लखनऊ में मना ‘हिंदू गौरव दिवस’, कल्याण सिंह की पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब

Lucknow: लखनऊ में कल्याण सिंह की पुण्यतिथि पर ‘हिंदू गौरव दिवस’ मनाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत हजारों लोगों ने श्रद्धांजलि दी और उनके राजनीतिक व सामाजिक योगदान को याद किया।

Newstrack Network
Published on: 21 Aug 2026 2:45 PM IST
CM Yogi Adityanath
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CM Yogi Adityanath

Lucknow: लखनऊ में शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री और राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे कल्याण सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर ‘हिंदू गौरव दिवस’ मनाया गया। इस मौके पर इकाना क्रिकेट स्टेडियम के पार्किंग परिसर में विशाल कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से करीब 5,000 लोग पहुंचे।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ कल्याण सिंह के परिवार के सदस्य और भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य कल्याण सिंह के सार्वजनिक जीवन, राष्ट्रहित में उनके योगदान और उत्तर प्रदेश के विकास के लिए किए गए कार्यों को याद करना रहा।

कल्याण सिंह के राजनीतिक जीवन को खास तौर पर राम मंदिर आंदोलन से जोड़कर देखा जाता है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए 1992 में अयोध्या में विवादित ढांचा गिराए जाने की घटना के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। भाजपा और हिंदुत्व की राजनीति में उनकी पहचान एक ऐसे नेता के तौर पर बनी, जिन्होंने राम मंदिर आंदोलन के दौरान पार्टी के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक भूमिका निभाई।

परिवार के सदस्य भी रहे मौजूद

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और कल्याण सिंह के पौत्र संदीप सिंह शामिल हुए। उनके अलावा कल्याण सिंह के बेटे और पूर्व सांसद राजवीर सिंह ‘राजू भैया’ भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कल्याण सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम के दौरान उनके राजनीतिक जीवन और प्रदेश के विकास में योगदान को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि कल्याण सिंह ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई और सामाजिक एवं राजनीतिक मुद्दों पर स्पष्ट रुख के लिए जाने गए।

2027 से पहले सियासी संदेश भी अहम

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले ‘हिंदू गौरव दिवस’ जैसे आयोजन का राजनीतिक महत्व भी देखा जा रहा है। भाजपा के लिए कल्याण सिंह की विरासत हिंदुत्व, राम मंदिर और पिछड़े वर्ग की राजनीति के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाती है।

लखनऊ में आयोजित यह कार्यक्रम ऐसे समय हुआ है, जब प्रदेश की राजनीति में जातीय समीकरणों के साथ-साथ हिंदुत्व का मुद्दा भी लगातार चर्चा के केंद्र में है। ऐसे में कल्याण सिंह की पुण्यतिथि पर हजारों लोगों की मौजूदगी और उनके योगदान को याद किया जाना भाजपा की आगामी राजनीतिक रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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