TRENDING TAGS :
बुनियादी ढांचे की बदहाली: लखनऊ के प्राइमरी स्कूल में एक कमरे में बैठीं 5 कक्षाएं, 70 बच्चों पर सिर्फ एक शिक्षक
Lucknow: लखनऊ के सरकारी प्राथमिक स्कूलों में बुनियादी ढांचे की बदहाल स्थिति सामने आई है। अहिबरनपुर में एक कमरे में 70 बच्चे पढ़ रहे हैं, जबकि फैजुल्लागंज में 175 बच्चों के लिए सिर्फ तीन कमरे उपलब्ध हैं।
Lucknow News
Lucknow Government Schools: बेसिक शिक्षा विभाग के बुनियादी ढांचे में सुधार और स्मार्ट क्लास के बड़े-बड़े दावों के बीच राजधानी के सरकारी स्कूलों की जमीनी हकीकत बेहद चिंताजनक बनी हुई है। नगर क्षेत्र (जोन-2) के सीतापुर रोड स्थित जयशंकर प्रसाद वार्ड का प्राथमिक विद्यालय अहिबरनपुर लाचार व्यवस्था का जीवंत उदाहरण बन चुका है। यह पूरा स्कूल सिर्फ एक कमरे में संचालित हो रहा है, जहां कक्षा 1 से लेकर कक्षा 5 तक के कुल 70 बच्चे एक साथ बैठने को मजबूर हैं।
एक ही टीचर के जिम्मे प्रिंसिपल और पढ़ाई का पूरा भार
स्कूल में शिक्षण और प्रशासनिक व्यवस्था का पूरा जिम्मा महज एक शिक्षिका मधु मिश्रा के कंधों पर है। स्कूल में तैनात एकमात्र शिक्षामित्र की बीएलओ (BLO) ड्यूटी लगा दिए जाने के कारण शिक्षिका को अकेले ही सभी पांचों कक्षाओं के बच्चों को संभालने के साथ-साथ प्रधानाध्यापिका के सारे प्रशासनिक काम भी निपटाने पड़ रहे हैं। एक ही कमरे में 70 बच्चों के बैठने से दिनभर शोरगुल और अव्यवस्था का माहौल रहता है, जिससे बच्चों की बुनियादी पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। अभिभावकों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
फैजुल्लागंज में 3 कमरों में 175 बच्चे, BSA ने दी सफाई
कमरों और जगह के संकट की यह स्थिति अकेले अहिबरनपुर तक सीमित नहीं है। फैजुल्लागंज तृतीय वार्ड स्थित प्राथमिक विद्यालय में 175 से अधिक बच्चे नामांकित हैं, लेकिन उनके बैठने के लिए सिर्फ 3 कमरे उपलब्ध हैं। यहां एक-एक कमरे में दो-दो कक्षाएं एक साथ चलाई जा रही हैं। यद्यपि यहां तीन शिक्षक और एक शिक्षामित्र मौजूद हैं, लेकिन बुनियादी ढांचे के अभाव में वे बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण देने में असमर्थ साबित हो रहे हैं।
मामले पर बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) विपिन कुमार का कहना है कि प्राइमरी स्कूल अहिबरनपुर बेहद सीमित स्थान पर बना है, जहां अतिरिक्त कमरों के निर्माण की गुंजाइश नहीं है। उन्होंने बताया कि पास के फैजुल्लागंज प्राथमिक विद्यालय में जमीन और कमरों की उपलब्धता की जांच कराई जा रही है; वहां जगह उपलब्ध होने पर अतिरिक्त कक्षों के निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा।


