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CM Yogi Defends Teachers: “बच्चों से श्रमदान कराने वाले शिक्षकों को मिले सम्मान”, सीएम योगी बोले- छुई-मुई न बनाएं
CM Yogi Defends Teachers: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्कूलों में बच्चों से काम कराने वाले वायरल वीडियो पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे शिक्षकों को सम्मानित किया जाना चाहिए, क्योंकि वे बच्चों को जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार कर रहे हैं।
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CM Yogi Defends Teachers: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्कूलों में बच्चों से काम लिए जाने को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में शिक्षकों से जवाब-तलब करने की बजाय उन्हें सम्मानित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री का कहना है कि इस तरह के शिक्षक बच्चों को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार कर रहे हैं और उनमें जीवन के प्रति व्यवहारिक समझ विकसित कर रहे हैं।
दरअसल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए थे। यह कार्यक्रम शैक्षणिक सत्र 2026-27 में समग्र शिक्षा अभियान के तहत 24,717 अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय वृद्धि के उपलक्ष्य में आयोजित अनुदेशक सम्मान समारोह और चेक वितरण कार्यक्रम था। इसी दौरान उन्होंने यह बात कही।
“बच्चों को छुई-मुई मत बनाइए”
इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से भी अपील की। उन्होंने कहा कि जब बच्चे कहीं श्रमदान करते दिखाई देते हैं तो तुरंत यह कहा जाने लगता है कि बच्चों से काम कराया जा रहा है। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि इसमें आखिर बुरा क्या है।
उन्होंने कहा कि कई बार ऐसे वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा जाता है और उन्हें परेशान किया जाता है, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि ऐसे शिक्षकों को सम्मानित किया जाना चाहिए, क्योंकि वे बच्चों को जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को “छुई-मुई” नहीं बनाना चाहिए। उनका कहना था कि बच्चों को इतना कमजोर नहीं बनाया जाना चाहिए कि जरा-सी कठिनाई आने पर वे घबरा जाएं या टूट जाएं।
“कोई भी काम छोटा नहीं होता”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस प्रकार के शिक्षक भारत की भावी पीढ़ी को तैयार कर रहे हैं। ऐसी पीढ़ी, जो जीवन में आने वाली हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहे और किसी भी काम को छोटा न समझे।
उन्होंने कहा कि बच्चों में यह भावना विकसित होनी चाहिए कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता। अगर जीवन में कोई जिम्मेदारी सामने आए तो उसे करने में झिझक नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री के मुताबिक यही व्यवहारिक शिक्षा बच्चों को मजबूत बनाती है।
बेसिक शिक्षा विभाग को दिए खास निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेसिक शिक्षा विभाग से भी इस मामले में खास अपील की। उन्होंने कहा कि अगर इस प्रकार के वायरल वीडियो सामने आते हैं तो संबंधित शिक्षक को बुलाकर सम्मानित किया जाना चाहिए, न कि उसे परेशान किया जाए।
उन्होंने कहा कि देश को ऐसी भावी पीढ़ी की जरूरत है, जिसमें तेज, आत्मविश्वास और चुनौतियों से लड़ने की क्षमता हो। बच्चों में ऐसा आत्मबल होना चाहिए कि कोई उन्हें कमजोर समझने की हिम्मत न कर सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सब केवल शिक्षा और अच्छे संस्कारों के जरिए ही संभव है।
बच्चों में स्वच्छता और संस्कार विकसित करने पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाएं और उसे उनकी आदत का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि बच्चों के भीतर अच्छे संस्कार विकसित करना बेहद जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों में अच्छे और बुरे का फर्क समझने की क्षमता विकसित होनी चाहिए। जब बच्चों के भीतर यह समझ आएगी तभी वे जीवन की कठिन परिस्थितियों का मजबूती से सामना कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षक ही बच्चों के भीतर ऐसे संस्कार डाल सकते हैं, जो उन्हें भविष्य में एक मजबूत और जिम्मेदार नागरिक बनाएंगे।
“हर बच्चा स्कूल जाए, यह हमारी जिम्मेदारी”
इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, सरकार की प्राथमिकता है कि हर बच्चा स्कूल जाए और अच्छी शिक्षा प्राप्त करे। उन्होंने कहा है कि डबल इंजन सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ इस जिम्मेदारी का निर्वहन कर रही है। इस दौरान बाल वाटिका से लेकर कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए समग्र रिपोर्ट कार्ड का भी विमोचन किया गया।
मुख्यमंत्री ने सभी अनुदेशकों को बधाई दी और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं भी दीं। उनके संबोधन के दौरान मौजूद अनुदेशकों ने तालियां बजाकर उनके बयान का समर्थन किया।


