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Lucknow News: छह घंटे में पता चलेगा बैक्टीरिया !
Lucknow News: केजीएमयू के क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग में वेंटिलेटर पर भर्ती की जान आसानी से बच जाएगी। भर्ती होने वाले मरीजों को कौन से बैक्टीरिया ने अपनी जद में लिया है इसका पता भी आसानी से चल सकेगा।
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Lucknow News: केजीएमयू के क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग में वेंटिलेटर पर भर्ती की जान अब आसानी से बच जाएगी। भर्ती होने वाले मरीजों को कौन से बैक्टीरिया ने अपनी जद में लिया है या फिर कौन सी एंटीबायोटिक के खिलाफ मरीजों का रजिस्टेंट है, इसका पता आसानी से लगाया जा सकेगा। इसकी समय सीमा महज छह घंटे ही होगी। विभाग में मॉलीक्यूलर टेस्ट फॉर बैक्टीरियल आईडेंटिफिकेशन एंड रजिस्टेंट जांच शुरू हो गई है।
गुरुवार को यह जानकारी सीसीएम के विभागाध्यक्ष डॉ.अविनाश अग्रवाल ने दी है। डॉ. अविनाश अग्रवाल ने बताया कि आईसीयू व वेंटिलेटर पर भर्ती के दौरान मरीज पर बैक्टीरिया आसानी से हमला बोल देते हैं। इससे मरीजों का शरीर तमाम तरह की एंटीबायोटिक रजिस्टेंट हो जाता है। ऐसे में मरीज को सटीक इलाज मिले इसके लिए बैक्टीरिया किस प्रकार का है इसका पता आराम से लगाया जा सकता है।
डॉ. अविनाश ने बताया कि अभी तक केजीएमयू में पीसीआर (पॉलीमरेज चेन रिएक्शन) तकनीक से मॉलीक्यूलर टेस्ट फॉर बैक्टीरियल आईडेंटिफिकेशन एंड रजिस्टेंट जांच नहीं होती थी। कल्चर तकनीक से जांच होती थी। इसमें 72 से अधिक घंटे लगते थे। ऐसे में गंभीर मरीजों का इलाज प्रभावित होता था। मरीजों की दिक्कतों को दूर करने के लिए सीसीएम विभाग में ही जांच की सुविधा शुरू कर दी गई है। प्रयोग के तौर पर 800 मरीजों की जांच की जा चुकी है। खून, यूरीन और बलगम से ये जांच की जा रही हैं। जांच के सटीक नतीजे आ रहे हैं। इससे टारगेटेड इलाज करने में मदद मिल रही है।
कार्यशाला आज से
केजीएमयू में सोसाइटी ऑफ प्रीसीजन मेडिसिन एंड इंटेंसिव केयर भारत की ओर से कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें दुनिया भर से 800 से ज्यादा डॉक्टर शिरकत करेंगे। 25 को कार्यशाला होगी। 26 जुलाई को कान्फ्रेंस का शुभारंभ कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद करेंगी।


