TRENDING TAGS :
राम मंदिर दान मामले की SIT चार्जशीट पर पूर्व IPS ने उठाए सवाल, DGP से फिर जांच की मांग
Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या राम मंदिर दान राशि मामले में SIT की चार्जशीट पर अमिताभ ठाकुर ने सवाल उठाए। उन्होंने 105 कथित घटनाओं और जांच में सामने आए तथ्यों की दोबारा विस्तृत विवेचना की मांग की है।
Ayodhya Ram Mandir
Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान राशि से जुड़ी कथित चोरी के मामले में SIT की ओर से दाखिल चार्जशीट को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने SIT की जांच के निष्कर्षों पर सवाल उठाते हुए प्रदेश के DGP को पत्र भेजा है। उन्होंने मामले की दोबारा विस्तृत जांच कराए जाने की मांग की है।
70 से बढ़कर 105 मामलों तक पहुंची जांच
अमिताभ ठाकुर का कहना है कि मामले की शुरुआती जांच में नकदी से संबंधित करीब 70 घटनाओं के साथ पर्यवेक्षण स्तर पर हुई कथित चूकों का भी जिक्र किया गया था। बाद में SIT की विस्तृत जांच में ऐसे मामलों की संख्या बढ़कर 105 तक पहुंचने की बात सामने आई। उनके मुताबिक, जांच के दौरान मंदिर की दान राशि को कथित तौर पर अनधिकृत तरीके से हटाने या छिपाने से जुड़े घटनाक्रम भी सामने आए।
उन्होंने कहा कि जांच के दौरान CCTV फुटेज, कर्मचारियों और अन्य लोगों के बयान, बैंकिंग रिकॉर्ड तथा वित्तीय दस्तावेजों की पड़ताल की गई। इसके अलावा मामले में फॉरेंसिक ऑडिट भी कराया गया। ऐसे में अंतिम आरोप-पत्र में केवल आठ लोगों को आरोपी बनाए जाने पर उन्होंने सवाल खड़े किए हैं।
जांच में सामने आए तथ्यों पर जवाबदेही तय करने की मांग
पूर्व IPS अधिकारी ने सवाल उठाया कि यदि जांच के दौरान बड़ी संख्या में घटनाओं और कथित पर्यवेक्षीय लापरवाही की जानकारी सामने आई थी, तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार पदों पर मौजूद लोगों की भूमिका का क्या हुआ। उनका कहना है कि पूरे मामले में व्यक्तिगत जिम्मेदारी के साथ-साथ निगरानी और व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल जरूरी है।
अमिताभ ठाकुर ने DGP से कहा है कि शुरुआती जांच और बाद की विस्तृत विवेचना में सामने आए सभी तथ्यों को एक साथ रखकर मामले की समीक्षा की जाए।
BNSS की धारा 193(9) के तहत आगे की विवेचना का आग्रह
अमिताभ ठाकुर ने मामले में BNSS की धारा 193(9) के तहत आगे की विवेचना कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच में सामने आए उन पहलुओं की भी दोबारा पड़ताल होनी चाहिए, जो अंतिम चार्जशीट में शामिल नहीं किए गए हैं।
उन्होंने DGP से मांग की है कि यदि आगे की जांच में नए तथ्य या साक्ष्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर न्यायालय में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की जाए। उनका तर्क है कि मंदिर और दान राशि से जुड़ा मामला संवेदनशील होने के कारण जांच के सभी पहलुओं को स्पष्ट किया जाना आवश्यक है।


