Lucknow News: मुर्शिदाबाद हिंसा के विरोध में लखनऊ में करणी सेना का आक्रोश, ममता बनर्जी का पुतला फूंका

Lucknow News: करणी सेना के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मुर्शिदाबाद में हिंदू समुदाय के लोगों पर हमले किए गए और उनकी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया। उनका दावा है कि राज्य सरकार ने इन घटनाओं पर उचित कार्रवाई नहीं की, जिसके कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हुए हैं।

Ashutosh Tripathi
Published on: 18 April 2025 4:10 PM IST (Updated on: 18 April 2025 4:26 PM IST)
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Lucknow News: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हाल ही में हुई हिंसक घटनाओं के विरोध में करणी सेना ने लखनऊ में जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने हजरतगंज क्षेत्र में एकत्रित होकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनका पुतला फूंका। इस प्रदर्शन ने मुर्शिदाबाद की घटना को लेकर देशभर में व्याप्त आक्रोश को और भी मुखर कर दिया।

करणी सेना के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मुर्शिदाबाद में हिंदू समुदाय के लोगों पर हमले किए गए और उनकी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया। उनका दावा है कि राज्य सरकार ने इन घटनाओं पर उचित कार्रवाई नहीं की, जिसके कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने पश्चिम बंगाल सरकार पर सांप्रदायिक हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की।

हजरतगंज में करणी सेना के प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर और झंडे लेकर ममता बनर्जी और पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने राज्य सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया और केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की।

मुर्शिदाबाद में जो कुछ हुआ, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है

करणी सेना के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, "मुर्शिदाबाद में जो कुछ हुआ, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हिंदू समुदाय के लोगों पर हमले किए गए, उनके घरों और दुकानों को जला दिया गया। राज्य सरकार ने अपराधियों को पकड़ने और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। हम इस अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेंगे।"

प्रदर्शनकारियों ने पश्चिम बंगाल सरकार से मांग की कि वह हिंसा में शामिल सभी अपराधियों को गिरफ्तार करे और उन्हें कड़ी सजा दे। उन्होंने पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की। करणी सेना ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वे पूरे प्रदेश में आंदोलन करेंगे।

प्रदर्शन ने लखनऊ में राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया

इस प्रदर्शन ने लखनऊ में राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है। विपक्षी दलों ने भी मुर्शिदाबाद की घटना की निंदा की और राज्य सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल सरकार सांप्रदायिक हिंसा को रोकने में विफल रही है और हिंदू समुदाय के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकाम रही है।

मुर्शिदाबाद की घटना ने देश भर में सांप्रदायिक तनाव को बढ़ा दिया है। विभिन्न हिंदू संगठनों ने इस घटना की निंदा की है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है।

करणी सेना के इस प्रदर्शन ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना राज्य सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती है और उसे यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

लखनऊ में करणी सेना के प्रदर्शन के बाद पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शांति बनाए रखने की अपील की है और उन्हें आश्वासन दिया है कि उनकी मांगों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।

यह प्रदर्शन न केवल मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा के खिलाफ था, बल्कि यह देश में सांप्रदायिक सद्भाव और कानून के शासन को बनाए रखने की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है। यह घटना हमें याद दिलाती है कि समाज के सभी वर्गों को शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।

Ashutosh Tripathi
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Ashutosh Tripathi

Chief Photojournalist Mail ID - tripathiashutosh88@gmail.comtripathiashutosh88@gmail.com

आशुतोष त्रिपाठी जन्म 17 अप्रैल 1988 एक भारतीय फोटोग्राफर और फोटो जर्नलिस्ट हैं। पत्रकारिता जीवन की शुरुआत बतौर रिपोर्टर वॉइस ऑफ़ मूवमेंट में हुई, इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। आशुतोष त्रिपाठी ने 2007 में एमिटी विश्वविद्यालय से मास्टर इन जर्नलिस्म एंड मास कम्युनिकेशन का कोर्स किया। 2010 में वौइस् ऑफ मूवमेंट अखबार में बतौर रिपोर्टर तीन साल काम किया। इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। 2014 में एक फोटोग्राफर बने और एक साल बाद दैनिक भास्कर उत्तर प्रदेश में सीनियर फोटोजर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत रहे। 2016 से लगातार newstrack.com में चीफ फोटोजर्नलिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। 2015 में एक इनके द्वारा की गयी एक बुजुर्ग टाइपिस्ट की स्टोरी ने पूरी दुनिया ख्याति प्राप्त की। 2016 में इन्हें पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए नारद पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था । 2017 में फोटोग्राफी क्लब ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फोटोग्राफी कम्पटीशन में इन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया । 2019 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित कुंभ फोटोग्राफी प्रतियोगिता में इन्होंने तृतीय पुरुस्कार मिला था ।।

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