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EFLU लखनऊ में हिंदी माह-2026 का भव्य समापन, डिजिटल युग में हिंदी पत्रकारिता पर हुई खास चर्चा
EFLU लखनऊ में हिंदी माह-2026 का समापन हुआ। भारतीय ज्ञान परंपरा, हिंदी पत्रकारिता, कवि सम्मेलन, प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।
EFLU Lucknow: अंग्रेजी एवं विदेशी भाषा विश्वविद्यालय (EFLU) के क्षेत्रीय परिसर, लखनऊ में एक सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक आयोजित ‘हिंदी माह-2026’ का बुधवार को समापन हुआ। पूरे महीने परिसर में हिंदी भाषा, साहित्य और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधार्थियों और अकादमिक समुदाय के बीच हिंदी भाषा के सम्मान, गरिमा और साहित्यिक महत्त्व को बढ़ावा देना था।
हिंदी माह के तहत एक सितंबर को उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। इसके बाद 10 सितंबर को बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के प्रो. आर. पी. गंगवार ने ‘भारतीय ज्ञान परंपरा एवं हिंदी’ विषय पर विशेष व्याख्यान दिया। उन्होंने भारत के विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में हिंदी की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रमों की श्रृंखला में 17 सितंबर को प्रश्नोत्तरी और एकल अभिनय प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। वहीं, 24 सितंबर को अंताक्षरी, कवि सम्मेलन और कविता लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इन आयोजनों में विद्यार्थियों और प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
डिजिटल युग में हिंदी पत्रकारिता की बदलती भाषा पर व्याख्यान
30 सितंबर को आयोजित समापन समारोह में डॉ. पुष्प रंजन ने हिंदी माह के दौरान आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसके बाद मुख्य अतिथि और वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सिंह ने ‘डिजिटल युग में हिंदी पत्रकारिता की बदलती भाषा’ विषय पर विशेष व्याख्यान दिया।
उन्होंने मीडिया के विभिन्न माध्यमों में भाषा के प्रयोग को प्रभावित करने वाले कारकों पर विस्तार से चर्चा की। डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच पत्रकारिता की भाषा में हो रहे बदलाव और नए संचार माध्यमों की भूमिका को भी रेखांकित किया गया।
निदेशक ने हिंदी के व्यापक स्वरूप पर दिया जोर
समापन समारोह को संबोधित करते हुए EFLU क्षेत्रीय परिसर के निदेशक प्रो. राजनीश अरोड़ा ने हिंदी के महत्त्व पर जोर दिया। उन्होंने हिंदी भाषा के उपयोग को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता बताई।
उन्होंने कहा कि हिंदी ने अपने विकास के क्रम में विभिन्न बोलियों और अन्य भाषाओं के अनेक शब्दों को उदारतापूर्वक स्वीकार किया है। इसके चलते हिंदी का स्वरूप लगातार विकसित और समृद्ध हुआ है।
समापन संबोधन के बाद छात्र-छात्राओं ने नृत्य की प्रस्तुति दी। इसके बाद विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। निदेशक ने कार्यक्रम के समन्वयकों, प्रतियोगिताओं के विजेताओं और समारोह में शामिल सभी प्रतिभागियों को बधाई दी।
प्रो. राजनीश अरोड़ा ने प्रो. एन. नागराजू, माननीय कुलपति; श्रीमती सिनी मंचाला, कुलसचिव; और हिंदी विभाग की प्रो. टी. जे. रेखा रानी के प्रोत्साहन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
एक महीने तक चले हिंदी माह के विभिन्न आयोजनों से EFLU के क्षेत्रीय परिसर में हिंदी भाषा और साहित्य के प्रति रुचि और सम्मान को बढ़ावा मिला। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और अकादमिक समुदाय की भागीदारी ने पूरे आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


