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लखनऊ नगर निगम मुख्यालय पर किसानों की पंचायत, मार्ग किया जाम, पशु जब्त किए जाने का विरोध
Lucknow News: इसकी पूर्व सूचना होने के कारण नगर निगम मुख्यालय के द्वार पर ताला लगा दिया गया था, जिसके बाद किसानों ने हल्की बारिश के बीच बाहर बैठकर पंचायत की है।
लखनऊ नगर निगम मुख्यालय पर किसानों की पंचायत (photo; social media )
Lucknow News: भारतीय किसान यूनियन (BKU) से जुड़े सैकड़ों किसान सोमवार को लखनऊ नगर निगम मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों ने नगर निगम के अधिकारियों पर छोटे किसानों को निशाना बनाने और उनके पशुओं को अवैध तरीके से जब्त करने का आरोप लगाया है। विरोध प्रदर्शन की पूर्व सूचना होने के कारण नगर निगम मुख्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया गया था, जिसके बाद किसानों ने हल्की बारिश के बीच ही बाहर बैठकर पंचायत शुरू कर दी। जिससे मार्ग जाम हो गया है। नगर निगम मुख्यालय के बाहर भारी संख्या में पुलिस के जवान भी तैनात है।
निगम की टीम पर कार्रवाई का आरोप
किसानों ने बताया कि शुक्रवार को नगर निगम की पशु कल्याण टीम ने काकोरी के बरावन कला गांव में छोटे किसानों के पशुधन को जब्त कर लिया, जबकि गांव में चल रही अवैध डेयरियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। भाकियू के जिला अध्यक्ष आलोक वर्मा ने बताया कि इस कार्रवाई के दौरान एक गोवंश की पिटाई से मौत भी हो गई थी। इस घटना के विरोध में किसानों ने पिछले शनिवार को भी धरना दिया था, उन्होंने मांग की थी कि उनके जब्त किए गए जानवरों को तुरंत वापस किया जाए।
जानवर वापस न मिलने पर दोबारा आंदोलन
जब शनिवार की धरने के बाद भी किसानों के पशुधन वापस नहीं किए गए, तो उन्होंने सोमवार को नगर निगम मुख्यालय पर किसान पंचायत करने का ऐलान किया था। सोमवार को किसानों ने वादे के अनुसार बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर रहे है। किसानों ने कहा कि वे तब तक यहां से नहीं हटेंगे जब तक मांगें पूरी नहीं हो जाती है। इसके साथ ही गोवंश की पिटाई से मौत हो गई थी। ऐसे क्रूर कर्मचारी के ऊपर एफआईआर दर्ज की जाएं।
धरना स्थल पर ही खाने की व्यवस्था
नगर निगम मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन लंबा चलने की संभावना को देखते हुए किसानों ने धरना स्थल पर ही खाने-पीने की व्यवस्था कर ली है। मुख्यालय के बाहर ही महिला किसानों ने चूल्हा जलाकर पंचायत में शामिल हुए लोगों के लिए खाना बनाना शुरू कर दिया है। मौके पर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों को जल्द नहीं माना गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


