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आखिर 7वीं मंजिल से कैसे गिरे पूर्व मंत्री? लखनऊ के VIP इलाके में सनसनी, अस्पताल के बाहर जुटा समर्थकों का हुजूम
Nanakdeen Bhurji Dies: लखनऊ के नए विधायक परिसर में पूर्व मंत्री और भाजपा नेता नानकदीन भुर्जी की 7वीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। घटना के बाद सिविल अस्पताल के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ जुट गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है।
Nanakdeen Bhurji Dies: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लालबाग क्षेत्र स्थित नए विधायक परिसर से एक बेहद झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रमुख पदाधिकारी नानकदीन भुर्जी परिसर की 7वीं मंजिल से अचानक नीचे आ गिरे। इस भारी दुर्घटना के तुरंत बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और लोगों ने आनन-फानन में उन्हें एम्बुलेंस की मदद से नजदीकी सिविल अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल के चिकित्सकों ने भरसक कोशिश की, परंतु उन्हें बचाया नहीं जा सका और कुछ ही देर में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हृदयविदारक घटना की खबर फैलते ही पूरे राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर दौड़ गई है।
अस्पताल के बाहर जुटा समर्थकों का हुजूम
पूर्व मंत्री की अचानक हुई इस असामयिक मृत्यु का समाचार जैसे ही परिजनों, पार्टी कार्यकर्ताओं और उनके चाहने वालों तक पहुंचा, हर कोई हैरान रह गया। जिसको भी इस घटना की जानकारी मिली, वह बिना देर किए घटनास्थल और सिविल अस्पताल के मोर्चरी हाउस की तरफ दौड़ पड़ा। मृतक नेता के बेटे भी बदहवास हालत में अस्पताल पहुंचे। मोर्चरी के बाहर देखते ही देखते रोते-बिलखते स्वजनों और मायूस समर्थकों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
आखिर 7वीं मंजिल से कैसे गिरे पूर्व मंत्री?
इस दुखद घटना के बाद से ही हर नागरिक और समर्थक के मन में केवल एक ही सवाल बार-बार उठ रहा है कि आखिर नानकदीन भुर्जी 7वीं मंजिल से कैसे नीचे गिर गए? क्या यह किसी तरह का भयावह हादसा था या फिर इसके पीछे कोई बड़ी मिस्ट्री छिपी हुई है? बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार वह पार्टी के कार्यक्रमों में बेहद सक्रिय भूमिका निभाते थे और कार्यकर्ताओं के बीच काफी लोकप्रिय थे। उनके इस तरह अचानक दुनिया से चले जाने के बाद से ही हर कोई स्तब्ध है। फिलहाल इस पूरे रहस्य पर से पर्दा उठाने के लिए पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीमें लगातार पड़ताल में जुटी हुई हैं।
CCTV फुटेज और साक्ष्यों की गहन पड़ताल
घटना की सूचना प्राप्त होते ही उच्च प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भारी बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे शव को अपने कब्जे में लेकर विधिक प्रक्रियाओं के तहत पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विधायक निवास के चारों ओर स्थापित 1 से लेकर कई सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की रिकॉर्डिंग को गहराई से खंगाला जा रहा है। जांच अधिकारी वहां मौजूद चश्मदीदों और सुरक्षाकर्मियों से भी अलग-अलग बिंदु पर पूछताछ कर रहे हैं ताकि उस समय की सही स्थिति का सटीक पता लगाया जा सके।
पुलिस प्रशासन का रुख और जांच के आदेश
फिलहाल इस पूरे मामले पर पुलिस अधिकारी बेहद सावधानी बरत रहे हैं और खुलकर कोई बयान देने से बच रहे हैं। पुलिस प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि बिना पूर्ण पड़ताल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आए किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि पूरी वैज्ञानिक जांच प्रक्रिया समाप्त होने के उपरांत ही मृत्यु के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो पाएगी। दूसरी ओर, पीड़ित परिवार के सदस्य और दुखी समर्थक जल्द से जल्द निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं ताकि इस रहस्यमयी घटना की पूरी सच्चाई सभी लोगों के सामने जल्द से जल्द आ सके तथा न्याय मिल सके।


