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मिर्जापुर में बदलेगा सियासी खेल? दिव्या मित्तल की नई पार्टी से किसकी बढ़ेगी मुश्किल
Divya Mittal New Party: पूर्व IAS दिव्या मित्तल जनता शक्ति पार्टी बनाने जा रही हैं। इससे मिर्जापुर सदर से चुनाव लड़ने की तैयारी के बीच यूपी की राजनीति में नए समीकरण बनने के संकेत हैं।
Divya Mittal Party Name
Divya Mittal New Party: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh Politics) की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2027) से पहले एक नई सियासी हलचल के संकेत मिल रहे हैं। पूर्व आईएएस अधिकारी (Former IAS Officer) दिव्या मित्तल अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाने जा रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, उनकी पार्टी का नाम जनता शक्ति पार्टी (Janata Shakti Party) होगा। मिर्जापुर की पूर्व जिलाधिकारी रह चुकीं दिव्या मित्तल ने मिर्जापुर सदर विधानसभा सीट (Mirzapur Sadar Assembly Seat) से चुनाव लड़ने की तैयारी की है। उनके इस कदम से जिले की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना है। खास तौर पर अपना दल (सोनेलाल) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के राजनीतिक प्रभाव को लेकर चर्चा तेज हो सकती है।
दोपहर एक बजे नई पार्टी का ऐलान
जानकारी के अनुसार, दिव्या मित्तल गुरुवार दोपहर एक बजे अपनी नई पार्टी के गठन और राजनीतिक सफर को लेकर आधिकारिक घोषणा करेंगी। उनकी योजना मिर्जापुर सदर सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने की है। हालांकि, पार्टी के गठन, नाम और चुनाव लड़ने की रणनीति पर अंतिम स्थिति उनकी आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
दिव्या मित्तल मिर्जापुर की जिलाधिकारी (District Magistrate) रह चुकी हैं। प्रशासनिक सेवा में काम करने के बाद अब उनका राजनीति में उतरना जिले के चुनावी समीकरणों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
अनुप्रिया पटेल के गढ़ में नई चुनौती?
मिर्जापुर को लंबे समय से अनुप्रिया पटेल का राजनीतिक गढ़ माना जाता है। वह इस लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं और अपना दल (सोनेलाल) की प्रमुख नेता हैं। ऐसे में दिव्या मित्तल का मिर्जापुर से चुनाव लड़ने का फैसला स्थानीय राजनीति में मुकाबले को दिलचस्प बना सकता है।
राजनीतिक चर्चाओं के मुताबिक, दिव्या मित्तल की नजर पहले 2027 के विधानसभा चुनाव पर है। यदि उन्हें यहां राजनीतिक समर्थन मिलता है, तो भविष्य में 2029 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2029) को लेकर भी उनकी संभावित भूमिका चर्चा का विषय बन सकती है। हालांकि, लोकसभा चुनाव लड़ने की उनकी ओर से कोई आधिकारिक घोषणा सामने आने की पुष्टि नहीं है।
सपा समेत दूसरे दलों की भी नजर?
राजनीतिक जानकारों के आकलन के मुताबिक, नई पार्टी के जरिए दिव्या मित्तल की एंट्री का असर दूसरे दलों की रणनीति पर भी पड़ सकता है। यदि उनका प्रभाव चुनाव में दिखाई देता है और अनुप्रिया पटेल या उनकी पार्टी के सामने चुनौती बढ़ती है, तो समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) समेत अन्य दल भी इस नए राजनीतिक समीकरण पर नजर रख सकते हैं।
फिलहाल दिव्या मित्तल के सामने अपनी पार्टी का संगठन खड़ा करने, मतदाताओं के बीच समर्थन जुटाने और चुनावी ताकत साबित करने की चुनौती होगी। उनकी घोषणा के बाद यह देखना अहम होगा कि जनता शक्ति पार्टी उत्तर प्रदेश की राजनीति में कितना प्रभाव छोड़ पाती है।


