Lucknow News: अखिलेश का पीडीए पर अत्याचार का आरोप, जारी की डेटा बेस बुकलेट

Lucknow News: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज भाजपा सरकार के दस साल पूरे होने पर पीडीए वर्ग पर अत्याचार को मुद्दा बना बुकलेट जारी की।

Ramkrishna Vajpei
Published on: 26 May 2026 9:39 PM IST
Akhilesh Yadav
X

Akhilesh Yadav 2

Lucknow News: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज भाजपा सरकार के दस साल पूरे होने पर पीडीए वर्ग पर अत्याचार को मुद्दा बनाकर एक बुकलेट जारी कर पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ों का आरोप लगाते हुए एक बुकलेट जारी की। जिसमें उन्होंने कहा कि फर्जी एनकाउंटर करवाने वाले... सरकार नहीं गुनाहगार हैं। जिसे एनकाउंटर के पीछे चले मर्जी, समझो वो है फर्जी यानी मुठभेड़ों का समर्थन करने वालों को भी उन्होंने निशाने पर लिया है। और खास तौर पर पुलिस वालों के जमीर को ललकारने का प्रयास किया है।

समाजवादी नेता ने बुकलेट के जरिये फर्जी मुठभेड़ों के मनोवैज्ञानिक पर एक बड़ा सवाल खड़ा किया और इसे पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यकों के शोषण का हथियार बताया। उन्होंने इसे देश की संस्कृति, संविधान, कानून और स्वस्थ मानसिक सोच के लिए एक चुनौती बताया है।


बुकलेट जारी किये जाने के अवसर पर प्रेस कांफ्रेंस के जरिये अपनी बात रखते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जिस तरह से एनकाउंटर किये जा रहे हैं वह गैर कानूनी हत्याओं की नाइंसाफी का एक आंकड़ा दर्शाते हैं साथ ही पीडीए के विरुद्ध किये जा रहे अन्याय को भी दर्शाते हैं।


अपनी बात बुकलेट के जरिये रखते हुए उन्होंने यूपी के फेमस बुलडोजर को भी निशाने पर लिया और कहा कि वह पहले भी सवाल उठा चुके हैं कि बुलडोजर सिर्फ पिछड़ों दलितों और अल्पसंख्यकों पर ही क्यों चलता है। उन्होंने कहा कि सर्वाधिक बुलडोजर पीडीए वर्ग पर चला है जबकि 2 प्रतिशत कार्रवाई अन्य वर्ग पर हुई है।


बुकलेट के अगले पन्ने पर वह फर्जी एनकाउंटर पर सवाल उठाते हैं। समाजवादी नेता ने कहा है कि 2017 से 2024 की दरम्यानी अवधि में इन मुठभेड़ों में गुर्जर, यादव और कोरी को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि ये सिर्फ नाम नहीं जिंदगियां हैं।


पूर्व मुख्यमंत्री इस बुकलेट में हिरासत में होने वाली मौतों पर आक्रामक दिखे उन्होंने 2021 से 2022 तक हिरासत में हुई आठ मौतों को नाम जनपद सहित रखते हुए इनमें भी पीडीए वर्ग के लोगों को निशाना बनाए जाने का डेटा पेश किया।


हालांकि बुलडोजर ध्वस्तीकरण के संबंध में दिये गए उनके डेटा में दो ब्राह्मण और दो मुसलमान हैं। बुकलेट में अयोध्या, प्रयागराज और कानपुर देहात के दो मामलों का जिक्र किया है।


बुकलेट में दावा किया गया है कि अंडर ट्रायल कैदियों में 75 फीसदी ओबीसी और एससी व एसटी हैं। 25 फीसदी अन्य जातियों के हैं।




खास बात है इस बुकलेट में बाहुबलियों की सूची भी दी गई है जिसमें रघुराज प्रताप सिंह से लेकर डा. कृष्णानंद सिंह समेत कुल 19 बाहुबली शामिल हैं। परोक्ष रूप से सरकार पर निशाना लेते हुए उन्होंने ठाकुर बाहुबलियों पर निशाना साधा। कुल मिलाकर इस बुकलेट के जरिये पीडीए के लोगों को साधने की कोशिश की है और साथ ही नारा भी दिया है जिसे एनकाउंटर के पीछे चली मर्जी, समझो वो है फर्जी।







Ramkrishna Vajpei

Ramkrishna Vajpei

Mail ID - rkvajpei@gmail.com

An innovative journalist with great ideas

Next Story