Lucknow Fire: अलीगंज आग में मरने वालों की संख्या 18 हुई, कई शवों की पहचान करना मुश्किल

Lucknow Fire: लखनऊ के अलीगंज में एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से 18 लोगों की मौत हो गयी है। राहत व बचाव कार्य अभी भी चल रहा है, रात 10 बजे घटना स्थल से दो और एम्बुलेंस रवाना हुईं।

Aditya Kumar Verma
Published on: 22 Jun 2026 3:03 PM IST (Updated on: 22 Jun 2026 10:15 PM IST)
Lucknow Fire: अलीगंज आग में मरने वालों की संख्या 18 हुई, कई शवों की पहचान करना मुश्किल
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Lucknow Fire: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। इस हादसे में अब तक 18 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि कुछ लोग घायल अवस्था में भी बहार निकले गए हैं। कई लोगों के अब भी इमारत में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। घटनास्थल पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी पहुंच चुके हैं और घटनास्थल पर पहुँच कर जायजा लिया है। मरने वालों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है। कर्मचारी दूसरी मंजिल पर मौजूद लाइब्रेरी में सर्च अभियान चला रहा रहे हैं कि कहीं कोई और तो नहीं फंसा।

बताया जा रहा है कि जिस इमारत में आग लगी, उसके निचले दो मंजिलों पर पालतू पशुओं की दुकान (पेट शॉप) संचालित होती थी, जबकि तीसरी मंजिल पर एनिमेशन गेम जोन और एक लाइब्रेरी थी। आग लगने के बाद पूरे भवन में तेजी से धुआं फैल गया, जिससे अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने में कठिनाई हुई। आग लगने पर कुछ छात्र कूदते भी नजर आए। स्थानीय लोगों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी, जिसके बाद दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। हालांकि, आग ने देखते ही देखते पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। पेट शॉप में मौजूद कुछ जानवरों की भी मौत होने की सूचना है।

रात 10 बजे घटना स्थल से रवाना हुईं दो और एम्बुलेंस

सेक्टर डी में बिजली कटी हुई है। इलाके में पूरा अंधेरा है। जिस बिल्डिंग में आग लगी उसके आसपास 500 मीटर के दायरे में बड़ी तादाद में पुलिस मौजूद है। आने जाने के रास्ते ब्लॉक कर दिए गए हैं। अभी अभी दो एम्बुलेंस उस जगह से निकल कर गईं हैं।

बिल्डिंग की छत पर जो गेट खुलता था उस पर ताला लगा था जिससे छात्र बाहर नहीं निकल पाए और अंदर ही कुछ लोग दम घुटने व कुछ लोग जलकर मर गए।

मरने वालों व घायलों की सूची जारी

प्रशासन ने हादसे में घायल और मरने वालों की सूची जारी की है। जिसमे 15 नाम मरने वालों के हैं और 9 नाम घायल छात्रों के हैं। वहीं यह भी सुनने में आया है कई शव इतना ज्यादा जल गए हैं जिनकी पहचान करना मुश्किल है। सभी घायलों को मेडिकल कॉलेज इलाज के लिए भेजा गया है।



प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक, मृतकों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान

लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य पूरी तत्परता के साथ जारी है और स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने में जुटा हुआ है।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये तथा हादसे में घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।

अलीगढ़ दौरे से लौटे मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ हादसे का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलीगढ़ में कहा, "मेरी हार्दिक इच्छा थी कि आज मैं अलीगढ़ में रहूं, लेकिन मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि अभी अभी मुझे जानकारी मिली है कि लखनऊ में एक अग्निकांड की दुखद घटना हुई है, उसकी चपेट में कुछ बच्चे आये हैं, उनकी दुखद मौत हुई है, इसलिए मुझे तत्काल वापस जाना पड़ रहा है। जिन्होंने जान खोई उनके परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।"

दिवार तोड़कर निकाले 15 शव

अलीगंज के कोचिंग सेंटर/लाइब्रेरी में दोपहर करीब तीन बजे आग लगने की सूचना पर दमकल की टीम पहुंची और करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्क्त से आग पर काबू पाया। सेंटर की दिवार तोड़कर लगातार शव निकले जा रहे हैं। अब तक कुल 15 लोगों के शव निकले जा चुके हैं। जिस तरह से मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है वह डराने वाला है। मरने वालों में अधिकांश छात्र बताए जा रहे हैं।

केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर और बर्न यूनिट हाई अलर्ट पर

ताजा जानकारी के अनुसार, घटनास्थल पर मेडिकल टीमों को तैनात कर दिया गया है। संभावित घायलों के उपचार को देखते हुए केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर और बर्न यूनिट को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अस्पताल प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।



