TRENDING TAGS :
Lucknow News: एमार गोमती ग्रीन्स में दुर्गा पूजा उत्सव का उल्लास, भक्ति और संस्कृति का संगम
Lucknow News: गोमती नगर विस्तार की सोसायटी में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापना के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। महिला-पुरुष समूहों की प्रस्तुतियों में बच्चों और बुजुर्गों ने भी भाग लिया।
एमार गोमती ग्रीन्स में दुर्गा पूजा उत्सव का उल्लास, भक्ति और संस्कृति का संगम (Photo- Newstrack)
Lucknow News: गोमती नगर विस्तार स्थित एमार गोमती ग्रीन्स सोसायटी में दुर्गा पूजा उत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापना के साथ ही सोसायटी का माहौल भक्तिमय हो गया है। देवी गीतों, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से पूरा परिसर मां दुर्गा की आराधना में सराबोर नजर आ रहा है। इस आयोजन में सोसायटी के निवासियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिल रही है।
मां दुर्गा की आराधना में जुटे सोसायटी के निवासी
दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान सोसायटी की महिलाएं और पुरुष धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। महिला समूह की प्रस्तुतियों के साथ पुरुष वर्ग की ओर से आयोजित भजन-कीर्तन ने भी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। सामूहिक भजन और कीर्तन के माध्यम से भक्त मां दुर्गा की आराधना कर रहे हैं। धार्मिक कार्यक्रमों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां उत्सव की रौनक बढ़ा रही हैं।
बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक दिखा उत्साह
इस आयोजन की खास बात सोसायटी के लोगों की सामूहिक सहभागिता और आपसी सहयोग है। बच्चे, युवा, महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक सभी दुर्गा पूजा उत्सव में उत्साह के साथ शामिल हो रहे हैं। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इससे सोसायटी में सामाजिक समरसता, आपसी सौहार्द और सामुदायिक एकजुटता का माहौल बन रहा है। साथ ही सनातन परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के प्रति आस्था भी दिखाई दे रही है।
सामूहिक सहयोग से यादगार बन रहा आयोजन
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष राजकिशोर राकेश सहित सोसायटी के सभी निवासी पूरे उत्साह और उमंग के साथ दुर्गा पूजा उत्सव में भाग ले रहे हैं। निवासियों के आपसी सहयोग से यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता का भी संदेश दे रहा है।
सोसायटी में गूंजते देवी गीत, भजन-कीर्तन और भक्तिमय प्रस्तुतियां उत्सव को खास बना रही हैं। मां दुर्गा की आराधना के साथ यह आयोजन लोगों को एक साथ जोड़ने और सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजने का माध्यम बन रहा है।


