो दृश्य देखने को मिले, उन्होंने हर किसी की आंखें नम कर दीं। रंजिशें, राजनीति और मतभेद पीछे छूट गए और पूरा कुनबा एक साथ अपने 'लाडले' की अंतिम विदाई की तैयारी में जुटा नजर आया।
अखिलेश के साथ बंद कमरे में मंत्रणा
प्रतीक यादव के निधन की खबर जब मिली, तब उनकी पत्नी और भाजपा नेता अपर्णा यादव असम में एक शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने गई थीं। जैसे ही वे लखनऊ एयरपोर्ट पर उतरीं, उनकी आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। वे सीधे आवास पहुंचीं और उनके पहुंचने के कुछ ही मिनटों बाद प्रतीक का पार्थिव शरीर एंबुलेंस से घर लाया गया। इसी बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी वहां पहुंचे। प्रतीक को पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद अखिलेश यादव और अपर्णा यादव एक बंद कमरे में चले गए। करीब 15-20 मिनट तक दोनों के बीच एकांत में बातचीत हुई। बाहर पूरा परिवार और समर्थक मौजूद थे, लेकिन उस बंद कमरे में भाई और भाभी के बीच क्या चर्चा हुई, यह अब भी एक राज है। माना जा रहा है कि अखिलेश ने इस दुख की घड़ी में अपर्णा को सांत्वना दी और परिवार की एकजुटता का भरोसा दिलाया।
साक्षी महाराज को गले लगा भावुक हुए अखिलेश
आवास के बाहर एक और ऐसी तस्वीर दिखी जिसने सबका ध्यान खींचा। भाजपा सांसद साक्षी महाराज जब शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे, तो अखिलेश यादव खुद बाहर आए और उन्हें गले लगा लिया। हाल के दिनों में राजनीतिक बयानबाजी के बीच दो विपरीत विचारधारा वाले नेताओं का यह मिलन चर्चा का विषय बन गया। यह दृश्य इस बात का गवाह था कि मौत और मातम के सामने राजनीति बहुत छोटी चीज है। इसके कुछ ही देर बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे और परिवार को ढांढस बंधाया।
अंतिम समय में घर पर थीं दोनों मासूम बेटियां
प्रतीक यादव की मौत के वक्त का मंजर बेहद दर्दनाक था। जिस समय उनकी तबीयत बिगड़ी, घर में उनकी दोनों छोटी बेटियां और घरेलू स्टाफ ही मौजूद था। अपर्णा शहर से बाहर थीं। सुबह करीब 5 बजे जब नौकर कमरे में गया, तो उसने प्रतीक को कोहनी के बल बेहोश पड़े देखा। तत्काल मेडिकल टीम को फोन किया गया, लेकिन जब तक डॉक्टर घर पहुंचे, प्रतीक के दिल की धड़कनें शांत हो चुकी थीं। अस्पताल ले जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। बताया जा रहा है कि मई के पहले हफ्ते में उनके पैर की सर्जरी हुई थी, जिसके बाद से उन्हें चलने-फिरने में तकलीफ थी और वे घर पर ही आराम कर रहे थे।
पोस्टमार्टम हाउस के बाहर छलका अखिलेश का दर्द
इससे पहले जब प्रतीक का पोस्टमार्टम चल रहा था, तब अखिलेश यादव पूरे समय वहीं मौजूद रहे। मीडिया से बात करते हुए अखिलेश काफी भावुक दिखे। उन्होंने कहा कि प्रतीक अपनी फिटनेस को लेकर बहुत सतर्क रहता था। अखिलेश ने बताया कि करीब दो महीने पहले उनकी आखिरी मुलाकात हुई थी, जिसमें उन्होंने प्रतीक को अपने बिजनेस पर ध्यान देने की सलाह दी थी। उन्होंने दबी जुबान में यह भी माना कि व्यापारिक नुकसान और मानसिक दबाव ने शायद प्रतीक के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाला। अखिलेश के चेहरे पर अपने छोटे भाई को खोने का गम साफ झलक रहा था।
पल्मोनरी एंबॉलिज्म: वो बीमारी जो बनी काल
डॉक्टरों के मुताबिक, प्रतीक यादव 'पल्मोनरी एंबॉलिज्म' नाम की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। इस बीमारी में फेफड़ों की धमनियों में खून के थक्के (Clots) जम जाते हैं। डॉक्टरों का मानना है कि सर्जरी के बाद पैर में आई सूजन और ब्लड क्लॉट शायद फेफड़ों तक पहुंच गया, जिससे अचानक कार्डियक अरेस्ट हुआ होगा। प्रतीक पहले भी कई बार मेदांता अस्पताल में भर्ती हो चुके थे, लेकिन वे अस्पताल में टिकना पसंद नहीं करते थे।
भैंसाकुंड में होगी विदाई
अपर्णा यादव ने खुद सोशल मीडिया पर पोस्ट कर प्रतीक के अंतिम संस्कार की जानकारी दी। उन्होंने उन्हें 'पद्म विभूषण मुलायम सिंह यादव का सुपुत्र' और 'हम सभी का प्रिय' बताकर अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। गुरुवार सुबह 11 बजे पूरा सैफई परिवार और प्रदेश के दिग्गज नेता बैकुंठ धाम पहुंचेंगे। आज कालिदास मार्ग स्थित आवास पर शिवपाल यादव, डिंपल यादव और परिवार के अन्य सदस्यों ने रात भर जागकर प्रतीक के पार्थिव शरीर की निगरानी की। एक हंसता-मुस्कुराता फिटनेस प्रेमी चेहरा अब हमेशा के लिए यादों में सिमट गया है।


