Lucknow: हिंदू रीति-रिवाजों के साथ दो लोगों की हुई घर वापसी, विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने किया शुद्धिकरण कार्यक्रम

Lucknow: लखनऊ में विश्व हिंदू रक्षा परिषद द्वारा आयोजित घर वापसी कार्यक्रम में दो लोगों ने सनातन धर्म अपनाया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने आगामी राष्ट्रीय सम्मेलन को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

Ashutosh Tripathi
Published on: 20 Jun 2026 1:00 PM IST (Updated on: 20 Jun 2026 1:01 PM IST)
Vishwa Hindu Raksha Parishad
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Lucknow: लखनऊ में विश्व हिंदू रक्षा परिषद के कार्यालय पर शनिवार को घर वापसी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय की मौजूदगी में दो लोगों की सनातन धर्म में वापसी कराई गई। कार्यक्रम में हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना और शुद्धिकरण की प्रक्रिया संपन्न कराई गई। गोपाल राय ने बताया कि संगठन लगातार उन लोगों की सहायता कर रहा है जो किसी कारणवश अपने मूल धर्म में वापस लौटना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में दो लोगों की घर वापसी कराई गई है, जबकि दो कथित लव जिहाद पीड़ित युवतियां भी संगठन के संपर्क में हैं और उनसे बातचीत चल रही है।


उन्होंने बताया कि विश्व हिंदू रक्षा परिषद द्वारा सनातन हेल्पलाइन संचालित की जा रही है, जिस पर देश के विभिन्न राज्यों से लोग संपर्क कर रहे हैं। गोपाल राय के अनुसार हेल्पलाइन के माध्यम से लव जिहाद और अन्य मामलों से प्रभावित लोगों को सहायता प्रदान की जा रही है तथा इच्छुक लोगों की घर वापसी भी कराई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि बाराबंकी की शबनम ने सनातन धर्म अपनाकर अपना नाम संजना रखा है, जबकि गोंडा के हम्ज़ा अली अब हेमंत सिंह के नाम से जाने जाएंगे। गोपाल राय ने कहा कि संगठन उन लोगों की घर वापसी करवा रहा है जिनका कथित रूप से जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया था। उन्होंने कहा कि संगठन धर्मांतरण नहीं कराता, बल्कि लोगों को उनके मूल धर्म में वापस लाने का कार्य करता है।

गोपाल राय ने यह भी कहा कि सनातन हेल्पलाइन के माध्यम से लगातार पीड़ित लोग संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि धर्मांतरण से जुड़े मामलों के खिलाफ संगठन सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। साथ ही उन्होंने बताया कि 28 जून को बांग्लादेश में एक राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार पर चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

Ashutosh Tripathi
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Ashutosh Tripathi

आशुतोष त्रिपाठी जन्म 17 अप्रैल 1988 एक भारतीय फोटोग्राफर और फोटो जर्नलिस्ट हैं। पत्रकारिता जीवन की शुरुआत बतौर रिपोर्टर वॉइस ऑफ़ मूवमेंट में हुई, इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। आशुतोष त्रिपाठी ने 2007 में एमिटी विश्वविद्यालय से मास्टर इन जर्नलिस्म एंड मास कम्युनिकेशन का कोर्स किया। 2010 में वौइस् ऑफ मूवमेंट अखबार में बतौर रिपोर्टर तीन साल काम किया। इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। 2014 में एक फोटोग्राफर बने और एक साल बाद दैनिक भास्कर उत्तर प्रदेश में सीनियर फोटोजर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत रहे। 2016 से लगातार newstrack.com में चीफ फोटोजर्नलिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। 2015 में एक इनके द्वारा की गयी एक बुजुर्ग टाइपिस्ट की स्टोरी ने पूरी दुनिया ख्याति प्राप्त की। 2016 में इन्हें पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए नारद पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था । 2017 में फोटोग्राफी क्लब ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फोटोग्राफी कम्पटीशन में इन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया । 2019 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित कुंभ फोटोग्राफी प्रतियोगिता में इन्होंने तृतीय पुरुस्कार मिला था ।।

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