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Lucknow News: लोहिया संस्थान में पहली बार रोबोट से किडनी ट्रांसप्लांट, कम खर्च में हो गया इलाज
Lucknow News: 18 वर्षीय युवती को रोबोटिक सर्जरी से मिला नया जीवन, सरकारी क्षेत्र में लोहिया संस्थान बना यूपी का दूसरा केंद्र, निजी अस्पतालों से एक तिहाई खर्च।
लोहिया संस्थान में पहली बार रोबोट से किडनी ट्रांसप्लांट, कम खर्च में हो गया इलाज (Photo- Social Media)
Lucknow News: डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) के यूरोलॉजी विभाग ने उन्नत शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में ऐतिहासिक छलांग लगाई है। संस्थान में पहली बार रोबोट की सहायता से सफल रीनल ट्रांसप्लांट (RART) किया गया। एसजीपीजीआई के बाद उत्तर प्रदेश के सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा (सरकारी) क्षेत्र में यह अत्याधुनिक रोबोटिक सुविधा देने वाला लोहिया दूसरा संस्थान बन गया है।
निजी अस्पतालों की तुलना में एक तिहाई खर्च
यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. ईश्वर राम धायल के अनुसार, एंड स्टेज रीनल डिजीज (गुर्दे की विफलता) से पीड़ित 18 वर्षीय युवती का यह ट्रांसप्लांट महज ₹4.25 लाख के खर्च में संपन्न हुआ, जबकि निजी कॉर्पोरेट अस्पतालों में इस तकनीक से प्रत्यारोपण का खर्च ₹10 से ₹12 लाख तक आता है।
छोटे चीरे और त्वरित रिकवरी
हैदराबाद के किम्स (KIMS) अस्पताल के वरिष्ठ ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. समित चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में आरएमएल की टीम ने यह कीर्तिमान रचा। पारंपरिक ओपन सर्जरी के 8-10 इंच बड़े चीरे के मुकाबले रोबोटिक सर्जरी में मात्र कुछ मिलीमीटर के सूक्ष्म सुराखों के जरिए नई किडनी प्रत्यारोपित की गई। इससे रक्त की न्यूनतम हानि हुई, ऑपरेशन के बाद का दर्द न के बराबर रहा और मरीज तेजी से सामान्य दिनचर्या की ओर बढ़ रही है।
सर्जरी टीम: प्रो. डॉ. ईश्वर राम धायल, प्रो. आलोक श्रीवास्तव, प्रो. संजीत सिंह, डॉ. मुक्तेश्वर, डॉ. आलोक दत्ता और डॉ. प्रवीण समेत नर्सिंग व ओटी स्टाफ।