मौके पर पहुंचे डीप्टी CM बृजेश पाठक

घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, डीजीपी राजीव कृष्ण और प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद मौके पर पहुंचे तथा राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। अधिकारियों के अनुसार अब तक 13 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि अन्य लोगों की तलाश जारी है। दमकल की कई गाडियां मौके पर आग पर काबू पाने की कोशिश में जुटी हुई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी बिल्डिंग के अंदर कई लोग फंसे हो सकते हैं। ऐसे में ऑक्सीजन मास्क पहनकर दमकल कर्मियों ने बिल्डिंग के अंदर प्रवेश किया है।


आसपास की इमारतें खाली कराई गईं

एहतियातन पुलिस ने आसपास की इमारतों को खाली करा लिया है और रेस्क्यू ऑपरेशन को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए क्षेत्र में यातायात को भी डायवर्ट कर दिया गया है। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। मौके पर पुलिस, प्रशासन और दमकल विभाग के बड़ी संख्या में कर्मी मौजूद हैं तथा बचाव कार्य लगातार जारी है।

एक बिल्ली की जान बचाई

दमकल कर्मियों ने बिल्डिंग के अंदर जाकर एक बिल्ली की जान बचाई। हालाँकि अभी किसी व्यक्ति के हताहत होने या फंसे होने की पुष्टि नहीं हुई।



जान बचाने के लिए ऊपर से कूदे छात्र

आग और धुएं के बीच फंसे छात्रों ने अपनी जान बचाने के लिए कोचिंग सेंटर की ऊपरी मंजिलों से नीचे छलांग लगानी शुरू कर दी। घटना के दौरान कई बच्चे ऊपर से कूदकर बाहर निकलते दिखाई दिए। इस दौरान कई छात्र घायल हो गए। बताया जा रहा है कि कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। हालांकि अभी घायलों की आधिकारिक संख्या सामने नहीं आई है।

बताया जा रहा है कि जिस बिल्डिंग में आग लगी है वहां निचे पेट शॉप है और ऊपरी मंजिल में लिब्रेरी है। दमकल विभाग के कर्मचारी आग पर काबू पाने की कोशिशों में लगे हुए हैं।

आग की लपटें देख मची भगदड़

कोचिंग सेंटर से उठती ऊंची लपटों और घने धुएं को देखकर आसपास के लोगों में भी दहशत फैल गई। मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और लोगों ने छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया। घटना के बाद पूरे इलाके में भगदड़ जैसे हालात बन गए। परिजन भी सूचना मिलते ही मौके की ओर दौड़ पड़े।

लखनऊ कोचिंग में भीषण आग। सभी फोटो वीडियो आशुतोष त्रिपाठी



आग बुझाने में जुटीं दमकल की कई गाड़ियां

सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मी आग पर काबू पाने और भवन के भीतर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के प्रयास में जुटे हुए हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। पुलिस और प्रशासन की टीमें भी मौके पर पहुंचकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

घायलों को भेजा मेडिकल कॉलेज

घटना में घायल हुए छात्रों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा जा रहा है। राहत दल यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि भवन के भीतर कोई व्यक्ति फंसा न रह जाए। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद ही नुकसान और घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। मौके पर राहत एवं बचाव अभियान जारी है और प्रशासन लगातार हालात की निगरानी कर रहा है।

Aditya Kumar Verma
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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

Ashutosh Tripathi
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Ashutosh Tripathi

आशुतोष त्रिपाठी जन्म 17 अप्रैल 1988 एक भारतीय फोटोग्राफर और फोटो जर्नलिस्ट हैं। पत्रकारिता जीवन की शुरुआत बतौर रिपोर्टर वॉइस ऑफ़ मूवमेंट में हुई, इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। आशुतोष त्रिपाठी ने 2007 में एमिटी विश्वविद्यालय से मास्टर इन जर्नलिस्म एंड मास कम्युनिकेशन का कोर्स किया। 2010 में वौइस् ऑफ मूवमेंट अखबार में बतौर रिपोर्टर तीन साल काम किया। इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। 2014 में एक फोटोग्राफर बने और एक साल बाद दैनिक भास्कर उत्तर प्रदेश में सीनियर फोटोजर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत रहे। 2016 से लगातार newstrack.com में चीफ फोटोजर्नलिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। 2015 में एक इनके द्वारा की गयी एक बुजुर्ग टाइपिस्ट की स्टोरी ने पूरी दुनिया ख्याति प्राप्त की। 2016 में इन्हें पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए नारद पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था । 2017 में फोटोग्राफी क्लब ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फोटोग्राफी कम्पटीशन में इन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया । 2019 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित कुंभ फोटोग्राफी प्रतियोगिता में इन्होंने तृतीय पुरुस्कार मिला था ।।

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